बस्ती। निजी अस्पतालों में मौत पर मौत के बाद भी विभाग के जिम्मेदार शिकंजा करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। कुछ, ऐसे ही मामले अब तक आ चुके, मगर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति दिख रही। अब, सख्ती के बाद कमिश्नर अखिलेश सिंह ने मंडल के साथ जिला स्तरीय अधिकारियों को तलब किया है। केडीसी के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष और भाजपा नेता सचिन सिंह ने दक्षिण दरवाजा स्थित हॉस्पिटल में मरीजों के साथ आर्थिक शोषण और बच्चों की मौत पर सवाल करते हुए ज्ञापन दिया। बताया कि सीओ सदर मामले की जांच कर चुके हैं, जिसमें प्रबंधन दोषी पाया गया। इसके बाद भी जब विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। सचिन सिंह ने साक्ष्यों के साथ मंडलायुक्त से मिले और उन्हें स्थितियों की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की। बताया कि सीआरओ ने मजिस्ट्रीरियल जांच किया, इसमें भी अस्पताल प्रबंधन को दोषी पाया गया किंतु जुर्माना करके छोड़ दिया गया। बृहस्पतिवार को एडी हेल्थ और सीएमओ और डिप्टी सीएमओ को तलब किया। कमिश्नर से प्रकरण की जानकारी ली। वहीं मुंडेरवा, जिगिना, पचपेड़िया रोड, रोडवेज-गड़गोड़िया, मालवीय रोड और कटरा में घटना हो चुकी है। यहां मरीज की मौत पर लापरवाही का आरोप लगा था। मगर, अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मुंडेरवा अस्पताल सील हुआ है, मगर संचालक व डॉक्टर अभी तक फरार होने से उनका बयान नहीं हो पाया है। जिगिना में भी ओपीडी-आईपीडी सील का दावा किया गया है। शेष अस्पताल पूर्व की तरह खुल रहे हैं।