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Basti News: मेडिकल कॉलेज में 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट तैयार, गंभीर मरीज होंगे भर्ती
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मेडिकल कॉलेज बस्ती में 50 शैय्या क्रिटिकल केयर यूनिट बनकर तैयार संवाद
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बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज बस्ती में आधुनिक आईसीयू की सुविधा जल्द मिलने लगेगी। मार्च 2024 में यहां एनएचएम के तहत 50 शैय्या वाले क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण शुरू हुआ था, जो अब पूरा हो चुका है। परियोजना पूर्ण होने पर थर्ड पार्टी की जांच रिपोर्ट मिलने पर उसे हैंडओवर कर दिया गया है। अब भवन में चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जल्द ही इसका संचालन शुरू हो जाएगा।
बता दें कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 18.52 करोड़ रुपये से 50 बेड की क्रिटिकल केयर बनाने की स्वीकृति दी थी। अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस भवन बनकर तैयार हो गया है। इसमें चिकित्सीय उपकरण विकसित किए जा रहे हैं। ऑक्सीजन पाइपलाइन से लेकर विभागीय कार्य प्रारंभ हो गया है। ऐसे में मैनपावर की मांग पूरी होते ही इसमें आईसीयू की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। निर्माण एजेंसी राजकीय निर्माण निगम ने भवन को हस्तांतरित कर दिया है, इससे अब विभागीय कार्य प्रारंभ हो गया है।
बता दें कि मेडिकल कॉलेज बस्ती के चिकित्सा इकाई ओपेक चिकित्सालय कैली में रोजाना इमरजेंसी में 100 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। जिसमें, 10 से 15 मरीज गंभीर होते हैं। बेहतर उपचार के लिए उन्हें रेफर कर दिया जाता है, आईसीयू व अन्य सुविधा होने के बाद रेफर दर कम होगा। ओपीडी में भी रोजाना 17 से 18 सौ मरीज दूर-दराज से परामर्श के लिए आते हैं। जिला अस्पताल बस्ती, सीएचसी-पीएचसी से भी मरीज रेफर होकर यहीं आते हैं। आसपास जिलों के भी मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं। एनएचएम के तहत कराया गया है निर्माण : जिले में गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार दिए जाने के उद्देश्य से नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनकर तैयार हो गया है। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद तय हुआ कि इसकी स्थापना मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली परिसर में की जाएगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज ने जगह भी उपलब्ध कराई। व्यवस्था बनी कि सीएमओ की मॉनीटरिंग में एनएचएम के तहत इस यूनिट का संचालन होगा और मेडिकल कॉलेज प्रशासन इसमें चिकित्सीय सेवा का जिम्मा संभालेगा।
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मैनपावर व चिकित्सा उपकरण के लिए भेजा डिमांड : क्रिटिकल केयर यूनिट संचालित कराने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक को डिमांड पत्र भेजा है। इसमें मैनपावर से लेकर चिकित्सा उपकरण आदि जीवन रक्षक मशीनें शामिल हैं। चूंकि, यह कार्य सीएमओ के अधीन एनएचएम बजट से ही होना है। डिमांड पर मंजूरी मिलने के बाद यूनिट को क्रियाशील कर दिया जाएगा। अभी मैनपावर और जीवन रक्षक उपकरण की आवश्यकता पूरी नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि डिमांड भेजा गया है। आदेश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जल्द ही यूनिट संचालित होगी।
बता दें कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 18.52 करोड़ रुपये से 50 बेड की क्रिटिकल केयर बनाने की स्वीकृति दी थी। अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस भवन बनकर तैयार हो गया है। इसमें चिकित्सीय उपकरण विकसित किए जा रहे हैं। ऑक्सीजन पाइपलाइन से लेकर विभागीय कार्य प्रारंभ हो गया है। ऐसे में मैनपावर की मांग पूरी होते ही इसमें आईसीयू की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। निर्माण एजेंसी राजकीय निर्माण निगम ने भवन को हस्तांतरित कर दिया है, इससे अब विभागीय कार्य प्रारंभ हो गया है।
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बता दें कि मेडिकल कॉलेज बस्ती के चिकित्सा इकाई ओपेक चिकित्सालय कैली में रोजाना इमरजेंसी में 100 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। जिसमें, 10 से 15 मरीज गंभीर होते हैं। बेहतर उपचार के लिए उन्हें रेफर कर दिया जाता है, आईसीयू व अन्य सुविधा होने के बाद रेफर दर कम होगा। ओपीडी में भी रोजाना 17 से 18 सौ मरीज दूर-दराज से परामर्श के लिए आते हैं। जिला अस्पताल बस्ती, सीएचसी-पीएचसी से भी मरीज रेफर होकर यहीं आते हैं। आसपास जिलों के भी मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं। एनएचएम के तहत कराया गया है निर्माण : जिले में गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार दिए जाने के उद्देश्य से नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनकर तैयार हो गया है। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद तय हुआ कि इसकी स्थापना मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली परिसर में की जाएगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज ने जगह भी उपलब्ध कराई। व्यवस्था बनी कि सीएमओ की मॉनीटरिंग में एनएचएम के तहत इस यूनिट का संचालन होगा और मेडिकल कॉलेज प्रशासन इसमें चिकित्सीय सेवा का जिम्मा संभालेगा।
मैनपावर व चिकित्सा उपकरण के लिए भेजा डिमांड : क्रिटिकल केयर यूनिट संचालित कराने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक को डिमांड पत्र भेजा है। इसमें मैनपावर से लेकर चिकित्सा उपकरण आदि जीवन रक्षक मशीनें शामिल हैं। चूंकि, यह कार्य सीएमओ के अधीन एनएचएम बजट से ही होना है। डिमांड पर मंजूरी मिलने के बाद यूनिट को क्रियाशील कर दिया जाएगा। अभी मैनपावर और जीवन रक्षक उपकरण की आवश्यकता पूरी नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि डिमांड भेजा गया है। आदेश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जल्द ही यूनिट संचालित होगी।