Bareilly News: निवेश के नाम पर लाखों रुपये हड़पे... कन्हैया गुलाटी पर दो और एफआईआर, होमगार्ड समेत कई नामजद
बरेली में कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी ने हर ओर ठगी का जाल फैला रखा था। गुलाटी के गैंग में सफेदपोशों के अलावा होमगार्ड भी शामिल थे। दो होमगार्डों के कहने पर भी लाखों रुपये कैनविज में निवेश कराए गए। बारादरी थाने में निवेशकों ने दो अन्य मामले दर्ज कराए हैं, जिसमें कन्हैया गुलाटी और उसके साथी दो होमगार्ड भी नामजद कराए गए हैं।
संजय नगर निवासी शिवकुमार ने इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय को बताया कि वह होटल में वेटर हैं। कंपनी के लोग रोज होटल में आते थे। इन लोगों ने बड़े-बड़े सपने दिखाए। बातों में आकर जीवन भर की जमापूंजी पचास हजार रुपये कैनविज में लगा दी। एजेंट राहुल मौर्य उर्फ रूपलाल, नरेश मौर्य, प्रवेश मिश्रा, ओपी मौर्य, जगतपाल मौर्य और सोनू चंद्र के कहने पर रकम लगाई थी। राहुल का भाई नरेश मौर्य व प्रवेश मिश्रा होमगार्ड हैं।
आरोप लगाया कि यह दोनों भी ठगी में गुलाटी के साथ थे। 2375 रुपये की तीन किस्त उन्हें भेजकर बाकी रकम गिरोह ने हड़प ली। आरोप लगाया कि एजेंट ने फोन उठाना बंद कर दिया। दफ्तर पर रुपये मांगने गए तो जान से मारने की धमकी दी।
छह लाख की जमीन बेची, गुलाटी ने हड़प ली रकम
इसी तरह हिम्मतपुर निवासी अजय मौर्य ने इंस्पेक्टर को बताया कि छह लाख रुपये में उन्होंने जमीन बेची थी। तभी उनके मामा राहुल उर्फ रूपलाल निवासी सराय तल्फी ने उन्हें कैनविज के बारे में बताया और मुनाफा होने का झांसा दिया। अजय ने एक लाख रुपये दे दिए। राहुल डीडीपुरम में गुलाटी के दफ्तर में ले गया और वहां जगतपाल मौर्य, उसके पुत्र दर्शन मौर्य से मुलाकात कराई। इन लोगों के कहने पर रिश्तेदारों और परिचित लोगों के 19 लाख रुपये कंपनी में निवेश करा दिए। राहुल की पत्नी उर्मिला और भाई नरेश होमगार्ड भी ठगी में शामिल थे। बाद में मामूली रकम देकर पूरी रकम हड़प ली। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
फाइनेंस कराई कार की किस्तें टूटने पर रिकवरी की नौबत
कैनविज कंपनी का मालिक कन्हैया गुलाटी बेहद शातिर है। उसने ठगी करने के लिए गुर्गों को खास ट्रेनिंग दी थी। गुलाटी और उसके गुर्गों ने अजय के जरिये 19 लाख रुपये जमा करा लिए। अजय ने बताया कि उससे ही ढाई लाख रुपये लेकर एक कार फाइनेंस करा दी। अब इस कार की किस्त टूट चुकी है। कार को फाइनेंस कंपनी वाले रिकवर कर सकते हैं। अजय ने पुलिस को बताया कि वह मानसिक तनाव में हैं।
