{"_id":"696173d1cf453a74c7046066","slug":"treatment-of-patients-started-at-rithora-chc-bareilly-news-c-4-vns1074-803099-2026-01-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: दूषित पानी से बिगड़ रही बच्चों की सेहत, उल्टी-दस्त से पीड़ित पहुंच रहे अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: दूषित पानी से बिगड़ रही बच्चों की सेहत, उल्टी-दस्त से पीड़ित पहुंच रहे अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:36 AM IST
विज्ञापन
सार
बरेली के जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 25-30 बच्चे पहुंच रहे हैं। ज्यादातर में डायरिया, उल्टी-दस्त की शिकायत मिल रही है। चिकित्सक के मुताबिक बच्चों के बीमार होने की प्रमुख वजह दूषित पानी का सेवन है।
जिला अस्पताल बरेली
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
बरेली में दूषित पानी बच्चों की सेहत बिगाड़ रहा है। डायरिया, उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित 25-30 बच्चे रोज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें से दो-तीन गंभीर बच्चों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, दूषित पानी का सेवन इसकी प्रमुख वजह है।
Trending Videos
वर्ष 2025 के रिकॉर्ड के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर तक 1,486 बच्चे डायरिया की चपेट में मिले। इमरजेंसी में आ रहे मरीजों का आंकड़ा इससे अलग है। जिला अस्पताल के डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक, रोजाना करीब सौ बच्चों की ओपीडी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनमें से करीब 30 बच्चे डायरिया, उल्टी-दस्त व पेट में दर्द संबंधी शिकायत के साथ आ रहे हैं। दूषित पानी के अलावा दूषित भोजन, दूध की गंदी बोतल का प्रयोग, साफ-सफाई की कमी और हाथ न धोने की आदत भी बच्चों के बीमार होने की बड़ी वजह है। उन्होंने पानी उबालने के बाद ठंडा कर पिलाने का सुझाव दिया है।
घनी बस्ती के बच्चे ज्यादा पीड़ित
पिछले साल मलूकपुर में डायरिया का प्रकोप फैला था। एक ही इलाके में डायरिया की चपेट में 50 से ज्यादा लोग मिलने पर स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम प्रशासन ने सघन बस्ती में साफ-सफाई कराई थी। पानी के सैंपल लिए गए, पर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। निवासियों का तर्क था कि नलों में दूषित पानी आता है। पानी के अन्य विकल्प न होने की विवशता में उसी को पीना पड़ता है।
सार्वजनिक नलों में ई-कोलाई बैक्टीरिया
डायरिया और पेट संबंधी रोगों की अहम वजह ई-कोलाई बैक्टीरिया होता है। करीब चार वर्ष पूर्व भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के महामारी विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष रहे डॉ. बीआर सिंह ने सार्वजनिक स्थानों से पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच की थी। इसमें ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थी। कई सुपरबग भी मिले थे, जिन पर एंटीबॉयोटिक दवाएं भी बेअसर रहीं। स्ट्रीट फूड में ज्यादातर इसी पानी का प्रयोग होता है।
इन बातों का रखें ध्यान
डायरिया और पेट संबंधी रोगों की अहम वजह ई-कोलाई बैक्टीरिया होता है। करीब चार वर्ष पूर्व भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के महामारी विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष रहे डॉ. बीआर सिंह ने सार्वजनिक स्थानों से पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच की थी। इसमें ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थी। कई सुपरबग भी मिले थे, जिन पर एंटीबॉयोटिक दवाएं भी बेअसर रहीं। स्ट्रीट फूड में ज्यादातर इसी पानी का प्रयोग होता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- गुनगुना या फिर पानी उबालकर उसे ठंडा करके पिलाएं।
- खुले में रखी खाद्य सामग्री, बाहर की चीजें खाने से बचें।
- घर और आसपास सफाई रखें। जलभराव न होने दें।
- बच्चे के शौच करने के बाद उनके हाथ अच्छे से धुलाएं।
- खाने से पूर्व हाथ जरूर धोएं। फल-सब्जियां धोकर पकाएं।
- एक दिन में कई बार उल्टी-दस्त हो तो डॉक्टर को दिखाएं।