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Basti News: बदलते मौसम की चपेट में आ रहे बुजुर्ग...फूल रहा दम
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जिला अस्पताल में ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श के लिए पहुंचे मरीज संवाद
- फोटो : 1
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बस्ती। जिला अस्पताल में सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में पिछले एक माह से वृद्धि दर्ज हो रही है। जिला अस्पताल में सामान्य दिनों में ओपीडी अक्सर हजार पार जा रही है। चेस्ट फिजिशियन डॉ. शैलेश कुमार का कहना है कि, मौसम के चलते सांस फूलना, खांसी और सीने में जकड़न जैसी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विशेष रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
फिजिशियन डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि बदलते मौसम, बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल के कारण इस प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वह जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। बताया कि लोग बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतें, धूल और प्रदूषण से बचें और किसी भी प्रकार की सांस संबंधी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने बताया कि अमूमन मार्च में सांस की बीमारी बेहद कम आते हैं लेकिन पिछले कुछ समय से सांस के मरीज बढ़ रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि मौसम बदल रहा है, इसमें लोग लापरवाही बरत रहे हैं। आइसक्रीम न खाएं। ठंडा पानी भी न पीएं। छोटे बच्चों में सांस लेने में तकलीफ की शिकायत आ रही है, ऐसे बच्चों को भाप दिलवाया जा रहा है। सर्दी-जुकाम वाले मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया गया। चिल्ड्रेन वार्ड में 24 बेड पर 16 मरीज भर्ती।
पीआईसीयू में तेज बुखार के पांच बच्चे भर्ती किए गए हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 12 बजे तक ही चली, ऐसे में सिर्फ 415 मरीजों को ही परामर्श मिल पाया। वहीं, जिला महिला अस्पताल में भी दिन में 12 बजे तक ओपीडी चलने से मरीजों को परेशानी हुई।
कोट
ओपीडी 12 बजे तक चली, अधिकांश मरीजों की जांच कराकर दवाएं दी गई। डॉक्टर और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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फिजिशियन डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि बदलते मौसम, बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल के कारण इस प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वह जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। बताया कि लोग बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतें, धूल और प्रदूषण से बचें और किसी भी प्रकार की सांस संबंधी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने बताया कि अमूमन मार्च में सांस की बीमारी बेहद कम आते हैं लेकिन पिछले कुछ समय से सांस के मरीज बढ़ रहे हैं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि मौसम बदल रहा है, इसमें लोग लापरवाही बरत रहे हैं। आइसक्रीम न खाएं। ठंडा पानी भी न पीएं। छोटे बच्चों में सांस लेने में तकलीफ की शिकायत आ रही है, ऐसे बच्चों को भाप दिलवाया जा रहा है। सर्दी-जुकाम वाले मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया गया। चिल्ड्रेन वार्ड में 24 बेड पर 16 मरीज भर्ती।
पीआईसीयू में तेज बुखार के पांच बच्चे भर्ती किए गए हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 12 बजे तक ही चली, ऐसे में सिर्फ 415 मरीजों को ही परामर्श मिल पाया। वहीं, जिला महिला अस्पताल में भी दिन में 12 बजे तक ओपीडी चलने से मरीजों को परेशानी हुई।
कोट
ओपीडी 12 बजे तक चली, अधिकांश मरीजों की जांच कराकर दवाएं दी गई। डॉक्टर और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।