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Basti News: कंपनियों ने हाथ खींचे, उधार बंद होने से कई पेट्रोल पंप हुए ड्राई
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बंद पड़ा पेट्रोल पंप। संवाद
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बस्ती। इस्राइल-ईरान युद्ध का असर पेट्रोल पंपों पर भी सीधा दिखने लगा हैं। अब कंपिनयों ने ट्रांसपोर्टर या पंप मालिकों को उधार पेट्रोलियम पदार्थ देना बंद कर दिया है। लगभग बीस दिनों से एडवांस भुगतान करने पर मांग से आधे पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जा रही है। दोगुनी पूंजी न होने से कई मालिकों ने पंप संचालन से हाथ खड़े कर लिए हैं। शहर के आसपास के इलाकों में एक दर्जन पेट्रोल पंप ड्राई हो गए हैं। यहां पहुंचने पर ग्राहकों को डीजल-पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है।
पंप मालिकों का कहना है कि पहले उन्हें कंपनियों या ट्रांसपोर्टरों को डिमांड भेजने के बाद सप्ताह भर के लिए उधारी पर पेट्रोल डीजल मिल जाता था। इससे काफी सहूलियत मिलती थी। बिक्री के बाद भुगतान करके नई पेट्रोल-डीजल की नई गाड़ी मंगा ली जाती रही। जिससे पंप चलने में कोई व्यवधान नहीं था। इधर, होली के बाद कंपनियों ने आपूर्ति का ट्रेंड बदल दिया है। अब डीजल-पेट्रोल के डिमांड के साथ दोगुना रुपये भेजना अनिवार्य कर दिया गया है। दो गाड़ी तेल के रुपये भेजने पर एक गाड़ी तेेल की आपूर्ति की जा रही है।
एक गाड़ी का रुपया कंपनी के पास एडवांस जमा करना पड़ रहा है। पेट्रोल पंपों की भरमार होने से बिक्री कम है और खर्चे अधिक है। इसीलिए उधार पर ही यह व्यवसाय चल रहा था। आपूर्ति के नए ट्रेंड से कम पूंजी वाले पंप मालिक लाचार हो गए हैं। उन्हें मजबूरी में पंप बंद रखना पड़ रहा है। बस्ती से महुली मार्ग पर शहर से तीन किमी दूर स्थित एक पंप के मैनेजर ने बताया कि उनके कामर्शियल अकाउंट का सीसी लिमिट खत्म हो चुका है।
कंपनी को एडवांस दोगुना रकम देने के लिए रुपये नहीं है। इसलिए 15 दिनों से उनका पंप ड्राई पड़ गया है। जिनके पास पूंजी है वह कंपनी की शर्तों के अनुसार रुपये देकर डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति सुनिश्चित करा रहे हैं।
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एक दर्जन से अधिक पेट्रोल पंप हो गए ड्राई
शहर के आसपास एवं ग्रामीण अंचलों में एक दर्जन से अधिक पेट्रोल पंप ड्राई पड़ गए हैं। बस्ती से महुली मार्ग पर डारीहीहा तक तीन पंप सप्ताह भर से अधिक समय से बंद चल रहे हैं। यहां पेट्रोल-डीजल मिलना बंद हो गया है। ग्राहकों को अपने वाहनों में तेल भराने के लिए शहर के पेट्रोल पंपों पर आना पड़ रहा है। इसी तरह वॉल्टरगंज, रुधौली, बभनान आदि क्षेत्र में कई पेट्रोल पंप ड्राई पड़ गए हैं।
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रसोई गैस का भी संकट गहराया
रसोई गैस का संकट पहले से गहराया हुआ है। कंपनियों से आवक कम कर दी गई है। संकट काल में आपूर्ति के नियमों में बदलाव कर दिया गया है। अब डिलीवरी की ओटीपी ऑनलाइन दर्ज होने के बाद उसी के अनुसार एजेंसियों पर गैस की आपूर्ति की जा रही है। इससे जिनके गैस कनेक्शन के कागजात ऑनलाइन अपडेट नहीं हैं उनकी परेशानी बढ़ गई है। लोग सिलिंडर के लिए एजेंसियों पर लाइन लगाने को विवश है। सोमवार साप्ताहिक बंदी के नाते एजेंसियां पर सन्नाटा पसरा रहा।
लोग बोले- हाईवे के पंपों पर मिल रहा तेल
अभी 15-20 दिन पहले तक सभी पंपों पर डीजल और पेट्रोल आसानी से मिलता रहा है। अब पेट्रोल एवं डीजल लेने के लिए हाईवे के पंपों पर जाना पड़ रहा है। अतिरिक्त दूरी और समय दोनों खर्च करना पड़ रहा है। यहीं हाल रहा तो पेट्रोल-डीजल का भी संकट आ सकता है।
-विंध्याचल मद्धेशिया, पांडेय बाजार।
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पहले खेतों की सिंचाई या ट्रैक्टर, पंप सेट चलाने के लिए गांव के बगल से डीजल ले आते थे। अब इधर 10-15 दिनों से पेट्रोल पंप बंद हो गया है। हम लोगों को डीजल लेने के लिए हाईवे या शहर के पंपों पर जाना पड़ रहा है। सिलिंडर के लिए भागदौड़ अलग करनी पड़ रही है।
