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Basti News: ढील ने बनाया लापरवाह, अब कतार में छूट रहा पसीना

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:08 AM IST
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Laxity made people careless, now they are sweating in the queue.
मड़वानगर ​स्थित गैस एजेंसी पर सिलिंडर लेने के लिए उमड़े लोग, लंबी कतार संवाद - फोटो : samvad
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बस्ती। रसोई गैस की आपूर्ति अभी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी है। एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बरकरार है। घंटों कतार में लगने के बाद ही सिलिंडर मिल पा रहा है। होम डिलीवरी की व्यवस्था तो अभी तक बहाल नहीं हुई है।
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महिलाएं खुद खाली सिलिंडर के साथ एजेंसियों पर लाइन लगा रही हैं। रविवार को शहरी क्षेत्र के अधिकांश एजेंसियों पर पहले टोकन मिला और बाद में दूसरी जगह से सिलिंडर मुहैया कराया गया। ज्यादा समस्या उन उपभोक्ताओं को हो रही हैं जिनके गैस पासबुक गायब हो चुके हैं। उन्हें अपना कनेक्शन नंबर पता करने के लिए एजेंसियों का चक्कर काटना पड़ रहा है।
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रसोई गैस के लिए लगी भीड़ के आगे उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। पिकौरा शिवगुलाम के प्रमोद कुमार ने बताया कि भारत गैस कंपनी का उनके घर में दो कनेक्शन हैं। 10-12 साल से बिना बुकिंग किए ही हॉकर घर गैस पहुंचा देते थे। हम सब्सिडी भी नहीं ले रहे। आसानी से गैस मिलने के कारण पासबुक की कभी जरूरत ही नहीं पड़ी।
अब बिना बुकिंग के गैस नहीं मिल रहा है। पासबुक नहीं मिल रहा है। सप्ताह भर से एजेंसी का चक्कर काट रहे हैं लेकिन, कनेक्शन नंबर बताने वाला कोई नहीं है। इसी तरह की समस्या तमाम उपभोक्ताओं की है। पांडेय बाजार के सुनील कुमार बताते हैं कि कुछ उपभोक्ता ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने कनेक्शन नंबर से मोबाइल नंबर कनेक्ट नहीं कराया है। उनकी ऑनलाइन बुकिंग ही नहीं हो पा रही है। एजेंसी पर बिना ऑनलाइन बुकिंग करने वालों को खाली हाथ लौटा दिया जा रहा है।
पहले ऐसा नहीं था बुकिंग न भी हो तब भी सिलिंडर आसानी से मिल जाता था। अब तो फिर से अपने कनेक्शन का कागज बनवाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इसके अलावा अभी शहर और कस्बों में होम डिलीवरी की व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाई है। मड़वानगर एजेंसी पर मौजूद उपभोक्ता दिवाकर प्रसाद, राजमन, परमेश्वर आदि ने बताया कि यदि होम डिलीवरी व्यवस्था चालू हो जाए तो एजेंसियों पर भीड़ अपने आप कम हो जाएगी। इससे कागज दुरुस्त कराने वाले उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत मिलेगी। अभी तो भीड़ के चलते कोई अपना पेपर भी सही नहीं करवा पा रहा है।
दिनभर हुआ इंतजार, नहीं पहुंचा काॅमर्शियल सिलिंडर : काॅमर्शियल सिलिंडर के लिए रविवार को दिन भर इंतजार होता रहा। काॅमर्शियल उपभोक्ताओं को उम्मीद रही कि आपूर्ति होने पर उनकी भी रोजी रोटी आसानी से चलेगी। गैस एजेंसियों पर फोन के जरिये और मौके पर पहुंचकर लोग काॅमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति की जानकारी लेते रहे। एजेंसियों से निराशाजनक उत्तर मिला। एजेंसी संचालकों ने बताया कि काॅमर्शियल सिलिंडरों के आपूर्ति की चर्चा सुनी जा रही हैं लेकिन, अभी तक आया नहीं है। काॅमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने से होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंटों में विभिन्न तरह के पकवान बनने बंद हो गए हैं। किसी तरह कोयले की भट्ठी पर चाय, भोजन तैयार किया जा रहा है। होटल संचालकों का कहना हैं कि यदि हाल रहा तो होटल कारोबार बंद हो जाएगा।
शहर की एजेंसियों पर जुट रही भीड़ : शहरी क्षेत्र में रसोई गैस के लगभग 80 हजार उपभोक्ता है। यहां तीन पेट्रोलियम कंपनियों की 16 एजेंसी संचालित हो रही है। इधर, 15 दिन से होम डिलेवरी बंद हो गई है। उपभोक्ता अब गैस के लिए खुद एजेंसी पर पहुंच रहे हैं। रौतापार, सिविल लाइन, कोतवाली रोड, मालवीय रोड, बरगदवा-ढोरिका रोड गैस एजेंसी के कार्यालय और गोदाम पर उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ी रही है। सुबह से शाम तक उपभोक्ताओं को टोकन उपलब्ध कराने में बीत जा रहे हैं। वहीं शहर से पांच-सात किमी की दूरी पर सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
वहीं महराजगंज कस्बे की सन गैस एजेंसी पर रविवार को सिलिंडर की रसीद कटवाने उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
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