LPG Crisis: सप्ताहभर पहले कराई बुकिंग, अब तक घर नहीं पहुंचा गैस सिलिंडर, बरेली में सरकारी दावे हो रहे फेल
बरेली में रसोई गैस की किल्लत के बीच धड़ाधड़ बुकिंग हो रही है, लेकिन उपभोक्ताओं के घर पर समय से सिलिंडर नहीं पहुंच रहे हैं। जबकि सरकारी दावे के मुताबिक बुकिंग के 48 घंटे में सिलिंडर उपभोक्ता के घर पहुंचना चाहिए।
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बरेली में रसोई गैस की बुकिंग के 48 घंटे के भीतर सिलिंडर घर पहुंचने के सरकारी दावे को पेट्रोलियम कंपनियों के बैकलॉग की रिपोर्ट खारिज कर रही है। प्रत्येक कंपनी की कई गैस एजेंसियों पर करीब सप्ताह भर से ज्यादा का बैकलॉग है। कुछ एजेंसियां तो दो सप्ताह पहले की बुकिंग पर सिलिंडर की डिलीवरी नहीं कर पाई हैं। लिहाजा, गैस खत्म होने से उपभोक्ताओं के घरों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। वह गैस एजेंसी और गोदाम के चक्कर काट रहे हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन एप और फोन से बुकिंग के बावजूद समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा। पड़ोसियों से या बाजार से महंगे दाम पर सिलिंडर खरीदकर काम चला रहे हैं। दूसरी ओर, गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि 20 दिनों से बुकिंग में इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों के मुकाबले रोजाना दो से तीन गुना अधिक बुकिंग होने से सिलिंडरों की डिलीवरी में दिक्कत आ रही है।
नरियावल स्थित गैस एजेंसी के संचालक के मुताबिक, पहले रोजाना करीब दो सौ बुकिंग हो रही थीं। अब यह आंकड़ा तीन सौ पहुंच गया है। इसके सापेक्ष डिलीवरी के लिए स्टाफ और वाहनों की संख्या सीमित है। अतिरिक्त व्यवस्था करने पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा जो मुमकिन नहीं है। सिलिंडरों की आवक के सापेक्ष अधिक बुकिंग होना भी नि इसकी अहम वजह है। इसलिए भी देरी हो रही है।
बुकिंग के पांच दिन बाद भी नहीं मिला सिलिंडर
कृष्णानगर की मनीषा चौहान ने बताया कि जो सिलिंडर इस्तेमाल हो रहा है, वह कभी भी खत्म हो सकता है। बुकिंग किए पांच दिन हो गए पर अब तक सिलिंडर घर नहीं पहुंचा। मिनी बाइपास निवासी संध्या ठाकुर ने कहा कि पड़ोस में कई लोगों को बुकिंग के बावजूद समय पर सिलिंडर नहीं मिला। नया सिलिंडर लगाया तभी बुकिंग कर दी थी, पर अभी मिला नहीं।
इन गैस एजेंसियों पर सर्वाधिक बैकलॉग
शनिवार तक की पेंडेसी रिपोर्ट के अनुसार, धर्मेंद्र गैस एजेंसी, वनिका गैस एजेंसी, सत्येंद्र भारत गैस ग्रामीण वितरक, चंद्रा गैस एजेंसी, राज गैस एजेंसी, बांके बिहारी जी गैस एजेंसी, अग्रवाल गैस एजेंसी, सुमंगल गैस एजेंसी, आरके इंटरप्राइजेज, अहमद भारत गैस सर्विस पर सौ से ज्यादा डिलीवरी लंबित हैं। बताते हैं कि इंडेन और एचपी की ओर से सप्ताहभर से पेंडेंसी रिपोर्ट ही जारी नहीं की जा रही है।
बुकिंग तो कर दी पर सिलिंडर ही खाली नहीं
ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव आदर्श गुप्ता के मुताबिक, पोर्टल पर सिलिंडरों की डिलीवरी संबंधी पेंडेंसी की एक वजह जबरन बुकिंग है। एलपीजी किल्लत और कई दिन बाद डिलीवरी का हल्ला होने पर जिन उपभोक्ता का सिलिंडर हाल में खाली हुआ है, उन्होंने भी नई बुकिंग कर दी है। कुछ ने पता बदल लिया, लेकिन एजेंसी पर उसे अपडेट नहीं कराया।
कुछ ओटीपी बताने से कतराते हैं तो कुछ ऐसे हैं जिनके घर पर मोबाइल फोन नहीं होने से ओटीपी नहीं मिल पाता। स्टाफ सिलिंडर लेकर लौट रहा है। बुकिंग दस दिन से पहले कैंसिल नहीं कर सकते। एजेंसी से बुकिंग और डिलीवरी की व्यवस्था ठप है। सीधे गोदाम से उपभोक्ता को सिलिंडर नहीं दे सकते। घर पर ही डिलीवरी का नियम है।
जिले में एलपीजी वितरण का हाल
- 91 गैस एजेंसियां (भारत की 24, इंडेन की 60, एचपी की सात)।
- 10,07,052 उपभोक्ता, 4,16,732 उज्ज्वला योजना के लाभार्थी।
- 10 मार्च से पूर्व रोजाना 20-22 हजार बुकिंग, अब 45 हजार पार।
- 30 हजार गैस सिलिंडर की रोजाना डिलीवरी का दावा।
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि बुकिंग के सापेक्ष नियमित सिलिंडर डिलीवर के निर्देश एजेंसियों को दिए हैं। पूर्व की तुलना में अब बुकिंग घटी है। बैकलॉग को जल्द खत्म करने के लिए कहा गया है। पूर्ति निरीक्षक क्षेत्रवार निगरानी कर रहे हैं। हेल्पडेस्क पर आ रही शिकायतों का समाधान कराया जा रहा है। जिले में एलपीजी आपूर्ति पर्याप्त है।