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Basti News: फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहे होम्योपैथिक अस्पताल, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:31 AM IST
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बस्ती। मंडल के तीनों जिलों बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति बदहाली के दौर से गुजर रही है। मंडल के कुल 15 अस्पताल वर्तमान में चिकित्सक विहीन हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है और वह परेशान हैं। इन केंद्रों पर मरीजों की सेहत का जिम्मा पूरी तरह फार्मासिस्टों के कंधों पर है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मंडल में होम्योपैथी अस्पतालों की सबसे अधिक संख्या सिद्धार्थनगर में है, मगर वहीं की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां कुल 21 अस्पताल संचालित हैं, जिनमें से सात अस्पतालों में चिकित्सक ही नहीं हैं। स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब पता चलता है कि यहां फार्मासिस्टों की भी कमी है, 21 में से केवल 18 अस्पतालों में ही फार्मासिस्ट तैनात हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक होम्योपैथी, बस्ती मंडल डॉ. मीना पुष्कर दोहरे ने बताया कि चिकित्सक की तैनाती सीधे अस्पतालों में शासन स्तर से ही होती है। जो अस्पताल खाली चल रहे हैं, उनकी सूचना नियमित रूप से शासन को भेजी जा रही है।
जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक में होम्योपैथी की डिस्पेंसरी संचालित हैं, यहां पर चिकित्सक व फार्मासिस्ट के साथ ही अन्य चतुर्थ श्रेणी स्टॉफ की तैनाती रहती है। काफी संख्या में मरीज होम्योपैथी विधा से इलाज के लिए यहां आते हैं। जो अस्पताल चिकित्सक विहीन हैं, वहां आने वाले मरीजों को समस्या होती है। बस्ती जिले में 20 अस्पताल हैं, जबकि यहां पर 13 अस्पतालों में ही चिकित्सक की तैनाती है। इसी प्रकार संतकबीरनगर में 18 अस्पताल संचालित हैं। इनमें से 13 अस्पतालों में ही चिकित्सक की तैनाती है। पांच अस्पताल चिकित्सक विहीन हैं।
जानकारों का कहना है कि चिकित्सकों की कमी काफी लंबे समय से बनी हुई है। अगर कुछ चिकित्सक आते भी हैं तो कुछ या तो सेवानिवृत्त हो जाते हैं या स्थानांतरित होकर गैर जनपद चले जाते हैं, जिससे चिकित्सकों की कमी बनी रहती है। बस्ती और संतकबीरनगर में सभी अस्पतालों में फार्मासिस्ट की तैनाती होने के कारण उनका संचालन हो जाता है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मंडल में होम्योपैथी अस्पतालों की सबसे अधिक संख्या सिद्धार्थनगर में है, मगर वहीं की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां कुल 21 अस्पताल संचालित हैं, जिनमें से सात अस्पतालों में चिकित्सक ही नहीं हैं। स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब पता चलता है कि यहां फार्मासिस्टों की भी कमी है, 21 में से केवल 18 अस्पतालों में ही फार्मासिस्ट तैनात हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक होम्योपैथी, बस्ती मंडल डॉ. मीना पुष्कर दोहरे ने बताया कि चिकित्सक की तैनाती सीधे अस्पतालों में शासन स्तर से ही होती है। जो अस्पताल खाली चल रहे हैं, उनकी सूचना नियमित रूप से शासन को भेजी जा रही है।
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जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक में होम्योपैथी की डिस्पेंसरी संचालित हैं, यहां पर चिकित्सक व फार्मासिस्ट के साथ ही अन्य चतुर्थ श्रेणी स्टॉफ की तैनाती रहती है। काफी संख्या में मरीज होम्योपैथी विधा से इलाज के लिए यहां आते हैं। जो अस्पताल चिकित्सक विहीन हैं, वहां आने वाले मरीजों को समस्या होती है। बस्ती जिले में 20 अस्पताल हैं, जबकि यहां पर 13 अस्पतालों में ही चिकित्सक की तैनाती है। इसी प्रकार संतकबीरनगर में 18 अस्पताल संचालित हैं। इनमें से 13 अस्पतालों में ही चिकित्सक की तैनाती है। पांच अस्पताल चिकित्सक विहीन हैं।
जानकारों का कहना है कि चिकित्सकों की कमी काफी लंबे समय से बनी हुई है। अगर कुछ चिकित्सक आते भी हैं तो कुछ या तो सेवानिवृत्त हो जाते हैं या स्थानांतरित होकर गैर जनपद चले जाते हैं, जिससे चिकित्सकों की कमी बनी रहती है। बस्ती और संतकबीरनगर में सभी अस्पतालों में फार्मासिस्ट की तैनाती होने के कारण उनका संचालन हो जाता है।
