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Basti News: जन आरोग्य मेले में बुखार, उल्टी-दस्त और त्वचा रोग के मरीजों की लंबी कतार
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बहादुपुर में आयोजित मेला में मरीज की जांच करते चिकित्सक डॉ. पवन संवाद
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बस्ती। जिले के 39 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में वायरल फीवर और मौसमी बीमारियों के मरीजों की भीड़ रही। उमस और बदलते मौसम के कारण बुखार, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, डिहाइड्रेशन और त्वचा रोग से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच कर दवाएं वितरित कीं, जबकि गंभीर मरीजों को सीएचसी और जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिलेभर में कुल 1,345 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
नगरीय पीएचसी बरदहिया में डॉ. इंद्रावती कुमारी ने 44 मरीजों का उपचार किया। उन्होंने बताया कि अधिकांश मरीज वायरल फीवर से पीड़ित थे। पीएचसी नरहरिया में डॉ. आरपी सिंह ने 47 मरीजों की जांच की और एक गंभीर मरीज को रेफर किया। कलवारी संवाद के अनुसार, रुधौली पीएचसी में आयोजित मेले में 37 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉ. अनिल मौर्य ने बताया कि अधिकांश मरीज मौसमी बीमारियों से ग्रसित थे। कलवारी संवाद के अनुसार, सीएचसी बहादुरपुर में दोपहर तीन बजे तक 16 मरीजों का उपचार किया गया। यहां वायरल फीवर, पेट दर्द, त्वचा रोग, हड्डी दर्द और उच्च रक्तचाप के मरीज अधिक रहे। फार्मासिस्ट एके दीक्षित, एलटी राजेश कुमार, स्टाफ नर्स कल्पना मिश्रा, इंटर्न अनूप कुमार, वार्ड ब्वॉय भगवान दास व स्वीपर रमजान अली किया ने सहयोग किया।
मुंडेरवा सीएचसी में मेला औपचारिकता तक सीमित रहा और केवल 15 मरीज पहुंचे। डॉ. अभिषेक यादव ने बताया कि बारिश, धूप और उमस के कारण फंगल संक्रमण और डायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। फार्मासिस्ट गुलाब, लक्ष्मी त्रिपाठी, देवानंद, अनिल कुमार, ओपी यादव, विनोद चौधरी, राजेश यादव ने सहयोग किया पीएचसी ओड़वारा में डॉ. नीलम चौधरी ने 25 मरीजों की जांच की, जहां डिहाइड्रेशन और त्वचा रोग के मरीज अधिक मिले। बभनान संवाद के अनुसार, पीएचसी बभनान में एलोपैथ चिकित्सक के न होने से मरीजों को परेशानी हुई। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. आशुतोष गुप्ता ने मरीजों को परामर्श देकर दवाएं दी। कुल, 106 मरीजों को परामर्श दिया गया।
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कहीं आयुष चिकित्सकों ने संभाली व्यवस्था, कहीं नहीं हो सकी ब्लड जांच
पीएचसी बभनान में एलोपैथ चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. आशुतोष गुप्ता ने 106 मरीजों को परामर्श देकर दवाएं उपलब्ध कराईं। भानपुर क्षेत्र के सीएचसी समेत तीन पीएचसी पर 129 मरीजों की जांच की गई। इनमें वायरल फीवर, खांसी-जुकाम, त्वचा रोग, मधुमेह और हाईपरटेंशन के मरीज अधिक रहे। पीएचसी सगरा और करमहिया में लैब टेक्नीशियन (एलटी) नहीं होने से मरीजों की रक्त जांच नहीं हो सकी। वहीं, पीएचसी परसाकुतुब में 41 मरीजों का पंजीकरण हुआ और 14 मरीजों की मधुमेह, मलेरिया तथा हीमोग्लोबिन की जांच की गई। पीएचसी करमहिया में आयुष चिकित्सक डॉ. अमिष कुमार ने 42 मरीजों की जांच की।
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नगरीय पीएचसी बरदहिया में डॉ. इंद्रावती कुमारी ने 44 मरीजों का उपचार किया। उन्होंने बताया कि अधिकांश मरीज वायरल फीवर से पीड़ित थे। पीएचसी नरहरिया में डॉ. आरपी सिंह ने 47 मरीजों की जांच की और एक गंभीर मरीज को रेफर किया। कलवारी संवाद के अनुसार, रुधौली पीएचसी में आयोजित मेले में 37 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉ. अनिल मौर्य ने बताया कि अधिकांश मरीज मौसमी बीमारियों से ग्रसित थे। कलवारी संवाद के अनुसार, सीएचसी बहादुरपुर में दोपहर तीन बजे तक 16 मरीजों का उपचार किया गया। यहां वायरल फीवर, पेट दर्द, त्वचा रोग, हड्डी दर्द और उच्च रक्तचाप के मरीज अधिक रहे। फार्मासिस्ट एके दीक्षित, एलटी राजेश कुमार, स्टाफ नर्स कल्पना मिश्रा, इंटर्न अनूप कुमार, वार्ड ब्वॉय भगवान दास व स्वीपर रमजान अली किया ने सहयोग किया।
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मुंडेरवा सीएचसी में मेला औपचारिकता तक सीमित रहा और केवल 15 मरीज पहुंचे। डॉ. अभिषेक यादव ने बताया कि बारिश, धूप और उमस के कारण फंगल संक्रमण और डायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। फार्मासिस्ट गुलाब, लक्ष्मी त्रिपाठी, देवानंद, अनिल कुमार, ओपी यादव, विनोद चौधरी, राजेश यादव ने सहयोग किया पीएचसी ओड़वारा में डॉ. नीलम चौधरी ने 25 मरीजों की जांच की, जहां डिहाइड्रेशन और त्वचा रोग के मरीज अधिक मिले। बभनान संवाद के अनुसार, पीएचसी बभनान में एलोपैथ चिकित्सक के न होने से मरीजों को परेशानी हुई। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. आशुतोष गुप्ता ने मरीजों को परामर्श देकर दवाएं दी। कुल, 106 मरीजों को परामर्श दिया गया।
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कहीं आयुष चिकित्सकों ने संभाली व्यवस्था, कहीं नहीं हो सकी ब्लड जांच
पीएचसी बभनान में एलोपैथ चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. आशुतोष गुप्ता ने 106 मरीजों को परामर्श देकर दवाएं उपलब्ध कराईं। भानपुर क्षेत्र के सीएचसी समेत तीन पीएचसी पर 129 मरीजों की जांच की गई। इनमें वायरल फीवर, खांसी-जुकाम, त्वचा रोग, मधुमेह और हाईपरटेंशन के मरीज अधिक रहे। पीएचसी सगरा और करमहिया में लैब टेक्नीशियन (एलटी) नहीं होने से मरीजों की रक्त जांच नहीं हो सकी। वहीं, पीएचसी परसाकुतुब में 41 मरीजों का पंजीकरण हुआ और 14 मरीजों की मधुमेह, मलेरिया तथा हीमोग्लोबिन की जांच की गई। पीएचसी करमहिया में आयुष चिकित्सक डॉ. अमिष कुमार ने 42 मरीजों की जांच की।