Bareilly News: बिजली कटौती से फीकी पड़ रही सोने की चमक, स्वर्णकारी का काम हो रहा प्रभावित
बरेली में भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती से सराफा कारोबार से जुड़े कारीगरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इससे सोने के गहने बनाने का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
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बरेली में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने सराफा कारोबार से जुड़े कारीगरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिना कूलर और पंखे के बंद कमरों में स्वर्णकारी की जाती है। दिन में 40 डिग्री से अधिक पारा होने के चलते काम करना संभव नहीं होता। रात में बिजली कटौती के चलते काम प्रभावित हो रहा है। इसका असर सोने की चमक पर भी पड़ रहा है।
कारोबारियों के मुताबिक, शहर में स्वर्णकारी का काम छोटी बमनपुरी, बड़ी बमनपुरी और पुराना शहर में होता है। इन इलाकों में सघन बस्ती है। गर्मी के लोकल फाल्ट के चलते बिजली गुल होने की समस्या भी सबसे ज्यादा इन्हीं इलाकों में रहती है। रात में भी बमुश्किल चार से पांच घंटे ही बिजली मिलती है। वोल्टेज घटने-बढ़ने से स्वर्णकारी संबंधी उपकरणों के फुंकने की आशंका रहती है। भरपूर बिजली न आने से इन्वर्टर भी जल्द डिस्चार्ज हो जाते हैं।
कारीगरों ने बताया कि फिलहाल कोई त्योहार और सहालग सीजन न होने से आगामी दिनों के ऑर्डर इसी दौरान बनाए जाते हैं ताकि समय पर ग्राहकों को गहने मिल सकें। लेकिन बिजली बाधित होने से सामान्य दिनों में चार दिन में तैयार होने वाले ऑर्डर को बनाने में आठ से दस दिन लग रहे हैं। बार-बार बिजली गुल होने से काम में निखार भी कम आ पा रहा है।
जनरेटर चलाएंगे तो खर्चा निकालना होगा मुश्किल
स्वर्णकार दिनेश वर्मा के मुताबिक, सोने के दाम पहले ही डेढ़ लाख के पार हैं। डीजल की कीमत भी बढ़ती जा रही है। गहनों की मेकिंग अगर जनरेटर चलाकर होगी तो मुनाफा तेल में ही निकल जाएगा। कारीगरों को मेहनताना दे पाना भी कठिन होगा। गर्मी के चलते दिन में काम के बजाय देर रात तक ज्वेलरी पॉलिशिंग, डिजाइनिंग, फिनिशिंग का काम कर रहे हैं, ताकि ऑर्डर समय पर पूरे किए जा सकें।
धीमी पड़ रही काम की रफ्तार, नोकझोंक की नौबत
स्वर्णकार विशाल रस्तोगी के मुताबिक, बिजली गुल रहने से सुनारी काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है। हालात यह हैं कि आभूषणों के ऑर्डर समय पर तैयार नहीं हो पा रहे हैं, जिससे स्वर्णकार और सराफा कारोबारियों के बीच नोकझोंक की नौबत आ रही है। ग्राहक तय तारीख पर ही ऑर्डर लेने पहुंचते हैं लेकिन उत्पादन प्रभावित होने से समय पर डिलीवरी मुश्किल हो रहा है।
बरेली सराफा एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश अग्रवाल के मुताबिक सोने-चांदी के आभूषण बनाने में लगातार बिजली मिलना जरूरी है। कास्टिंग, डाई कटिंग, पॉलिशिंग, डिजाइनिंग जैसे तमाम काम मशीनों पर निर्भर हैं। बार-बार बिजली जाने से काम बीच में रुकता है, गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। सराफा और कारीगर बहुल क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की है पर अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।