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Basti News: शहरी क्षेत्र के पेट्रोल पंपों राहत, देहात में संकट बरकरार
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बस्ती। शहरी क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई है। शहर के अधिकांश पेट्रोल-पंपों पर डीजल और पेट्रोल की बिक्री होते देखी गई। कुछ जगहों पर ग्राहकों की भीड़ जुटी लेकिन, कुछ ही देर में नियंत्रित हो गई। केवल 15 से 20 गाड़ियां ही पेट्रोल पंपों पर हर समय मौजूद रहीं। कई सेल्स मैन का कहना था कि यदि नियमित आपूर्ति होती रहे तो संकट नहीं होगा। इधर दो दिनों से आपूर्ति में कुछ सुधार हुआ है।
हाईवे के कुछ भी पंपों पर भी डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता बनी रही। ट्रक-ट्रेलर तेल भरवाने के लिए पंपों पर आते-जाते रहे। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के पंपों पर अभी भी संकट बरकरार है। यहां गिनती के पंपों पर ही डीजल-पेट्रोल उपलब्ध है। जिसकी सीमित मात्रा में बिक्री की जा रही है। इक्के-दुक्के पंप खुलने पर इतने ग्राहक जुट रहे हैं कि कुछ ही घंटे में वह भी बंद हो जा रहे हैं। देहात के भी ग्राहक डीजल-पेट्रोल के लिए शहरी क्षेत्र एवं हाईवे के पंपों पर पहुंच रहे हैं।
शहर में सुबह मालवीय मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप पर डीजल-पेट्रोल की बिक्री दिन भर की गई। इसी तरह रौता चौराहा, गांधीनगर, कचहरी पेट्रोल पंप पर भी डीजल-पेट्रोल की बिक्री होते देखी गई। सेल्स मैन पवन कुमार ने बताया कि देहात क्षेत्र के ग्राहक भी तेल भरवाने की पहुंच रहे हैं। इस वजह से खपत ज्यादा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के पंप अभी भी लाइन से ड्राई पड़े हैं। ब
स्ती से रुधौली के बीच आधा दर्जन में से एक-दो पंप पर ही सुबह-शाम डीजल-पेट्रोल का वितरण हो पा रहा है। मनौरी-गौरा के बीच स्थित पंपों पर ट्रकों की लाइन देखी जा रही है। वहीं लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन पर परसा चौराहे से लेकर मड़वानगर के बीच स्थित पेट्रोल पंपों पर वितरण शुरू हो गया है। जबकि फुटहिया से विक्रमजोत के बीच आधा दर्जन पंप अभी भी बंद चल रहे हैं।
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नियमित नहीं हो पा रही आपूर्ति
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना हैं कि डिमांड के हिसाब से डीजल-पेट्रोल की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। एडवांस भुगतान के बाद भी एक टैंकर तेल आने में तीन से चार दिन लग जा रहे हैं। यहीं वजह है कि सभी पंप एक साथ नहीं खुल पा रहे हैं। एक जगह आपूर्ति हो रही हैं तो बाकी जगहों पर टैंकर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। कंपनी रूटवार पेट्रोल पंपों पर बारी-बारी से आपूर्ति कर रही है।
कोट
डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति में सुधार होने लगा है। शहरी क्षेत्र के अधिकांश पंपों पर डीजल पेट्रोल का टैंकर आने लगा हैं। ग्रामीण क्षेत्र के कुछ पंपों पर अभी आपूर्ति बराबर नहीं हो पा रही है। मगर यह समस्या भी दूर हो जाएगी।
-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ।
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हाईवे के कुछ भी पंपों पर भी डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता बनी रही। ट्रक-ट्रेलर तेल भरवाने के लिए पंपों पर आते-जाते रहे। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के पंपों पर अभी भी संकट बरकरार है। यहां गिनती के पंपों पर ही डीजल-पेट्रोल उपलब्ध है। जिसकी सीमित मात्रा में बिक्री की जा रही है। इक्के-दुक्के पंप खुलने पर इतने ग्राहक जुट रहे हैं कि कुछ ही घंटे में वह भी बंद हो जा रहे हैं। देहात के भी ग्राहक डीजल-पेट्रोल के लिए शहरी क्षेत्र एवं हाईवे के पंपों पर पहुंच रहे हैं।
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शहर में सुबह मालवीय मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप पर डीजल-पेट्रोल की बिक्री दिन भर की गई। इसी तरह रौता चौराहा, गांधीनगर, कचहरी पेट्रोल पंप पर भी डीजल-पेट्रोल की बिक्री होते देखी गई। सेल्स मैन पवन कुमार ने बताया कि देहात क्षेत्र के ग्राहक भी तेल भरवाने की पहुंच रहे हैं। इस वजह से खपत ज्यादा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के पंप अभी भी लाइन से ड्राई पड़े हैं। ब
स्ती से रुधौली के बीच आधा दर्जन में से एक-दो पंप पर ही सुबह-शाम डीजल-पेट्रोल का वितरण हो पा रहा है। मनौरी-गौरा के बीच स्थित पंपों पर ट्रकों की लाइन देखी जा रही है। वहीं लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन पर परसा चौराहे से लेकर मड़वानगर के बीच स्थित पेट्रोल पंपों पर वितरण शुरू हो गया है। जबकि फुटहिया से विक्रमजोत के बीच आधा दर्जन पंप अभी भी बंद चल रहे हैं।
नियमित नहीं हो पा रही आपूर्ति
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना हैं कि डिमांड के हिसाब से डीजल-पेट्रोल की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। एडवांस भुगतान के बाद भी एक टैंकर तेल आने में तीन से चार दिन लग जा रहे हैं। यहीं वजह है कि सभी पंप एक साथ नहीं खुल पा रहे हैं। एक जगह आपूर्ति हो रही हैं तो बाकी जगहों पर टैंकर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। कंपनी रूटवार पेट्रोल पंपों पर बारी-बारी से आपूर्ति कर रही है।
कोट
डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति में सुधार होने लगा है। शहरी क्षेत्र के अधिकांश पंपों पर डीजल पेट्रोल का टैंकर आने लगा हैं। ग्रामीण क्षेत्र के कुछ पंपों पर अभी आपूर्ति बराबर नहीं हो पा रही है। मगर यह समस्या भी दूर हो जाएगी।
-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ।

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