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कोडीनयुक्त कफ सिरप : पंकज के गिरफ्त में आते ही घबराए तीनों सरगना, हुए अंडरग्राउंड

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:23 AM IST
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Codeine-containing cough syrup: The three gang leaders panicked after Pankaj was arrested and went underground.
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बस्ती। कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में पुलिस की चाल अब उलटी हो गई है। गणपति फार्मा के मालिक पंकज कुमार के पकड़े जाने के बाद कई राज खुल गए हैं। अब तक पूरे मामले में गोल-गोल घुमाने वाले सरगना अब पुलिस के रडार पर आ गए हैं। वाराणसी के पंकज ने पुलिस के सामने इस खेल में शामिल तीन सरगना के नाम उगल दिए हैं। इसमें दो वाराणसी और एक की पृष्ठिभूमि बस्ती से जुड़ी बताई जा रही है। पंकज के गिरफ्त में आते ही यह तीनों सरगना भूमिगत हो गए हैं।
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बताया जा रहा है कि इन तीनों सरगना का मोहरा बोगस फर्म गणपति फार्मा का मालिक पंकज बना था। उसके फर्म के जरिये लंबे समय से कोडीनयुक्त सिरप की बड़ी खेप खपाई गई है। इसकी सप्लाई आजमगढ़, नेपाल, सिद्धार्थनगर, बिहार तक की गई है। शुरू में जब 1.72 लाख शीशी कोडीनयुक्त सिरप की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया तब गणपति फार्मा का दुकान बंद मिला था। इसका मालिक भी फरार हो गया था। इस खेल में शामिल कुछ संदिग्ध लोगों तक पुलिस पहुंची थी।
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ऊंची रसूख रखने वाले यह लोग अपने प्रभाव में लेकर पुलिस को काफी दिन तक गुमराह करते रहे। फरार चल रहे बोगस फर्म गणपति फार्मा के मालिक पर पूरा ठीकरा फोड़कर प्रभावशाली लोग बचते रहे। जांच के शुरुआती दौर में कोतवाली पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध होने की बात छनकर सामने आ रही थी, मगर पुलिस उच्चाधिकारियों ने इस मामले की लगातार मॉनिटरिंग की।
एसपी अभिनंदन व सीओ सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने गणपति फार्मा के फरार मालिक को पकड़ने तक सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस ने उसका असली पता-ठिकाना भी खोज निकाला। 50 दिन बाद 28 जनवरी को वह पुलिस के चंगुल में फंस गया। पूछताछ में उसने जब तीनों सरगना के नाम उगले तो पुलिस के भी कान खड़े हो गए। बताया जा रहा है इस खेल में पंकज केवल मोहरा था, इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। जिन तीन लोगों का नाम सामने आया है उसमें दो वाराणसी और एक बस्ती का रहने वाला बताया जा रहा है।
शुरुआत में इसमें से एक-दो लोग पुलिस के सामने सफाई भी पेश की थी। ऊंची रसूख और लोकल पुलिस से साठगांठ के चलते यह लोग बचते रहे। अब पुलिस उच्चाधिकारियों ने गणपति फार्मा के गिरफ्तार मालिक के साथ मिलकर कोडीनयुक्त सिरप के धंधे में संलिप्त इन लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
इन पर हाथ डालने से पहले पुलिस इनके खिलाफ ठोस साक्ष्य एकत्र करने में जुटी है। कोडीनयुक्त सीरत के मामले में तीनों सरगना की कुंडली खंगाली जा रही है।
1.72 लाख शीशी कोडीनयुक्त सीरप खपाने का है आरोप : गणपति फार्मा पर 1.72 लाख शीशी कोडीनयुक्त सीरप खपाने का आरोप है। जब फर्म पर छापेमारी करने औषधि निरीक्षक अरविंद कुमार व कोतवाली पुलिस की टीम बताए गए पते पहुंची थी तो वहां की स्थिति को देखकर सब दंग रह गए थे। घनी आबादी वाली कॉलोनी के अंदर सकरी गली में दुकान बताई गई थी। मकान मालिक का कहना था कि कुछ दिन पहले एक कमरा कुछ लोगों ने किराये पर लिया था।
बाद में ताला बंद कर लापता हो गए। पुलिस उसकी आईडी पर दर्ज आवासीय पते दुर्गा मंदिर चौराहे हड़िया पर पहुंची तो वहां आसपास के लोगों ने पंकज नाम के शख्स के निवासी होने की तस्दीक नहीं कर पाए थे। यहीं से पुलिस का शक और गहरा हो गया था। पंकज की तलाश में पुलिस को पूरे 50 दिन लग गए। तब जाकर पता लग पाया कि वह वाराणसी का रहने वाला है।
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