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Bareilly News: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से नवजात बच्ची लापता, मां ने बेचने का लगाया आरोप; जांच के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Thu, 19 Mar 2026 10:47 AM IST
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सार
बरेली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्लिया से नवजात बच्ची लापता हो गया। पीड़ित दंपती को जब बच्ची नहीं मिली तो उन्होंने डीएम से गुहार लगाई। महिला का आरोप है कि उनकी बच्ची को बेच दिया गया है। डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
पीड़ित दंपती ने डीएम से लगाई गुहार
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बरेली के आंवला तहसील क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बल्लिया से नवजात के लापता होने का मामला सामने आया है। भमोरा थाना क्षेत्र के गांव झिंदरी निवासी कमलेश ने बुधवार को डीएम से शिकायत की। आरोप लगाया कि उनकी बच्ची को बेच दिया गया है। उन्होंने बताया कि बच्ची के जन्म के बाद वह बेहोश हो गई थीं। होश आया तो जिम्मेदारों ने बच्ची को मृत बता दिया गया, लेकिन उसका शव नहीं दिया गया। अफसरों के शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इस पर डीएम ने सीएमओ को तलब कर लिया। साथ ही, एसडीएम आंवला की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है।
चार माह पुराना है मामला
कमलेश के मुताबिक, उनका पति रमेश राजस्थान में मजदूरी करता है। उनकी पांच बेटियां और एक बेटा है। चार माह पहले उसका सामान्य प्रसव बल्लिया सीएचसी में हुआ था। प्रसव के वक्त अधिक रक्तस्राव के कारण वह बेहोश हो गईं। होश आया तो अस्पताल स्टाफ ने बताया कि बेटी हुई थी, लेकिन उसकी मृत्यु हो गई। शव किसे सौंपा गया, इसका जवाब नहीं मिला। घटना के वक्त रमेश राजस्थान में थे। कमलेश के साथ गांव की कुछ महिलाएं थीं जो प्रसव के बाद घर लौट गई थीं। दो दिन बाद उसे घर भेज दिया गया।
कमलेश ने बच्ची के बारे में एएनएम और आशा कार्यकर्ता से भी पूछा, लेकिन उन्होंने जानकारी न होने की बात कही। तीन महीने बाद रमेश के लौटने पर आंवला तहसील में और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की। काफी प्रयास के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला तो बुधवार को मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी।
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चार माह पुराना है मामला
कमलेश के मुताबिक, उनका पति रमेश राजस्थान में मजदूरी करता है। उनकी पांच बेटियां और एक बेटा है। चार माह पहले उसका सामान्य प्रसव बल्लिया सीएचसी में हुआ था। प्रसव के वक्त अधिक रक्तस्राव के कारण वह बेहोश हो गईं। होश आया तो अस्पताल स्टाफ ने बताया कि बेटी हुई थी, लेकिन उसकी मृत्यु हो गई। शव किसे सौंपा गया, इसका जवाब नहीं मिला। घटना के वक्त रमेश राजस्थान में थे। कमलेश के साथ गांव की कुछ महिलाएं थीं जो प्रसव के बाद घर लौट गई थीं। दो दिन बाद उसे घर भेज दिया गया।
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कमलेश ने बच्ची के बारे में एएनएम और आशा कार्यकर्ता से भी पूछा, लेकिन उन्होंने जानकारी न होने की बात कही। तीन महीने बाद रमेश के लौटने पर आंवला तहसील में और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की। काफी प्रयास के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला तो बुधवार को मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी।
अफसर क्या बोले
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि जांच टीम में एसडीएम आंवला विदुषी सिंह, इंस्पेक्टर आंवला कुंवर बहादुर सिंह, एडिशनल सीएमओ डॉ. राकेश, प्रभारी चिकित्साधिकारी आलमपुर जाफराबाद डॉ. विवेक को शामिल किया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में आया है। मामले की गहनता से जांच की जाएगी। जो भी इस कृत्य में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि जांच टीम का गठित कर दी है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि जांच टीम में एसडीएम आंवला विदुषी सिंह, इंस्पेक्टर आंवला कुंवर बहादुर सिंह, एडिशनल सीएमओ डॉ. राकेश, प्रभारी चिकित्साधिकारी आलमपुर जाफराबाद डॉ. विवेक को शामिल किया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में आया है। मामले की गहनता से जांच की जाएगी। जो भी इस कृत्य में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि जांच टीम का गठित कर दी है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।