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Basti News: अयोध्या से जुड़ रहा बस्ती, भवनों से गुलजार हो रहा हाईवे
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अयोध्या- लोलपुर के बीच बनकर तैयार कामर्शियल भवन। संवाद
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बस्ती। अयोध्या के साथ बस्ती भी तेजी से बदल रही है। श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो साल बीतने के बाद अयोध्या के विकास की हलचल बस्ती सीमा तक दिखने लगी है। गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर अयोध्या सरयू पुल से लेकर बस्ती जिले के सीमावर्ती गांव लोलपुर तक पांच किमी की लंबी रिक्तता अब कंकरीट के भवनों से गुलजार हो रही है। अयोध्या से सटे इस हिस्से में गगनचुंबी होलट, गोदाम, शाेरूम, कांप्लेक्स आदि काॅमर्शियल भवनों का निर्माण कराया जा रहा है।
लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर बस्ती सीमा लोलपुर से अयोध्या की दूरी सात किमी है। इसमें एक किमी सरयू नदी के ऊपर पुल क्षेत्र है। इसके बाद शेष छह किमी का यह हिस्सा लंबे समय से डूब क्षेत्र माना जाता था। मगर इधर तीन साल पहले जब अयोध्या में बदलाव शुरू हुआ तो सरयू पुल से बस्ती की तरफ निर्माण की हलचल तेज हो गई। नदी क्षेत्र के एक किमी बाद सीमावर्ती क्षेत्र की जमीनों पर विभिन्न तरह के उद्यमी नए प्रोजेक्ट के साथ उतर पड़े हैं। लोलपुर गांव से लेकर अयोध्या सरयू पुल के बीच आधा दर्जन थ्री स्टार स्तर के होटल बनकर तैयार हो चुके हैं।
इसके अलावा हाईवे के दोनों किनारों पर अन्य कॉमर्शियल भवन बनाए जा रहे हैं। इस हिस्से में खाली जमीनें अब कम देखी जा रही हैं। निर्माण के जरिये अयोध्या बस्ती से मिल रहा है। इसके अलावा अयोध्या जिले की रिंग रोड परियोजना और अयोध्या विकास प्राधिकरण भी बस्ती जिले के पश्चिमी सीमावर्ती हिस्से को अयोध्या से सीधे जोड़ रहा है। यह परियोजनाएं जब अंतिम रूप लेंगी तो बस्ती का पिछड़ा हिस्सा माना जाने वाला यह क्षेत्र जिले का नया मुखौटा बनकर तैयार होगा।
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अयोध्या रिंग रोड का दिखने लगा स्वरूप
जिले में अयोध्या रिंग रोड का स्वरूप दिखने लगा है। तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के चारों तरफ 70 किमी लंबाई में निर्माणाधीन रिंग रोड बस्ती जिले में 13 गांवों से होकर गुजर रहा है। इस मार्ग का 20 किमी हिस्सा बस्ती जिले में बनाया जा रहा है। विक्रमजोत ब्लॉक के सरयू नदी के उस पार स्थित माझाकिता अव्वल गांव से रिंग रोड को गोरखपुर-लखनऊ हाईवे एनएच-27 से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए शंकरपुर गांव के पास रिंग रोड का अंडरपास बनाया जा रहा है। निर्माण कंपनी एनएचएआई के अनुसार इस अंडरपास का 60 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है। इसके अलावा सड़क निर्माण के लिए मिट्टी भराई का कार्य भी कराया जा रहा है। जबकि रिंग रोड के लिए सरयू नदी पर एक पुल का भी निर्माण होना है। यह माझाकिता अव्वल गांव को सीधे जोड़ेगा। इस रिंग रोड की कुल लागत 3,935 करोड़ रुपये है। बस्ती में कुल 41 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। यह रिंग रोड हर्रैया तहसील क्षेत्र के रमहटिया, मझौवा दूबे, एकमा हरदिया, पड़रिया, घिरौली पांडेय, रैदासपुर, बड़ागांव, चौरा, मलौली दुबे, पिकौरा चौबे, एलिया जुग्गाराम, एकमा हिरमिया और रायपुर गांव से होकर गुजरेगी।
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अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल बस्ती के गांव
अयोध्या को वैश्विक पहचान मिलने के बाद इसके विस्तार की भी कवायद तेज हो गई है। बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लॉक के 126 गांव अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल हो गए है। एडीए की महायोजना-2031 में इन गांवों के शहरीकरण के लिए विकास कार्यों का खाका तैयार हो चुका है। एडीए प्रभावी होने से मख क्षेत्र के इन गांवों में अब तेजी के साथ बदलाव दिखेगा। यहां गांव का स्वरूप विकसित कॉलोनियों में तब्दील होगा। अयोध्या के आभा विस्तार में बस्ती के यह गांव विकास की नई इबारत गढेंगे।
