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Basti News: केपीआई से परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई और सुविधाओं पर रहेगी पैनी नजर
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बस्ती। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की निगरानी अब की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स (केपीआई) के माध्यम से की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने निपुण भारत मिशन, कैच-अप कार्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित समीक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है।
केपीआई प्रणाली के तहत विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर तय लक्ष्यों के आधार पर कार्यों का मूल्यांकन होगा। विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, शिक्षण प्रक्रिया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा निर्धारित मानकों के अनुरूप की जाएगी। इसके लिए पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग और गैप एनालिसिस की व्यवस्था की गई है, ताकि कमियों की समय रहते पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों की भाषा एवं गणितीय दक्षता को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षकों और मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण की भी नियमित समीक्षा होगी, जिससे कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
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केपीआई व्यवस्था में विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें विद्यालय भवन निर्माण, ऑपरेशन कायाकल्प के कार्य, जर्जर भवनों का निस्तारण, पेयजल, शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास तथा फर्नीचर की उपलब्धता जैसे बिंदु शामिल किए गए हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार तिवारी ने बताया कि सभी अधिकारियों को योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति समयबद्ध तरीके से पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं होने पर विशेष कार्ययोजना बनाकर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत अगस्त और सितंबर के लिए निर्धारित प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा।
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केपीआई प्रणाली के तहत विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर तय लक्ष्यों के आधार पर कार्यों का मूल्यांकन होगा। विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, शिक्षण प्रक्रिया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा निर्धारित मानकों के अनुरूप की जाएगी। इसके लिए पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग और गैप एनालिसिस की व्यवस्था की गई है, ताकि कमियों की समय रहते पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
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निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों की भाषा एवं गणितीय दक्षता को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षकों और मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण की भी नियमित समीक्षा होगी, जिससे कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
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केपीआई व्यवस्था में विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें विद्यालय भवन निर्माण, ऑपरेशन कायाकल्प के कार्य, जर्जर भवनों का निस्तारण, पेयजल, शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास तथा फर्नीचर की उपलब्धता जैसे बिंदु शामिल किए गए हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार तिवारी ने बताया कि सभी अधिकारियों को योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति समयबद्ध तरीके से पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं होने पर विशेष कार्ययोजना बनाकर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत अगस्त और सितंबर के लिए निर्धारित प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा।