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Bareilly News: हटाए गए शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:33 AM IST
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बरेली। जनपद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन को लेकर विवाद गहरा गया है। शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर पूर्व में हटाए गए शिक्षकों को उनके मूल एकल विद्यालयों में वापस भेजने की मांग की है।
शिक्षकों का आरोप है कि पिछले समायोजन में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियमों का उल्लंघन हुआ। इससे कई विद्यालय एकल या शिक्षक विहीन हो गए। उन्होंने बताया कि कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों से भी नियम विरुद्ध तरीके से शिक्षकों को हटाया गया।
प्रशासन पर एकल विद्यालयों की परिभाषा मनमाने ढंग से बदलने का आरोप लगाया। शिक्षकों ने उच्च न्यायालय के 20 फरवरी 2026 के आदेश का हवाला दिया है। कहा कि न्यायालय ने निर्देश दिया था कि एकल हो रहे स्कूलों से शिक्षकों को कार्यमुक्त न किया जाए। जिन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया है या जिन्होंने नई जगह कार्यभार ग्रहण कर लिया है, उन्हें पुराने विद्यालयों में वापस भेजा जाए।
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शिक्षकों ने बीएसए से अपील की है कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन किया जाए। सबसे पहले पूर्व में हटाए गए शिक्षकों को उनके पुराने एकल विद्यालयों में वापस भेजा जाए। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही वर्तमान समायोजन की अगली कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाए।
शिक्षकों का आरोप है कि पिछले समायोजन में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियमों का उल्लंघन हुआ। इससे कई विद्यालय एकल या शिक्षक विहीन हो गए। उन्होंने बताया कि कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों से भी नियम विरुद्ध तरीके से शिक्षकों को हटाया गया।
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प्रशासन पर एकल विद्यालयों की परिभाषा मनमाने ढंग से बदलने का आरोप लगाया। शिक्षकों ने उच्च न्यायालय के 20 फरवरी 2026 के आदेश का हवाला दिया है। कहा कि न्यायालय ने निर्देश दिया था कि एकल हो रहे स्कूलों से शिक्षकों को कार्यमुक्त न किया जाए। जिन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया है या जिन्होंने नई जगह कार्यभार ग्रहण कर लिया है, उन्हें पुराने विद्यालयों में वापस भेजा जाए।
शिक्षकों ने बीएसए से अपील की है कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन किया जाए। सबसे पहले पूर्व में हटाए गए शिक्षकों को उनके पुराने एकल विद्यालयों में वापस भेजा जाए। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही वर्तमान समायोजन की अगली कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाए।