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निर्धारित मूल्य पर किसानों को उपलब्ध कराए उर्वरक : डीएओ
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जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में उर्वरक विक्रेताओं के साथ बैठक करते डीएओ डॉ. बाबूराम मौर्य। स्र
- फोटो : टूंडला के गां नगला तुलसी में मनीष के शव आने के इंतजार में बैठे ग्रामीण संवाद
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बस्ती। जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में मंगलवार को खाद संकट से उबरने के लिए दिन भर मंथन हुआ। खाद कंपनी, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के साथ उपलब्धता एवं वितरण को लेकर चर्चा की गई। डीएओ डॉ. बाबूराम मौर्य ने निर्देश दिए कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर अनिवार्य रूप से खाद उपलब्ध कराई जाए। पीओएस मशीन के जरिये वितरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि गुणवत्ता युक्त उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जमाखोरी, कालाबाजारी पर हर हाल में अंकुश लगाया जाए। निर्धारित दर से अधिक दरों पर बिक्री नहीं होनी चाहिए। उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग भी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों एवं सहकारी समिति के माध्यम से होने वाले उर्वरक वितरण की समीक्षा की गई।
डीएओ ने कहा कि सहकारी एवं निजी प्रतिष्ठानों पर फेजिंग लक्ष्य यूरिया 10506 एमटी सापेक्ष उपलब्धता 31025 एमटी (295 प्रतिशत), डीएपी 2252 एमटी के सापेक्ष 6183 एमटी (275 प्रतिशत), एनपीके 350 एमटी के सापेक्ष 8944 एमटी (2555) प्रतिशत), है। जिले में अब तक यूरिया 12200 एमटी, डीएपी 1929 एमटी, एनपीके 527 एमटी वितरित हो चुकी है।
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उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि किसानों को उनकी जोत बही एवं फार्मर आईडी के अनुसार मानक के अनुरूप खाद उपलब्ध कराया जाए। उर्वरक की जमाखोरी या अवैध भंडारण न किया जाए। दुकानों पर मूल्य/अनुदान का वाल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। वितरण रजिस्टर/ स्टॉक रजिस्टर पर अंकन अद्यतन रखें।
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उन्होंने कहा कि गुणवत्ता युक्त उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जमाखोरी, कालाबाजारी पर हर हाल में अंकुश लगाया जाए। निर्धारित दर से अधिक दरों पर बिक्री नहीं होनी चाहिए। उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग भी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों एवं सहकारी समिति के माध्यम से होने वाले उर्वरक वितरण की समीक्षा की गई।
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डीएओ ने कहा कि सहकारी एवं निजी प्रतिष्ठानों पर फेजिंग लक्ष्य यूरिया 10506 एमटी सापेक्ष उपलब्धता 31025 एमटी (295 प्रतिशत), डीएपी 2252 एमटी के सापेक्ष 6183 एमटी (275 प्रतिशत), एनपीके 350 एमटी के सापेक्ष 8944 एमटी (2555) प्रतिशत), है। जिले में अब तक यूरिया 12200 एमटी, डीएपी 1929 एमटी, एनपीके 527 एमटी वितरित हो चुकी है।
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उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि किसानों को उनकी जोत बही एवं फार्मर आईडी के अनुसार मानक के अनुरूप खाद उपलब्ध कराया जाए। उर्वरक की जमाखोरी या अवैध भंडारण न किया जाए। दुकानों पर मूल्य/अनुदान का वाल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। वितरण रजिस्टर/ स्टॉक रजिस्टर पर अंकन अद्यतन रखें।