कोट
अयोध्या विकास प्राधिकरण में बस्ती के जिन 126 गांवों को शामिल किया गया है, उनके समस्त भूलेखीय विवरण वहां के जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दिया गया है। इन गांवों का भू-स्वामित्व बस्ती जिला प्रशासन के अधीन होगा। इसके अलावा बस्ती रिंग रोड परियोजना का भी निर्माण कार्य तेजी के साथ हो रहा है।
-प्रतिपाल सिंह चौहान, एडीएम।
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लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर बस्ती सीमा लोलपुर से अयोध्या की दूरी सात किमी है। इसमें एक किमी सरयू नदी के ऊपर पुल क्षेत्र है। इसके बाद शेष छह किमी का यह हिस्सा लंबे समय से डूब क्षेत्र माना जाता था। मगर इधर तीन साल पहले जब अयोध्या में बदलाव शुरू हुआ तो सरयू पुल से बस्ती की तरफ निर्माण की हलचल तेज हो गई। नदी क्षेत्र के एक किमी बाद सीमावर्ती क्षेत्र की जमीनों पर विभिन्न तरह के उद्यमी नए प्रोजेक्ट के साथ उतर पड़े हैं। लोलपुर गांव से लेकर अयोध्या सरयू पुल के बीच आधा दर्जन थ्री स्टार स्तर के होटल बनकर तैयार हो चुके हैं।
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इसके अलावा हाईवे के दोनों किनारों पर अन्य कॉमर्शियल भवन बनाए जा रहे हैं। इस हिस्से में खाली जमीनें अब कम देखी जा रही हैं। निर्माण के जरिये अयोध्या बस्ती से मिल रहा है। इसके अलावा अयोध्या जिले की रिंग रोड परियोजना और अयोध्या विकास प्राधिकरण भी बस्ती जिले के पश्चिमी सीमावर्ती हिस्से को अयोध्या से सीधे जोड़ रहा है। यह परियोजनाएं जब अंतिम रूप लेंगी तो बस्ती का पिछड़ा हिस्सा माना जाने वाला यह क्षेत्र जिले का नया मुखौटा बनकर तैयार होगा।
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अयोध्या रिंग रोड का दिखने लगा स्वरूप
जिले में अयोध्या रिंग रोड का स्वरूप दिखने लगा है। तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के चारों तरफ 70 किमी लंबाई में निर्माणाधीन रिंग रोड बस्ती जिले में 13 गांवों से होकर गुजर रहा है। इस मार्ग का 20 किमी हिस्सा बस्ती जिले में बनाया जा रहा है। विक्रमजोत ब्लॉक के सरयू नदी के उस पार स्थित माझाकिता अव्वल गांव से रिंग रोड को गोरखपुर-लखनऊ हाईवे एनएच-27 से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए शंकरपुर गांव के पास रिंग रोड का अंडरपास बनाया जा रहा है। निर्माण कंपनी एनएचएआई के अनुसार इस अंडरपास का 60 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है। इसके अलावा सड़क निर्माण के लिए मिट्टी भराई का कार्य भी कराया जा रहा है। जबकि रिंग रोड के लिए सरयू नदी पर एक पुल का भी निर्माण होना है। यह माझाकिता अव्वल गांव को सीधे जोड़ेगा। इस रिंग रोड की कुल लागत 3,935 करोड़ रुपये है। बस्ती में कुल 41 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। यह रिंग रोड हर्रैया तहसील क्षेत्र के रमहटिया, मझौवा दूबे, एकमा हरदिया, पड़रिया, घिरौली पांडेय, रैदासपुर, बड़ागांव, चौरा, मलौली दुबे, पिकौरा चौबे, एलिया जुग्गाराम, एकमा हिरमिया और रायपुर गांव से होकर गुजरेगी।
अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल बस्ती के गांव
अयोध्या को वैश्विक पहचान मिलने के बाद इसके विस्तार की भी कवायद तेज हो गई है। बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लॉक के 126 गांव अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल हो गए है। एडीए की महायोजना-2031 में इन गांवों के शहरीकरण के लिए विकास कार्यों का खाका तैयार हो चुका है। एडीए प्रभावी होने से मख क्षेत्र के इन गांवों में अब तेजी के साथ बदलाव दिखेगा। यहां गांव का स्वरूप विकसित कॉलोनियों में तब्दील होगा। अयोध्या के आभा विस्तार में बस्ती के यह गांव विकास की नई इबारत गढेंगे।
कोट
अयोध्या विकास प्राधिकरण में बस्ती के जिन 126 गांवों को शामिल किया गया है, उनके समस्त भूलेखीय विवरण वहां के जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दिया गया है। इन गांवों का भू-स्वामित्व बस्ती जिला प्रशासन के अधीन होगा। इसके अलावा बस्ती रिंग रोड परियोजना का भी निर्माण कार्य तेजी के साथ हो रहा है।
-प्रतिपाल सिंह चौहान, एडीएम।