Bareilly News: आरोपी ऋषभ ठाकुर की गिरफ्तारी पर बहन ने जारी किया वीडियो, पुलिस पर लगाया पीटने का आरोप
बरेली में दूसरे समुदाय के युवक को पीटने और छात्रा से अभद्रता करने के आरोपी ऋषभ ठाकुर के बचाव में उसकी बहन ने वीडियो जारी किया है। आरोपी की बहन ने पुलिस पर ऋषभ को पीटने का आरोप लगाया है।
विस्तार
बरेली में आठ मुकदमे दर्ज होने के बाद जेल भेजे गए जिला बदर आरोपी ऋषभ ठाकुर की बहन ने एक वीडियो जारी कर पुलिस अधिकारियों पर निशाना साधा है। इस वीडियो में हवालात में बंद ऋषभ ठाकुर का वीडियो भी जोड़ा गया है, जिसमें आरोपी ने पुलिस अधिकारी पर पटे से पीटने का आरोप लगा रहा है। वीडियो में ऋषभ की बहन बता रही है कि ठिरिया के निवासी दूसरे समुदाय के लोगों के सामने ही ऋषभ की पिटाई की गई। आरोप लगाया कि एक अधिकारी ने उसे 35 से 40 पटे मारे हैं।
शहर में खुद को हिंदूवादी नेता साबित करने की कोशिश में जुटे ऋषभ ठाकुर पर लगातार वसूली के आरोप लग रहे हैं। पहले स्पा सेंटर संचालिका से बातचीत में रुपये मांगने की ऑडियो रिकार्डिंग वायरल हुई और अब दुबई से लौटे युवक को पीटने और रुपये छीनने के साथ ही दो हजार रुपये अपने दोस्त को यूपीआई कराने की पुष्टि हुई है। आरोपी ऋषभ को जिला बदर होने की अवधि में लगातार दूसरी बार शहर में ही पकड़ा गया है।
विस्तार से जानते हैं पूरा मामला
कैंट निवासी युवक शोएब की पिटाई और उसके साथ मौजूद छात्रा से अभद्रता के मामले में कैंट थाना पुलिस एक दिन पहले तक अज्ञात आरोपी की तलाश कर रही थी। ऋषभ की आईडी से वायरल वीडियो देखकर पुलिस ने रविवार रात ही उसे गिरफ्तार कर लिया था। एसपी सिटी मानुष पारीक व सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने उससे पूछताछ की। सुभाष नगर निवासी ऋषभ ठाकुर ने स्वीकार किया कि 28 मार्च की शाम दोस्त आकाश ने उसे फोन कर बताया कि एक लड़का-लड़की पहलवान बाबा मंदिर के पास घूम रहे हैं। ऋषभ वहां पहुंचा तो उसके साथी अंकित, कन्हैया और भारत दोनों को घेरे खड़े थे।
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उसने दोस्तों के साथ शोएब को धमकाया और पिटाई की। दुबई से लौटे शोएब से सात हजार रुपये छीन लिए। फिर दो हजार रुपये ऑनलाइन डलवा लिए। अगले दिन उसने शोएब की पिटाई का वीडियो वायरल किया था। सुभाषनगर पुलिस ने उसे जिला बदर कर रखा था, लेकिन वह घर के आसपास ही छिपकर रह रहा था। पुलिस ने लूटी गई रकम में से 3300 रुपये व एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
दूसरों के नाम बताकर फंसाया
सीओ प्रथम ने बताया कि पुलिस ने रविवार रात ऋषभ से पूछताछ की तो उसने अपने दोस्त आकाश का नाम बताया। उसके मोबाइल से जो रकम गई थी, वह कन्हैया नाम की आईडी पर गई थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर कैंट से आकाश और कन्हैया को हिरासत में ले लिया। इन दोनों ने खुद को बेगुनाह बताया।
पुलिस ने जांच की तो जिस आकाश का नंबर बताकर कॉल आने का दावा ऋषभ ने किया था, उसकी आईडी सिविल लाइंस निवासी युवक निकली। जिस आईडी पर रुपये गए, वह इंदौर से संचालित हो रही थी। पुलिस ने सोमवार को आकाश व कन्हैया को इस शर्त पर छोड़ दिया कि जांच पूरी होने तक वे शहर नहीं छोड़ेंगे। आरोपी ऋषभ को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
आरोपी पर दो नई रिपोर्ट दर्ज
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि ऋषभ पर कैंट थाने में ही दो नई रिपोर्ट लिखी गई हैं। एक मामला वसूली व मारपीट का तो दूसरा जिला बदर होने के बाद भी कैंट थाना क्षेत्र की सीमा में अपराध करने का है। वह कई नाम बता रहा है, लेकिन अब नंबरों की सीडीआर व जिस खाते में रुपये ट्रांसफर कराए गए हैं, उसकी डिटेल के बाद ही सही आरोपी को चिह्नित कर गिरफ्तारी की जाएगी। थाने बुलाए दोनों लड़कों को फिलहाल घर भेज दिया है।