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लखनऊ- गोरखपुर हाईवे : जरूरत की जगह पर कट और अंडरपास नहीं, गलत लेन में चलने की मजबूरी

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 02:26 AM IST
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Lucknow-Gorakhpur Highway: No Cuts or Underpasses Where Needed Forcing Drivers to Travel in the Wrong Lane
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बस्ती। लखनऊ-गोरखपुर हाईवे शहरी क्षेत्र के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। जरूरत की जगह पर कट और अंडरपास नहीं है। अमोली गांव में हाईवे के किनारे स्थित नवीन मंडी से निकलने के बाद पांच सौ मीटर तक हाईवे पर गलत लेन में चलना पड़ रहा है। वहीं कलवारी की तरफ से, बिना जोखिम से गुजरे शहर में प्रवेश का कोई रास्ता नहीं है। अगर शहर में सुरक्षित पहुंचना है तो छह किलोमीटर का चक्कर लगाकर बड़ेवन फ्लाईओवर के नीचे से आना होगा। इमरजेंसी में अगर कम दूरी और कम समय में पहुंचना है तो पांच सौ मीटर तक गलत लेन में चलने का जोखिम उठाने के सिवाय कोई रास्ता नहीं है।


पैकोलिया, दुबौला की तरफ से आने वाले हजारों लोगों के लिए डमरूआ अंडरपास के नीचे से गुजरना मजबूरी है, जहां बारिश में पानी भरा रहता है। यहां जाम की समस्या तो आम हो गई है। कुछ समय पहले तक मूड़घाट चौराहे के कट से लोग कटरा चुंगी होकर पहुंच जाते थे लेकिन, हादसे बढ़ने का हवाला देकर एनएचएआई ने कट बंद कर दिया। इस समस्या से हजारों लोग रोजाना दो-चार हो रहे हैं। मगर कोई उपाय अब तक नहीं किए गए। जानकार बताते हैं कि हाईवे निर्माण के दौरान शहर में प्रवेश की व्यवस्था एवं मंडी समिति जैसे बड़े संस्थानों तक के सुचारू आवागमन पर गौर नहीं किया गया। शहर की कुछ प्रमुख सड़कों का जुड़ाव फोरलेन से सीधा नहीं हो सका। इसके दृष्टिगत न तो अंडरपास बनाए गए और न ही कट का निर्माण किया गया।
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30 मीटर रास्ता बंद होने से लगाते हैं दो किमी का चक्कर
जिले के पश्चिमी हिस्से में स्थित परशुरामपुर, पैकोलिया, गौर, बभनान के लोग गनेशपुर के रास्ते मुख्यालय पहुंचते हैं। मूड़घाट चौराहे पर आकर यह रास्ता बंद हो गया है। यहां से हाईवे गुजरने के कारण दोनों तरफ बैरिकेडिंग है। ऐसे में कटरा पहुंचाने वाला गनेशपुर मार्ग का कनेक्शन मूड़घाट में समाप्त हो गया है। महज 30 मीटर रास्ता बंद होने से इस मार्ग के राहगीरों को सर्विस रोड पर दो किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। कचहरी पहुंचने वाले लोग लगभग एक किमी तक उलटा चलकर शहर की ओर आ रहे हैं।
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अमहट मार्ग पर तीन किमी खतरनाक सफर की मजबूरी
यहीं हाल शहर के अमहट प्रवेश मार्ग का भी है। इसका भी कनेक्शन हाईवे से नहीं है। यह रास्ता तो एक तरह से वन-वे की शक्ल में है। जिले के कलवारी, हर्रैया, कप्तानगंज, दुबौलिया, विक्रमजोत क्षेत्र के नागरिकों को शहर पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर दूर स्थित फुटहिया और संसारपुर से ही सचेत होकर चलना पड़ता है। हाईवे से आने वाले लोग संसारपुर के पास सर्विस रोड का सहारा लेकर फुटहिया अंडरपास पहुंचते हैं। फिर उलटी दिशा में एक किमी तक चलकर किसी तरह अमहट पहुंच रहे हैं।

नवीन मंडी से निकलने के बाद हाईवे पर उलटा चल रहे लोग
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के हाईवे के किनारे अमोली गांव में नवीन मंडी स्थित है। यहां सब्जी, फल और गल्ले का थोक कारोबार होता है। कारोबार के सिलसिले में प्रतिदिन 25 से 30 हजार लोगों का आना-जाना यहां रहता है। इसके अलावा तीन हजार से अधिक छोटी- बड़ी काॅमर्शियल गाड़ियां 24 घंटे में आती-जाती हैं। सुबह सब्जी और फल मंडी पहुंचने वालों का तांता लगा रहता है। मंडी में प्रवेश के लिए तो बस्ती-गोरखपुर लेन पर तीन गेट स्थापित है। लेकिन जब खरीदारी के बाद वाहन लेकर लोग बाहर आ रहे हैं तो पॉलिटेक्निक चौराहा पहुंचने के लिए उलटा लेन में चल रहे हैं। लोगों का कहना हैं कि मंडी के एक व दो नंबर गेट के सामने स्थाई कट या अंडरपास होना जरूरी है।

कई बार हो चुके हैं हादसे
अमहट से फुटहिया सर्विस लेन पर गलत दिशा में चलने के कारण कई बार हादसे भी हो चुके हैं। एक सप्ताह पहले सर्विस लेन पर उलटा चलते समय दो बाइक सवार आमने-सामने से भिड़ गए थे। जिससे एक युवक की मौत हो गई थी। दो महीने पहले एक कार और बाइक गलत लेन में चलने के कारण भिड़ गए थे। इसमें बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसी तरह पॉलिटेक्निक चौराहा से मंडी समिति के बीच पांच सौ मीटर की दूरी में अक्सर हादसे हो रहे हैं। पिछले सप्ताह मंडी से निकली सब्जी से भरी ऑटो गलत लेन में एक खड़ी गाड़ी टकरा गई। इसमें ऑटो चालक सब्जी कारोबारी घायल हो गए थे।

हाईवे पर जिन जगहों पर कट या अंडरपास की जरूरत है। उसका प्रस्ताव तैयार कराकर मंत्रालय में भेज दिया गया है। कुछ जगहों पर अंडरपास की स्वीकृति हुई है। बजट स्वीकृत होने के बाद कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
इं. ललित प्रसाद, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
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