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Basti News: 4.48 करोड़ से संवर रहे अमृत सरोवर...गर्मी में होगी सहूलियत
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अमृत सरोवर।
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बस्ती। जनपद के ग्रामीण इलाकों में भू-जल स्तर सुधारने और गर्मी के दिनों में पानी के संकट से राहत दिलाने के उद्देश्य से अमृत सरोवर योजना के तहत चार करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से अमृत सरोवर संवारे जा रहे हैं। इससे गर्मी में सहूलियत मिलेगी। तालाब में पर्याप्त पानी होने से पशु-पक्षी को भी फायदा पहुंचेगा।
फेज-2.0 में जिले की 20 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। इनमें से कुछ स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है जबकि कुछ पर कार्य चल रहा है। शेष गांवों में जल्द ही निर्माण पूर्ण हो जाएगा। जनपद में 14 विकासखंड और 1187 ग्राम पंचायतें हैं। गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा (वीबीजीरामजी) के तहत पहले चरण में करीब 309 अमृत सरोवरों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया जा चुका है। अस्तित्व खो रहे तालाबों और पोखरों की खोदाई, गहरीकरण, घाट व बंध निर्माण जैसे कार्य कराए गए थे। इन सरोवरों में वर्षा जल संरक्षित होने से ग्रामीणों को गर्मी में पेयजल संकट से राहत मिली है। मवेशियों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
पहले चरण की सफलता के बाद अब फेज-2.0 में 20 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 15 गांवों में कार्य पूर्ण हो चुका है तो कुछ में खुदाई कार्य शुरू हो गया है। अमृत सरोवर बनने से जहां ग्रामीणों को घरेलू उपयोग के लिए पानी मिलेगा, वहीं सिंचाई के लिए भी जल उपलब्ध होगा। इससे किसानों की आय बढ़ने और आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है। निर्माण कार्य में मनरेगा के जॉब कार्डधारक श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। जनपद में साल 2022-23 से शुरू हुई योजना के तहत अब तक 313 अमृत सरोवर विकसित करने का लक्ष्य था, जिसमें से 309 तालाब विकसित किए जा चुके हैं।
जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने के उद्देश्य से पुराने तालाबों का नवीनीकरण कर अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। दूसरे चरण के सभी कार्य जल्द पूर्ण कर लिए जाएंगे। जनपद में योजना के तहत अब तक 313 के सापेक्ष 309 अमृत सरोवर विकसित किए जा चुके हैं।
संजय शर्मा, डीसी मनरेगा।
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फेज-2.0 में जिले की 20 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। इनमें से कुछ स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है जबकि कुछ पर कार्य चल रहा है। शेष गांवों में जल्द ही निर्माण पूर्ण हो जाएगा। जनपद में 14 विकासखंड और 1187 ग्राम पंचायतें हैं। गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा (वीबीजीरामजी) के तहत पहले चरण में करीब 309 अमृत सरोवरों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया जा चुका है। अस्तित्व खो रहे तालाबों और पोखरों की खोदाई, गहरीकरण, घाट व बंध निर्माण जैसे कार्य कराए गए थे। इन सरोवरों में वर्षा जल संरक्षित होने से ग्रामीणों को गर्मी में पेयजल संकट से राहत मिली है। मवेशियों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
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पहले चरण की सफलता के बाद अब फेज-2.0 में 20 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 15 गांवों में कार्य पूर्ण हो चुका है तो कुछ में खुदाई कार्य शुरू हो गया है। अमृत सरोवर बनने से जहां ग्रामीणों को घरेलू उपयोग के लिए पानी मिलेगा, वहीं सिंचाई के लिए भी जल उपलब्ध होगा। इससे किसानों की आय बढ़ने और आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है। निर्माण कार्य में मनरेगा के जॉब कार्डधारक श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। जनपद में साल 2022-23 से शुरू हुई योजना के तहत अब तक 313 अमृत सरोवर विकसित करने का लक्ष्य था, जिसमें से 309 तालाब विकसित किए जा चुके हैं।
जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने के उद्देश्य से पुराने तालाबों का नवीनीकरण कर अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। दूसरे चरण के सभी कार्य जल्द पूर्ण कर लिए जाएंगे। जनपद में योजना के तहत अब तक 313 के सापेक्ष 309 अमृत सरोवर विकसित किए जा चुके हैं।
संजय शर्मा, डीसी मनरेगा।
