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Basti News: क्रय केंद्र सक्रिय, 30 से जिले के 67 केंद्रों पर शुरू होगी गेहूं की तौल
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 28 Mar 2026 12:41 AM IST
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सिद्धार्थनगर। गेहूं खरीद को लेकर विभागीय तैयारी तेज हो गई है। खरीद के लिए जिले में नामित 67 क्रय केंद्र सक्रिय हो गए हैं। खरीदारी के लिए सारी व्यवस्था कर ली गई है। 30 मार्च से किसान पंजीकरण करा चुके किसान तौल करा सकेंगे। सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक क्रय केंद्र खुले रहेंगे। सरकारी केंद्र पर बिक्री के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा, तभी वह अपनी को बेच सकेंगे। इसके लिए किसानों आधार कार्ड और खतौनी और बैंक खाते के साथ किसी भी जनसेवा केंद्र से विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। आंकड़ों के मुताबिक जनपद में अबतक 2500 से अधिक किसान पंजीकरण करवा चुके हैं।
सरकार किसानों की आयु को दोगुना करने के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद की व्यवस्था पारदर्शी बना दी है, जिससे बिचौलियों का दखल कम हो और किसान बाजार में औने-पौने दाम के बजाय सरकारी क्रय केंद्र पर उपज बेचकर लाभ उठा सके। इसके लिए केंद्रों पर तौल से लेकर पंजीकरण तक सारी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी हैं। साथ ही बाजार और महंगाई के हिसाब को देखते हुए समर्थन मूल्य भी हर फसल पर तय कर रही है। इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 20 रुपये प्रति क्विंटल तौलाई और छनाई के रूप में किसानों को दिया जाएगा। कुल 2605 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों के खाते में रुपये भेजे जाएंगे।
फसल तैयार हो गई है। कुछ इलाकों में कटाई भी शुरू हो गई है। विभाग की ओर से गेहूं की खरीद के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। किसानों को बिक्री करने में सहूलियत मिल सके। इसके लिए जिले में 67 क्रय केंद्र बनाया गया है। इसमें कृषि उत्पादन मंडी समिति, खाद्य एवं रसद विभाग, पीसीएफ, एफसीआई और अन्य क्रय एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। सभी 67 क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, तिरपाल, छाया और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गेहूं की खरीद निर्धारित मानकों के अनुरूप ही की जाएगी। भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से की जाएगी। तौल के बाद निर्धारित समय सीमा में किसानों के बैंक खाते में राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी। यदि किसी केंद्र पर अनियमितता, कटौती या भुगतान में देरी की शिकायत मिलती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रहेगा जहां किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। साथ ही, तहसील स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है जो क्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण करेंगे। फिलहाल अभी तक जनपद को खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं हुआ है, लेकिन गेहूं की अच्छी पैदावार की संभावना को देखते हुए इस बार खरीद लक्ष्य भी बढ़ाए जाने की संभावना है।
केंद्र पर बिक्री के लिए ऑनलाइन आवेदन जरूरी
ऑनलाइन पंजीकरण के लिए किसानों को भूलेख, आधार कार्ड, बैंक खाते की विवरणी और मोबाइल नंबर दर्ज कराना होगा। विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण के बाद किसानों को टोकन जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर निर्धारित तिथि और समय पर केंद्र पर पहुंचकर गेहूं की तौल कराई जा सकेगी। बिना पंजीकरण कराए कोई भी किसान उपज की बिक्री नहीं कर सकेंगे। क्योंकि, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और उसके जरिये ही खरीद, भुगतान और निगरानी होगी।
गेहूं खरीद के लिए जिले में 65 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्र पर तैयारी पूरी कर ली गई है। 30 मार्च से तौल शुरू हो जाएगी। किसानों से अपील है कि वह पहले ही ऑनलाइन पंजीकरण करवा लें, जिससे उन्हें उपज को बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। खरीद के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करके किसानों को सरकारी क्रय केंद्र पर बेचने के लिए प्रेरित करेंगे।
- रमेश कुमार, जिला विपणन अधिकारी
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सरकार किसानों की आयु को दोगुना करने के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद की व्यवस्था पारदर्शी बना दी है, जिससे बिचौलियों का दखल कम हो और किसान बाजार में औने-पौने दाम के बजाय सरकारी क्रय केंद्र पर उपज बेचकर लाभ उठा सके। इसके लिए केंद्रों पर तौल से लेकर पंजीकरण तक सारी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी हैं। साथ ही बाजार और महंगाई के हिसाब को देखते हुए समर्थन मूल्य भी हर फसल पर तय कर रही है। इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 20 रुपये प्रति क्विंटल तौलाई और छनाई के रूप में किसानों को दिया जाएगा। कुल 2605 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों के खाते में रुपये भेजे जाएंगे।
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फसल तैयार हो गई है। कुछ इलाकों में कटाई भी शुरू हो गई है। विभाग की ओर से गेहूं की खरीद के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। किसानों को बिक्री करने में सहूलियत मिल सके। इसके लिए जिले में 67 क्रय केंद्र बनाया गया है। इसमें कृषि उत्पादन मंडी समिति, खाद्य एवं रसद विभाग, पीसीएफ, एफसीआई और अन्य क्रय एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। सभी 67 क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, तिरपाल, छाया और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गेहूं की खरीद निर्धारित मानकों के अनुरूप ही की जाएगी। भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से की जाएगी। तौल के बाद निर्धारित समय सीमा में किसानों के बैंक खाते में राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी। यदि किसी केंद्र पर अनियमितता, कटौती या भुगतान में देरी की शिकायत मिलती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रहेगा जहां किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। साथ ही, तहसील स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है जो क्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण करेंगे। फिलहाल अभी तक जनपद को खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं हुआ है, लेकिन गेहूं की अच्छी पैदावार की संभावना को देखते हुए इस बार खरीद लक्ष्य भी बढ़ाए जाने की संभावना है।
केंद्र पर बिक्री के लिए ऑनलाइन आवेदन जरूरी
ऑनलाइन पंजीकरण के लिए किसानों को भूलेख, आधार कार्ड, बैंक खाते की विवरणी और मोबाइल नंबर दर्ज कराना होगा। विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण के बाद किसानों को टोकन जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर निर्धारित तिथि और समय पर केंद्र पर पहुंचकर गेहूं की तौल कराई जा सकेगी। बिना पंजीकरण कराए कोई भी किसान उपज की बिक्री नहीं कर सकेंगे। क्योंकि, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और उसके जरिये ही खरीद, भुगतान और निगरानी होगी।
गेहूं खरीद के लिए जिले में 65 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्र पर तैयारी पूरी कर ली गई है। 30 मार्च से तौल शुरू हो जाएगी। किसानों से अपील है कि वह पहले ही ऑनलाइन पंजीकरण करवा लें, जिससे उन्हें उपज को बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। खरीद के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करके किसानों को सरकारी क्रय केंद्र पर बेचने के लिए प्रेरित करेंगे।
- रमेश कुमार, जिला विपणन अधिकारी