गोशाला में भूख से मरे गोवंश: बरेली में ग्राम विकास अधिकारी निलंबित, डीएम ने कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मझगवां ब्लॉक के गांव अनिरुद्धपुर की वृहद गोशाला में भूख से पांच पशुओं की मौत हो गई थी। इस मामले में प्रधान समेत गोशाला के केयरटेकरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) शिप्रा सिंह पर गाज गिरी है। उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इस मामले से संबंधित अन्य अफसरों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
विस्तार
बरेली जिले के मझगवां ब्लॉक के गांव अनिरुद्धपुर की वृहद गोशाला में भूख से पांच पशुओं की मौत के मामले में ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) शिप्रा सिंह को निलंबित कर दिया गया है। ग्राम प्रधान रचना देवी, उसके पति दिनेश कुमार सहित केयरटेकरों के विरुद्ध अलीगंज थाने में पहले ही एफआईआर हो चुकी है। सीडीओ की संस्तुति पर डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. मनमोहन पांडेय के स्थानांतरण और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय वर्मा के निलंबन के लिए निदेशक पशुपालन विभाग को पत्र लिखा है।
गोशाला के नोडल अधिकारी भी कार्रवाई की जद में
बताया जा रहा है कि इस मामले में गोशाला के नोडल अधिकारी डिप्टी डॉयरेक्टर मंडी परिषद डॉ. विश्वेंद्र कुमार भी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। जिला प्रशासन दायित्वों के प्रति लापरवाही के आरोप में इनके विरुद्ध भी कार्रवाई की तैयारी में है।
सीडीओ देवयानी ने बताया कि अब किसी भी गोशाला में पशुओं के भूख से मरने या उन्हें भूसा-हरा चारा और चोकर नियमित नहीं मिलने का मामला सामने आता है तो सीधे नोडल अधिकारी की ही जिम्मेदारी तय की जाएगी। उसी के अनुरूप कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। सीडीओ ने बताया कि डीएम की तरफ से पत्राचार के बावजूद सीवीओ का स्थानांतरण और पशु चिकित्सा अधिकारी का निलंबन नहीं हुआ है। इस संबंध में पशुपालन निदेशालय से संपर्क कर कार्रवाई कराई जाएगी।
वायरल वीडियो का समय रहते नहीं लिया गया संज्ञान
बताया जा रहा है अनिरुद्धपुर गोशाला में पशुओं की दुर्दशा का वीडियो भी वायरल हुआ था, लेकिन जिम्मेदारों ने समय रहते उसका भी संज्ञान नहीं लिया। सीवीओ डॉ. मनमोहन पांडेय ने पशुपालन विभाग के निदेशक को भेजी गई रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया है। यदि नोडल अधिकारी ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया होता तो शायद पशुओं की भूख से न मौत नहीं होती।
गोशाला में अनदेखी पर संबंधित अधिकारियों पर होगी कार्रवाई : डीएम
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि गोशाला में जिस तरह से देखभाल के प्रति लापरवाही बरती जा रही थी, उसके मामले में प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान ही प्रधान रचना देवी और उसके पति दिनेश कुमार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। इसी मामले में सोमवार को ही पंचायत सचिव शिप्रा सिंह को भी निलंबित कर दिया गया है।
कार्रवाई के क्रम में ही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. मनमोहन पांडेय के विरुद्ध स्थानांतरण के संबंध में और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संजय वर्मा के विरुद्ध निलंबन के लिए पशुपालन विभाग के निदेशक को पत्राचार किया गया है। डीएम ने बताया कि गोशाला की देखरेख में जिम्मेदार अन्य अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई के लिए शासन में पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में जान कल्याणकारियों के बीच इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं है।
