Bareilly News: लावारिस कुत्ते ने किया पांच साल के बच्चे पर हमला, गंभीर रूप से घायल
बरेली में शहर से लेकर देहात क्षेत्रों तक लावारिस कुत्तों का आतंक है। आंवला क्षेत्र के बेहटा चौधरी गांव में पांच वर्षीय बच्चे पर लावारिस कुत्ते ने हमला कर दिया, जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।
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बरेली के आंवला क्षेत्र के बेहटा चौधरी गांव निवासी पांच वर्षीय संजीव पर लावारिस कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्चे के पिता विकास ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम उनका बेटा घर के बाहर खेल रहा था। गांव के लोग अलाव सेंक रहे थे। तभी एक कुत्ते ने संजीव के चेहरे पर हमला कर दिया। इससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया।
बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिवार वाले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस से विकास अपने बेटे को जिला अस्पताल लाए, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद गांव के लोगों में गुस्सा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में घूम रहे लावारिस कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।
चार साल में तीन मासूमों की गई जान
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नगर निगम कुत्तों व बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए कतई गंभीर नहीं है। बरेली में यह हाल तब है, जबकि चार साल में कुत्तों के हमलों में तीन मासूमों की जान जा चुकी है। वहीं, हर माह जिले के तीन हजार लोग कुत्ते, बिल्ली, बंदर, सियार के काटने से जख्मी हो रहे हैं। उनको एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) की डोज लगाई जा रही हैं।
नगर निगम क्षेत्र में आने वाले बंडिया, तिलियापुर, मथुरापुर में कुत्तों से काटने की सर्वाधिक घटनाएं हुई हैं। मार्च 2023 में घर के बाहर खेल रही परी पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
मई 2023 में अयान और रोहनी पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। इससे दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए टीम बनाई गई, कुछ कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की गई, लेकिन घटनाएं नहीं रुकीं। अप्रैल 2023 के बाद हुई घटनाओं में पांच दिन के अंदर ही हिना, जीशान, वेदप्रकाश, विष्णु आदि को कुत्तों ने जख्मी कर दिया था।
शहर के इन इलाकों में कुत्तों का आतंक
तमाम घटनाओं के बावजूद शहर में जगह-जगह आपको कुत्तों के झुंड दिख जाएंगे। इनका आतंक केवल सीवीगंज तक ही सीमित नहीं, बल्कि संजयनगर, सुभाषनगर, कुतुबखाना, रोहली पुराना शहर, बाकरगंज टोला, आदि इलाकों में भी है। नगर निगम अब तक परसाखेड़ा में बनकर तैयार एनिमल वर्थ कंट्रोल सेंटर का संचालन शुरू नहीं करा सका है।
शहरवासियों को बेसहारा पशुओं के आतंक से भी निजात नहीं मिल पा रही है। शहर की सभी सड़कों और चौराहों पर दिन-रात आपको गोवंशीय पशुओं का झुंड डेरा जमाए दिख जाएगा। सुभाषनगर थाने के पास, बदायूं रोड, पीलीभीत रोड पर अक्सर गोवंश मंडराते रहते हैं। घने कोहरे के दौरान अक्सर इनकी वजह से हादसे होते रहते हैं।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि कुत्तों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिन मोहल्लों से शिकायत आती है, वहां टीम भेजकर कुत्तों को पकड़वाया जा रहा है।