{"_id":"6a778869ce4fc0e62a0813ce","slug":"faith-procession-of-kanwariyas-on-the-highway-echo-of-bol-bam-till-ayodhya-basti-news-c-207-1-bst1001-163961-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"आस्था : हाईवे पर कांवड़ियों का रेला, अयोध्या तक बोल बम की गूंज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आस्था : हाईवे पर कांवड़ियों का रेला, अयोध्या तक बोल बम की गूंज
विज्ञापन
सरयू जल लेकर हर्रैया हाईवे से आगे बढ़ते कांवडिए़ संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। हाईवे पर कांवड़ियों का रेला उमड़ पड़ा है। एक लेन पर अयोध्या से सरयू जल लेकर पैदल लौट रहे शिवभक्तों की कतार लगी है। बस्ती से अयोध्या तक पूरा हाईवे शिवमय नजर आ रहा है। नंगे पांव चल रहे कांवड़ियों के कदम भले ही थकान से बोझिल हैं, लेकिन हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से उनका उत्साह बना हुआ है।
अयोध्या से हर्रैया तक कांवड़ियों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। इसके आगे कप्तानगंज और तिलकपुर तक भी भगवा वस्त्र पहने शिवभक्त कांवड़ लेकर पैदल जाते नजर आ रहे हैं। कांवड़ियों के जत्थे में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जगह-जगह डीजे पर बज रहे भजन और जयकारों के बीच शिवभक्त नाचते-थिरकते भी नजर आ रहे हैं।
रुधौली के निरंजन कुमार पत्नी के साथ कांवड़ लेकर चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अयोध्या से सरयू जल लेकर निकले हैं। बाबा भद्रेश्वरनाथ के शिवलिंग का जलाभिषेक कर संतान की कामना करेंगे। वहीं बनकटी के प्रशांत कुमार 51 लीटर जल से भरी कांवड़ लेकर पैदल चल रहे हैं।
विज्ञापन
कांवड़ यात्रा में छोटे बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ शामिल हैं। पैरों में छाले पड़ने के बावजूद वे नंगे पांव यात्रा कर रहे हैं। हर्रैया पहुंचे राम उजागिर ने बताया कि करीब 10 किलोमीटर चलने के बाद पैरों में छाले पड़ने लगते हैं। इससे काफी पीड़ा होती है, लेकिन बोल बम का जयघोष करते ही उत्साह बढ़ जाता है और दर्द व थकान का एहसास कम हो जाता है।
अयोध्या से बस्ती तक करीब 70 किलोमीटर की दूरी कांवड़िए तीन दिनों में पैदल पूरी कर रहे हैं। रास्ते में ढाबों, होटलों, स्कूल-कॉलेज परिसरों और हाईवे किनारे बने विश्राम स्थलों पर रुककर श्रद्धालु थकान मिटा रहे हैं। रविवार को कांवड़ियों के बड़े जत्थे के फुटहिया, तिलकपुर, गोटवा और अमहट पहुंचने की संभावना है।
इस बार बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम में 10 लाख से अधिक कांवड़ियों के पहुंचने का अनुमान है।
विज्ञापन
अयोध्या से हर्रैया तक कांवड़ियों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। इसके आगे कप्तानगंज और तिलकपुर तक भी भगवा वस्त्र पहने शिवभक्त कांवड़ लेकर पैदल जाते नजर आ रहे हैं। कांवड़ियों के जत्थे में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जगह-जगह डीजे पर बज रहे भजन और जयकारों के बीच शिवभक्त नाचते-थिरकते भी नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
रुधौली के निरंजन कुमार पत्नी के साथ कांवड़ लेकर चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अयोध्या से सरयू जल लेकर निकले हैं। बाबा भद्रेश्वरनाथ के शिवलिंग का जलाभिषेक कर संतान की कामना करेंगे। वहीं बनकटी के प्रशांत कुमार 51 लीटर जल से भरी कांवड़ लेकर पैदल चल रहे हैं।
विज्ञापन
कांवड़ यात्रा में छोटे बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ शामिल हैं। पैरों में छाले पड़ने के बावजूद वे नंगे पांव यात्रा कर रहे हैं। हर्रैया पहुंचे राम उजागिर ने बताया कि करीब 10 किलोमीटर चलने के बाद पैरों में छाले पड़ने लगते हैं। इससे काफी पीड़ा होती है, लेकिन बोल बम का जयघोष करते ही उत्साह बढ़ जाता है और दर्द व थकान का एहसास कम हो जाता है।
अयोध्या से बस्ती तक करीब 70 किलोमीटर की दूरी कांवड़िए तीन दिनों में पैदल पूरी कर रहे हैं। रास्ते में ढाबों, होटलों, स्कूल-कॉलेज परिसरों और हाईवे किनारे बने विश्राम स्थलों पर रुककर श्रद्धालु थकान मिटा रहे हैं। रविवार को कांवड़ियों के बड़े जत्थे के फुटहिया, तिलकपुर, गोटवा और अमहट पहुंचने की संभावना है।
इस बार बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम में 10 लाख से अधिक कांवड़ियों के पहुंचने का अनुमान है।