-छाेटू, दक्षिण दरवाजा।
कोट
रसोई गैस की आपूर्ति नियमित हो रही है। पेट्रोल- डीजल की भी भरपूर आपूर्ति की जा रही है। जहां तक एडवांस भुगतान की बात है तो यह पंप मालिक और कंपनी के बीच का मसला है। इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है। रसोई गैस की होम डिलीवरी भी चालू करा दी गई है।
-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ।
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पंप मालिकों का कहना है कि पहले उन्हें कंपनियों या ट्रांसपोर्टरों को डिमांड भेजने के बाद सप्ताह भर के लिए उधारी पर पेट्रोल डीजल मिल जाता था। इससे काफी सहूलियत मिलती थी। बिक्री के बाद भुगतान करके नई पेट्रोल-डीजल की नई गाड़ी मंगा ली जाती रही। जिससे पंप चलने में कोई व्यवधान नहीं था। इधर, होली के बाद कंपनियों ने आपूर्ति का ट्रेंड बदल दिया है। अब डीजल-पेट्रोल के डिमांड के साथ दोगुना रुपये भेजना अनिवार्य कर दिया गया है। दो गाड़ी तेल के रुपये भेजने पर एक गाड़ी तेेल की आपूर्ति की जा रही है।
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एक गाड़ी का रुपया कंपनी के पास एडवांस जमा करना पड़ रहा है। पेट्रोल पंपों की भरमार होने से बिक्री कम है और खर्चे अधिक है। इसीलिए उधार पर ही यह व्यवसाय चल रहा था। आपूर्ति के नए ट्रेंड से कम पूंजी वाले पंप मालिक लाचार हो गए हैं। उन्हें मजबूरी में पंप बंद रखना पड़ रहा है। बस्ती से महुली मार्ग पर शहर से तीन किमी दूर स्थित एक पंप के मैनेजर ने बताया कि उनके कामर्शियल अकाउंट का सीसी लिमिट खत्म हो चुका है।
कंपनी को एडवांस दोगुना रकम देने के लिए रुपये नहीं है। इसलिए 15 दिनों से उनका पंप ड्राई पड़ गया है। जिनके पास पूंजी है वह कंपनी की शर्तों के अनुसार रुपये देकर डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति सुनिश्चित करा रहे हैं।
एक दर्जन से अधिक पेट्रोल पंप हो गए ड्राई
शहर के आसपास एवं ग्रामीण अंचलों में एक दर्जन से अधिक पेट्रोल पंप ड्राई पड़ गए हैं। बस्ती से महुली मार्ग पर डारीहीहा तक तीन पंप सप्ताह भर से अधिक समय से बंद चल रहे हैं। यहां पेट्रोल-डीजल मिलना बंद हो गया है। ग्राहकों को अपने वाहनों में तेल भराने के लिए शहर के पेट्रोल पंपों पर आना पड़ रहा है। इसी तरह वॉल्टरगंज, रुधौली, बभनान आदि क्षेत्र में कई पेट्रोल पंप ड्राई पड़ गए हैं।
रसोई गैस का भी संकट गहराया
रसोई गैस का संकट पहले से गहराया हुआ है। कंपनियों से आवक कम कर दी गई है। संकट काल में आपूर्ति के नियमों में बदलाव कर दिया गया है। अब डिलीवरी की ओटीपी ऑनलाइन दर्ज होने के बाद उसी के अनुसार एजेंसियों पर गैस की आपूर्ति की जा रही है। इससे जिनके गैस कनेक्शन के कागजात ऑनलाइन अपडेट नहीं हैं उनकी परेशानी बढ़ गई है। लोग सिलिंडर के लिए एजेंसियों पर लाइन लगाने को विवश है। सोमवार साप्ताहिक बंदी के नाते एजेंसियां पर सन्नाटा पसरा रहा।
लोग बोले- हाईवे के पंपों पर मिल रहा तेल
अभी 15-20 दिन पहले तक सभी पंपों पर डीजल और पेट्रोल आसानी से मिलता रहा है। अब पेट्रोल एवं डीजल लेने के लिए हाईवे के पंपों पर जाना पड़ रहा है। अतिरिक्त दूरी और समय दोनों खर्च करना पड़ रहा है। यहीं हाल रहा तो पेट्रोल-डीजल का भी संकट आ सकता है।
-विंध्याचल मद्धेशिया, पांडेय बाजार।
पहले खेतों की सिंचाई या ट्रैक्टर, पंप सेट चलाने के लिए गांव के बगल से डीजल ले आते थे। अब इधर 10-15 दिनों से पेट्रोल पंप बंद हो गया है। हम लोगों को डीजल लेने के लिए हाईवे या शहर के पंपों पर जाना पड़ रहा है। सिलिंडर के लिए भागदौड़ अलग करनी पड़ रही है।
-छाेटू, दक्षिण दरवाजा।
कोट
रसोई गैस की आपूर्ति नियमित हो रही है। पेट्रोल- डीजल की भी भरपूर आपूर्ति की जा रही है। जहां तक एडवांस भुगतान की बात है तो यह पंप मालिक और कंपनी के बीच का मसला है। इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है। रसोई गैस की होम डिलीवरी भी चालू करा दी गई है।
-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ।