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Basti News: मेडिकल काॅलेज में 200 बेड पर गैस पाइपलाइन से होगी आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:15 PM IST
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- साल 2024 में हुई थी परियोजना, टेस्टिंग कार्य बाकी
- हैंडओवर के बाद बेड-टू-बेड सीधे ऑक्सीजन की होगी सप्लाई
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा इकाई में निर्माणाधीन परियोजनाएं अब धीरे-धीरे पूरी हो रही हैं। 13.70 करोड़ से चल रही छह परियोजनाओं का कार्य अब अंतिम दौर में है। वहीं, 200 बेड पर गैस पाइपलाइन के जरिये आक्सीजन आपूर्ति शुरू होगी। कार्य तो पूरा हो गया है लेकिन टेस्टिंग कार्य न होने के चलते परियोजना हैंडओवर में देरी है।
कैली स्थिति मेडिकल कॉलेज बस्ती में 200 बेड के अस्पताल को पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई से जोड़ने की तैयारी है। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन की सुविधा प्रदान करना है, जिसके लिए यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से मेडिकल कॉलेज को प्रस्ताव भेजा था। स्वीकृति के बाद साल 2024 में परियोजना पर कार्य शुरू हुआ। सात माह के भीतर काम तो पूरा पूर्ण हुआ, मगर अभी टेस्टिंग कार्य न होने के चलते परियोजना के हैंडओवर में विलंब है। बताते हैं कि जल्द ही परियोजना हैंडओवर होगी। इसके बाद बेड-टू-बेड सीधे ऑक्सीजन की सप्लाई होगी।
बताया गया कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) प्लांट से वार्डों तक पाइपलाइन बिछाई गई है, जो कोरोना जैसी स्थितियों में मरीजों के लिए काफी मददगार होगी। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में पहले से 300 बेड के भवन में पाइपलाइन का कार्य हो चुका है, अब नए 200 बेड के भवन के लिए यह कार्य अंतिम दौर में है। विभाग के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य मरीजों को अस्पताल में तुरंत और सुलभ ऑक्सीजन उपलब्ध कराना है।
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माड्यूलर और सेमी माड्यूलर ओटी की मिलेगी सुविधा
जिलेवासियों को अब जटिल ऑपरेशन करवाने के लिए बाहर की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में मॉड्यूलर ओटी और सेमी माड्यूलर ओटी में जटिल ऑपरेशन किए जाएंगे। मॉड्यूलर ओटी में ऑपरेशन होने से मरीजों में भी संक्रमण फैलने का खतरा न के बराबर रहेगा। मेडिकल कॉलेज में ऑर्थो, सर्जरी, प्रसव सहित अन्य रोगों के के ऑपरेशन किए जाते हैं। आधुनिक ओटी की कमी होने के चलते सर्जन होने के बावजूद भी ऑपरेशन करने के दौरान गंभीर केस में जोखिम रहता था। मरीजों की समस्या पर लेकर कॉलेज के नए भवन में मॉड्यूलर ओटी बनाकर तैयार की गई है।
इस ओटी से मेडिकल कॉलेज को उच्च कार्यशीलता वाला ऑपरेटिंग वातावरण मिलेगा। मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर में वैक्टीरिया की उत्पत्ति होने की संभावना कम रहेगी। उपकरणों के मानक, सुरक्षा मानक, सकारात्मक वायु दबाव, उचित रखरखाव रहेगा। भविष्य के उपकरणों और विस्तार के लिए स्थान सुरक्षित होगा। इसके अलावा वीआरवी एवं डक्टेबल सिस्टम कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की इस योजना पर कार्यदायी संस्था उ.प्र. प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड ने हैंडओवर की प्रक्रिया के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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इन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मॉड्यूलर ओटी
मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. अनिल यादव ने बताया कि मॉड्यूलर ओटी में ऑपरेशन करने के दौरान दौरान इमेजिंग और एक्स-रे सुविधा मिलेगी। सेंट्रल पाइप लाइन से ऑक्सीजन सप्लाई दी जाएगी। साथ ही आधुनिक एनेस्थीसिया मशीन, सर्जिकल लाइट, मॉनीटरिंग सिस्टम, फ्लोरोस्कोपी आदि की सुविधा रहेगी। ऑपरेशन को डॉक्टर टीवी स्क्रीन पर देख सकेंगे। जरूरत पड़ने पर बाहर के विशेषज्ञ डॉक्टर से ऑनलाइन मदद भी ले सकेंगे।
मॉड्यूलर ओटी का काम पूरा हो चुका है। जटिल ऑपरेशन की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इससे कॉलेज में ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों को सहूलियत मिलेगी। 200 बेड पर ऑक्सीजन पाइपलाइन का कार्य हो चुका है। टेस्टिंग कार्य जल्द पूरा होगा। एचवीएसी, वीआरवी और डक्टेबल सिस्टम का कार्य हो चुका है।
- डॉ. अनिल यादव, उप प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज, बस्ती।
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परियोजना पर एक नजर
कार्यदायी संस्था- उ.प्र. प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड
कार्य- 200 बेड पर गैस पाइपलाइन, माड्यूलर ओटी, सेमी माड्यूलर ओटी एचवीएसी, वीआरवी, डक्टेवल सिस्टम
लागत- 13.70 करोड़
प्रारंभ तिथि- 16-3-2024
पूर्ण तिथि-16-10-2024
प्राप्त धनराशि- 10.46 करोड़
अवशेष धनराशि-3.24 करोड़
अवशेष कार्य- उपकरणों की टेस्टिंग
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- हैंडओवर के बाद बेड-टू-बेड सीधे ऑक्सीजन की होगी सप्लाई
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा इकाई में निर्माणाधीन परियोजनाएं अब धीरे-धीरे पूरी हो रही हैं। 13.70 करोड़ से चल रही छह परियोजनाओं का कार्य अब अंतिम दौर में है। वहीं, 200 बेड पर गैस पाइपलाइन के जरिये आक्सीजन आपूर्ति शुरू होगी। कार्य तो पूरा हो गया है लेकिन टेस्टिंग कार्य न होने के चलते परियोजना हैंडओवर में देरी है।
कैली स्थिति मेडिकल कॉलेज बस्ती में 200 बेड के अस्पताल को पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई से जोड़ने की तैयारी है। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन की सुविधा प्रदान करना है, जिसके लिए यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से मेडिकल कॉलेज को प्रस्ताव भेजा था। स्वीकृति के बाद साल 2024 में परियोजना पर कार्य शुरू हुआ। सात माह के भीतर काम तो पूरा पूर्ण हुआ, मगर अभी टेस्टिंग कार्य न होने के चलते परियोजना के हैंडओवर में विलंब है। बताते हैं कि जल्द ही परियोजना हैंडओवर होगी। इसके बाद बेड-टू-बेड सीधे ऑक्सीजन की सप्लाई होगी।
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बताया गया कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) प्लांट से वार्डों तक पाइपलाइन बिछाई गई है, जो कोरोना जैसी स्थितियों में मरीजों के लिए काफी मददगार होगी। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में पहले से 300 बेड के भवन में पाइपलाइन का कार्य हो चुका है, अब नए 200 बेड के भवन के लिए यह कार्य अंतिम दौर में है। विभाग के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य मरीजों को अस्पताल में तुरंत और सुलभ ऑक्सीजन उपलब्ध कराना है।
माड्यूलर और सेमी माड्यूलर ओटी की मिलेगी सुविधा
जिलेवासियों को अब जटिल ऑपरेशन करवाने के लिए बाहर की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में मॉड्यूलर ओटी और सेमी माड्यूलर ओटी में जटिल ऑपरेशन किए जाएंगे। मॉड्यूलर ओटी में ऑपरेशन होने से मरीजों में भी संक्रमण फैलने का खतरा न के बराबर रहेगा। मेडिकल कॉलेज में ऑर्थो, सर्जरी, प्रसव सहित अन्य रोगों के के ऑपरेशन किए जाते हैं। आधुनिक ओटी की कमी होने के चलते सर्जन होने के बावजूद भी ऑपरेशन करने के दौरान गंभीर केस में जोखिम रहता था। मरीजों की समस्या पर लेकर कॉलेज के नए भवन में मॉड्यूलर ओटी बनाकर तैयार की गई है।
इस ओटी से मेडिकल कॉलेज को उच्च कार्यशीलता वाला ऑपरेटिंग वातावरण मिलेगा। मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर में वैक्टीरिया की उत्पत्ति होने की संभावना कम रहेगी। उपकरणों के मानक, सुरक्षा मानक, सकारात्मक वायु दबाव, उचित रखरखाव रहेगा। भविष्य के उपकरणों और विस्तार के लिए स्थान सुरक्षित होगा। इसके अलावा वीआरवी एवं डक्टेबल सिस्टम कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की इस योजना पर कार्यदायी संस्था उ.प्र. प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड ने हैंडओवर की प्रक्रिया के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मॉड्यूलर ओटी
मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. अनिल यादव ने बताया कि मॉड्यूलर ओटी में ऑपरेशन करने के दौरान दौरान इमेजिंग और एक्स-रे सुविधा मिलेगी। सेंट्रल पाइप लाइन से ऑक्सीजन सप्लाई दी जाएगी। साथ ही आधुनिक एनेस्थीसिया मशीन, सर्जिकल लाइट, मॉनीटरिंग सिस्टम, फ्लोरोस्कोपी आदि की सुविधा रहेगी। ऑपरेशन को डॉक्टर टीवी स्क्रीन पर देख सकेंगे। जरूरत पड़ने पर बाहर के विशेषज्ञ डॉक्टर से ऑनलाइन मदद भी ले सकेंगे।
मॉड्यूलर ओटी का काम पूरा हो चुका है। जटिल ऑपरेशन की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इससे कॉलेज में ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों को सहूलियत मिलेगी। 200 बेड पर ऑक्सीजन पाइपलाइन का कार्य हो चुका है। टेस्टिंग कार्य जल्द पूरा होगा। एचवीएसी, वीआरवी और डक्टेबल सिस्टम का कार्य हो चुका है।
- डॉ. अनिल यादव, उप प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज, बस्ती।
परियोजना पर एक नजर
कार्यदायी संस्था- उ.प्र. प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड
कार्य- 200 बेड पर गैस पाइपलाइन, माड्यूलर ओटी, सेमी माड्यूलर ओटी एचवीएसी, वीआरवी, डक्टेवल सिस्टम
लागत- 13.70 करोड़
प्रारंभ तिथि- 16-3-2024
पूर्ण तिथि-16-10-2024
प्राप्त धनराशि- 10.46 करोड़
अवशेष धनराशि-3.24 करोड़
अवशेष कार्य- उपकरणों की टेस्टिंग
