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Bareilly News: तब्बू ने कुश्ती चैंपियनशिप में मनवाया लोहा, खेलो इंडिया गेम्स के लिए किया क्वालीफाई
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 21 Mar 2026 11:54 PM IST
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बरेली। फरीदपुर निवासी तब्बू बनवाला ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कुश्ती चैंपियनशिप में शीर्ष-5 खिलाड़ियों में जगह बनाकर लोहा मनवाया। इसके बाद उन्होंने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है। यह उपलब्धि उन्होंने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित चैंपियनशिप में हासिल की। तब्बू पिछले तीन साल से ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर रही हैं। इनमें तीन स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं।
पिता ने मिली प्रेरणा
तब्बू की सफलता, संघर्ष और मेहनत की कहानी है। उन्होंने बताया कि उनके पिता पहलवानी करते थे। उनके कारण ही तब्बू की रुचि कुश्ती के प्रति बढ़ी। परिवार के पालन-पोषण के लिए पिता ने पहलवानी छोड़कर खेती-बाड़ी की। सीमित आय की वजह से परिवार को कई बार आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसका असर तब्बू की डाइट पर भी पड़ता है। इसके बावजूद पिता तब्बू की हर संभव मदद करके आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
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मैट पर अभ्यास के लिए जाना पड़ता है हरियाणा, बेहतर सुविधाओं की दरकार
अभ्यास करने के लिए भी तब्बू ने चुनौतियों का सामना किया है। वह मिट्टी और मैट, दोनों पर कुश्ती करती हैं। जिले में मैट की सुविधा न होने के कारण तब्बू को हरियाणा जाना पड़ता है। वहां बुआ के घर ठहरती हैं। प्रतियोगिता से पहले मैट पर अभ्यास करके तैयारियों को अंतिम रूप देती हैं। बरेली में भी रोजाना दो सत्रों में आठ घंटे मिट्टी पर अभ्यास करती हैं। तब्बू ने बताया कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं की दरकार है। बेहतर सुविधाओं और डाइट मिले तो खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीत सकते हैं।
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पिता ने मिली प्रेरणा
तब्बू की सफलता, संघर्ष और मेहनत की कहानी है। उन्होंने बताया कि उनके पिता पहलवानी करते थे। उनके कारण ही तब्बू की रुचि कुश्ती के प्रति बढ़ी। परिवार के पालन-पोषण के लिए पिता ने पहलवानी छोड़कर खेती-बाड़ी की। सीमित आय की वजह से परिवार को कई बार आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसका असर तब्बू की डाइट पर भी पड़ता है। इसके बावजूद पिता तब्बू की हर संभव मदद करके आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
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मैट पर अभ्यास के लिए जाना पड़ता है हरियाणा, बेहतर सुविधाओं की दरकार
अभ्यास करने के लिए भी तब्बू ने चुनौतियों का सामना किया है। वह मिट्टी और मैट, दोनों पर कुश्ती करती हैं। जिले में मैट की सुविधा न होने के कारण तब्बू को हरियाणा जाना पड़ता है। वहां बुआ के घर ठहरती हैं। प्रतियोगिता से पहले मैट पर अभ्यास करके तैयारियों को अंतिम रूप देती हैं। बरेली में भी रोजाना दो सत्रों में आठ घंटे मिट्टी पर अभ्यास करती हैं। तब्बू ने बताया कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं की दरकार है। बेहतर सुविधाओं और डाइट मिले तो खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीत सकते हैं।