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Basti News: देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करेगा बीसीडीए
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बस्ती। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने ऑनलाइन फार्मेसी और सरकार की डोरस्टेप डिलीवरी योजना के खिलाफ 11 मई को देशव्यापी हड़ताल की औपचारिक घोषणा के बाद बस्ती केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (बीसीडीए) ने बैठक कर समर्थन देकर सफल बनाने का आह्वान किया है।
अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि इस बंदी को नेशनल फार्मेसी बंद का नाम दिया गया है।बताया कि हड़ताल की तारीख पहले 15 अप्रैल प्रस्तावित थी, लेकिन अप्रैल में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के कारण इसे बदलकर 11 मई कर दिया गया। हड़ताल का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन जीएसआर-220(ई) और जीएसआर-817(ई) को तुरंत वापस लेना है। बीसीडीए का आरोप है कि ये ड्राफ्ट नियम ऐसे कानूनी छेद पैदा करते हैं, जिससे ई-फार्मेसी कंपनियां ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के कड़े प्रावधानों से बच निकलती हैं।कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाइयां बेच रहे हैं, जिससे सेल्फ-मेडिकेशन बढ़ रहा है और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (दवाओं का असर कम होना) जैसी गंभीर समस्या को बढ़ावा मिल रहा है।
ई-फार्मेसी के अलावा, संगठन ने दवाइयों की डोरस्टेप डिलीवरी योजना का भी विरोध किया है। संगठन का कहना है कि कुछ फार्मेसी चेन और ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट (डिस्काउंट) बाजार को अस्थिर कर रही है और फार्मास्यूटिकल व्यापार के पेशेवर मानकों को नुकसान पहुंचा रही है। कहा कि यह बंदी रिटेल और होलसेल मेडिकल स्टोर्स के पूर्ण रूप से बंद रहने का होगा, लेकिन अस्पतालों के अंदर स्थित इमरजेंसी फार्मेसी मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खुली रहेंगी।
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अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि इस बंदी को नेशनल फार्मेसी बंद का नाम दिया गया है।बताया कि हड़ताल की तारीख पहले 15 अप्रैल प्रस्तावित थी, लेकिन अप्रैल में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के कारण इसे बदलकर 11 मई कर दिया गया। हड़ताल का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन जीएसआर-220(ई) और जीएसआर-817(ई) को तुरंत वापस लेना है। बीसीडीए का आरोप है कि ये ड्राफ्ट नियम ऐसे कानूनी छेद पैदा करते हैं, जिससे ई-फार्मेसी कंपनियां ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के कड़े प्रावधानों से बच निकलती हैं।कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाइयां बेच रहे हैं, जिससे सेल्फ-मेडिकेशन बढ़ रहा है और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (दवाओं का असर कम होना) जैसी गंभीर समस्या को बढ़ावा मिल रहा है।
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ई-फार्मेसी के अलावा, संगठन ने दवाइयों की डोरस्टेप डिलीवरी योजना का भी विरोध किया है। संगठन का कहना है कि कुछ फार्मेसी चेन और ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट (डिस्काउंट) बाजार को अस्थिर कर रही है और फार्मास्यूटिकल व्यापार के पेशेवर मानकों को नुकसान पहुंचा रही है। कहा कि यह बंदी रिटेल और होलसेल मेडिकल स्टोर्स के पूर्ण रूप से बंद रहने का होगा, लेकिन अस्पतालों के अंदर स्थित इमरजेंसी फार्मेसी मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खुली रहेंगी।