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Basti News: उपद्रवी बंदियों के खिलाफ न्यायालय को भेजा गया पत्र
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बस्ती। जिला कारागार में माहौल तनावपूर्ण है। तीन दिन पहले बंदियों के दो गुटों में आपसी वर्चस्व को लेकर मारपीट का मामला सामने आया। इसमें कुछ दबंग कैदी बंदी रक्षकों को भी धमकी दी है। इसके बाद जेल प्रशासन काफी सख्त हो गया है।
जेल सुपरिटेंडेंट शिव प्रताप मिश्र ने उपद्रवी बंदियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ न्यायालय को पत्र लिखा है। इसके अलावा कुछ बंदियों के बैरक भी बदल दिए गए हैं।
जिला कारागार के अंदर काफी दिनों से माहौल बिगड़ा हुआ बताया जा रहा है। मातहत अफसरों पर भी कई तरह के भेदभाव के आरोप लगते आ रहे हैं। पिछले दिनों जेल के एक महिला अफसर का एक बंदी के निजी आयोजन में पहुंचने का मामला भी खूब चर्चा में रहा।
महिला अफसर के नाते संबंधित बंदी की हनक भी जेल के अंदर ज्यादा बताई जा रही है। इधर नया मामला सामने आ गया। 29 जनवरी को कुछ बंदी वर्चस्व को लेकर मारपीट शुरू कर दिए।
बीच-बचाव में उतरे बंदी रक्षकों को भी दबंग कैदियों ने धमकी देने से नहीं चूके। इसके बाद जेल प्रशासन को काफी सख्त होना पड़ा है। जेल सुपरिटेंडेंट दल बल के साथ खुद कैदियों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
मातहत पर भी उनकी नजर है। जेल में बैरकों की निगरानी बढ़ा दी गई है। दबंग एवं मनबढ़ कैदियों को चिह्नित कर उनकी बैरक बदलने की कार्रवाई की जा रही है। उनकी हर गतिविधि पर जेल प्रशासन नजर रख रहा है।
जेल सुपरिटेंडेंट ने मातहत अफसरों से लेकर बंदी रक्षकों तक के पेंच कस दिए हैं। निर्देश दिए हैं कि बंदियों के साथ अनावश्यक व्यवहार बनाने से बचा जाए। यदि किसी गतिविधियां संदिग्ध है तो उसकी सूचना तत्काल दी जाए। जेल के अंदर गलत हरकत करने वाले बंदियों को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं बंदियों से मिलने वाले मुलाकातियों पर भी जेल प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। जेल मैनुअल के अनुसार ही लोगों को मिलने की अनुमति दी जा रही है।
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जेल सुपरिटेंडेंट शिव प्रताप मिश्र ने उपद्रवी बंदियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ न्यायालय को पत्र लिखा है। इसके अलावा कुछ बंदियों के बैरक भी बदल दिए गए हैं।
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जिला कारागार के अंदर काफी दिनों से माहौल बिगड़ा हुआ बताया जा रहा है। मातहत अफसरों पर भी कई तरह के भेदभाव के आरोप लगते आ रहे हैं। पिछले दिनों जेल के एक महिला अफसर का एक बंदी के निजी आयोजन में पहुंचने का मामला भी खूब चर्चा में रहा।
महिला अफसर के नाते संबंधित बंदी की हनक भी जेल के अंदर ज्यादा बताई जा रही है। इधर नया मामला सामने आ गया। 29 जनवरी को कुछ बंदी वर्चस्व को लेकर मारपीट शुरू कर दिए।
बीच-बचाव में उतरे बंदी रक्षकों को भी दबंग कैदियों ने धमकी देने से नहीं चूके। इसके बाद जेल प्रशासन को काफी सख्त होना पड़ा है। जेल सुपरिटेंडेंट दल बल के साथ खुद कैदियों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
मातहत पर भी उनकी नजर है। जेल में बैरकों की निगरानी बढ़ा दी गई है। दबंग एवं मनबढ़ कैदियों को चिह्नित कर उनकी बैरक बदलने की कार्रवाई की जा रही है। उनकी हर गतिविधि पर जेल प्रशासन नजर रख रहा है।
जेल सुपरिटेंडेंट ने मातहत अफसरों से लेकर बंदी रक्षकों तक के पेंच कस दिए हैं। निर्देश दिए हैं कि बंदियों के साथ अनावश्यक व्यवहार बनाने से बचा जाए। यदि किसी गतिविधियां संदिग्ध है तो उसकी सूचना तत्काल दी जाए। जेल के अंदर गलत हरकत करने वाले बंदियों को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं बंदियों से मिलने वाले मुलाकातियों पर भी जेल प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। जेल मैनुअल के अनुसार ही लोगों को मिलने की अनुमति दी जा रही है।
