{"_id":"696e9e8832886f4eb504accf","slug":"death-of-an-elderly-couple-sleeping-with-the-fireplace-lit-in-their-room-pilibhit-news-c-4-vns1074-810308-2026-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: कमरे में अंगीठी जलाकर सोए बुजुर्ग दंपति की मौत, इस हाल में मिले दोनों के शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: कमरे में अंगीठी जलाकर सोए बुजुर्ग दंपति की मौत, इस हाल में मिले दोनों के शव
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 07:42 AM IST
विज्ञापन
सार
बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में बुजुर्ग दंपती की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दोनों रविवार रात कमरे में अंगीठी जलाकर सोए थे। इससे आशंका जताई गई है कि दम घुटने से उनकी मौत हुई है। हालांकि परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
दंपती का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के जनकपुरी में रविवार रात कमरे में अंगीठी जलाकर सोए दंपती उमाशंकर सक्सेना (98) व उनकी पत्नी कामिनी देवी (78) की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर अंतिम संस्कार कर दिया।
Trending Videos
जनकपुरी निवासी सेवानिवृत्त बीडीओ उमाशंकर सक्सेना व उनकी पत्नी कामिनी देवी रविवार रात अपने कमरे में अंगीठी जलाकर सोए थे। सुबह परिजनों ने कमरे से धुआं निकलते देखा तो घर में अफरा-तफरी मच गई। शोर मचाने पर परिजन पहली मंजिल पर पहुंचे तो उमाशंकर सक्सेना झुलसे पड़े थे, जबकि उनकी पत्नी बिस्तर पर अचेत पड़ी थीं। मौके पर पहुंचे चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक बेटा चिकित्सक, दूसरा व्यापारी
उमाशंकर सक्सेना के चार बेटे थे, जिनमें से दो की पहले ही मौत हो चुकी है। जीवित बेटों में आलोक कुमार सक्सेना पेशे से चिकित्सक और नवीन सक्सेना व्यापारी हैं। आलोक सक्सेना ने बताया कि कमरे में वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं थी। पूरी रात अंगीठी जलने से ऑक्सीजन खत्म हो गई और जहरीली गैस से दम घुटने से दोनों की जान गई है। पुलिस को सूचना दिए बगैर अंतिम संस्कार करने से मामला संदेहास्पद बना हुआ है।
प्रेमनगर इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शाम को बुजुर्ग दंपती की मौत की जानकारी मिली है। आवास विकास चौकी प्रभारी को मौके पर भेजा गया था। उनके परिवार ने इसे एक इत्तेफाक बताकर कार्रवाई से इन्कार कर दिया। शवों का अंतिम संस्कार दिन में ही कर दिया गया था।
