Bareilly News: शहर की सांस्कृतिक पहचान और खासियत बयां करेंगे प्रमुख चौराहे, नए सिरे से संवारने की कवायद शुरू
बरेली के प्रमुख चौराहों को नए सिरे से सजाया और संवारा जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। योजना के मुताबिक चौराहों को इस तरह संवारा जाएगा, जिससे ये शहर की संस्कृति और खासियत का भी परिचायक बनें।
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बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) शहर के बाहरी हिस्सों को चमकाने के प्रयास में लगा हुआ है। इस कड़ी में नगर निगम अब शहर के आंतरिक हिस्सों को नए सिरे से संवारने की कवायद में जुटा है। नगर निगम प्रशासन ने तय किया है कि शहर के प्रमुख चौराहे इसकी खासियत का परिचायक बनें। साथ ही, शहर का सौंदर्य भी बढ़े। इसी कड़ी में शहर में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को भी बढ़ावा देने की तैयारी है।
विकसित भारत @ 2047 की परिकल्पना के मद्देनजर नगर निगम प्रशासन महानगर के विकास का खाका तैयार करा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि शहर में ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण को कम किया जा सके। इस कार्ययोजना का उद्देश्य इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट प्लानिंग के जरिये सड़क सुरक्षा को बढ़ाना, जाम व आवागमन की देरी को कम करके यातायात प्रणाली को सुचारु, तेज व सुरक्षित करना और प्रमुख चौराहों को आमजन के लिए सुलभ बनाना भी है।
इसमें पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों को सुरक्षित जगह देने के साथ ही पैदल क्रॉसिंग, ऑटो और सिटी बस स्टॉप के लिए बेहतर विकल्प भी शामिल किए गए हैं। इसी क्रम में शहर के 10 प्रमुख चौराहों के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें खास बात यह है कि शहर की विरासत को सहेजते हुए इसकी विशिष्टता के प्रतीक त्रिशूल, डमरू, रुद्राक्ष और बेलपत्र को चिह्नित चौराहों पर स्थापित किया जाएगा।
ये 10 चौराहे किए गए हैं चिह्नित
मिनी बाइपास चौराहा, सौ फुटा तिराहा, ईंट पजाया चौराहा, श्यामगंज चौराहा, बरेली कॉलेज चौराहा, सेटेलाइट बस स्टैंड चौराहा, बीसलपुर चौराहा, चौकी चौराहा, चौपुला चौराहा, नॉवेल्टी चौराहा।
ये विकास कार्य हैं प्रस्तावित
चिह्नित 10 चौराहों को कम से कम 50 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। स्थान की उपलब्धता के अनुसार चौड़ाई को बढ़ाया भी जा सकता है। यातायात के दबाव का अध्ययन कर ट्रैफिक सिग्नल की लाइटिंग व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। इन चौराहों के आसपास सड़क की पटरियों पर ठेला और अन्य किस्म की अस्थायी दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी। इन चौराहों के 200 मीटर के दायरे में स्थित डिवाइडरों के अनावश्यक कट बंद किए जाएंगे और पर्यावरण प्रदूषण के लिहाज से पौधे लगाए जाएंगे।
चौराहों के समीप ही ऑटो स्टैंड, बस स्टॉप और यात्री पड़ाव स्थल बनाए जाएंगे। शौचालय, पानी और बरेली की खासियत बताने वाले फूड स्टॉल की व्यवस्था की जाएगी। सभी चौराहों के समीप ही पुलिस पिकेट स्थापित की जाएगी और सीसी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था रहेगी। छुट्टा पशु सड़क पर न आ सकें, इसकी निरंतर निगरानी भी की जाएगी।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि विकसित भारत @ 2047 की परिकल्पना को ध्यान में रखकर बरेली की विरासत को संरक्षित कर सुनियोजित विकास की वृहद कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। इसी के अनुरूप शहर के 10 प्रमुख चौराहों का नए सिरे से कायाकल्प कराया जाएगा।
