Bareilly News: आईटीबीपी की तृतीय वाहिनी ने मनाया 63वां स्थापना दिवस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का दोहराया संकल्प
बरेली में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की तृतीय वाहिनी ने सोमवार को अपना 63वां स्थापना दिवस मनाया। सेनानी पवन सिंह ने परेड की सलामी ली और जवानों को बधाई दी। इस दौरान शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
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बरेली में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की तृतीय वाहिनी ने सोमवार को वाहिनी परिसर में 63वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जिसमें जवानों ने शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प दोहराया। परेड की सलामी वाहिनी के सेनानी पवन सिंह ने ली, जबकि सहायक सेनानी सुरेंद्र सिंह ने इसका नेतृत्व किया।
कार्यक्रम में द्वितीय कमान जगमोहन उपाध्याय, उप सेनानी मोहित वर्मा और दण्डपाल गोपीचंद सहित कई अधिकारी व हिमवीर मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद सेनानी पवन सिंह ने जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस वाहिनी की स्थापना एक जून 1963 को हरियाणा के राई (वर्तमान में सोनीपत) में हुई थी। स्थापना काल से ही वाहिनी ने लेह, लद्दाख, रिकांगपिओ, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारत-चीन सीमा की सुरक्षा की है। इसके साथ ही आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद व नक्सल विरोधी अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वाहिनी ने चुनाव ड्यूटी, अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और सीमा पार अपराधों को रोकने में भी अग्रिम भूमिका निभाई है। स्थापना दिवस पर मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों को भी याद किया गया। शहीद कमरुद्दीन, शहीद रमेश चंद, शहीद गंगा प्रसाद और शहीद योगेन्द्र सिंह को अधिकारियों और जवानों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्र सेवा का संकल्प
समारोह के अंत में सेनानी पवन सिंह ने सभी जवानों से राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहने की अपील की। उन्होंने आईटीबीपी के मूल ध्येय वाक्य 'शौर्य, दृढ़ता एवं कर्मनिष्ठा' को जीवन में उतारने पर जोर दिया। सेनानी ने बल की गौरवशाली परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। यह संदेश जवानों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित करता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
इस विशेष अवसर पर वाहिनी परिसर में जवानों के लिए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पारंपरिक 'बड़े खाने' का भी प्रबंध किया गया, जिससे जवानों में उत्साह दिखा। पूरा परिसर उत्सव के माहौल में डूबा रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान की गूंज और स्थापना दिवस की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।