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Basti News: देसी गाय पर मिलेगा अनुदान, महिलाएं भी चला सकेंगी डेयरी
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बस्ती। देसी गायों के संरक्षण को लेकर सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। इसके तहत देसी गायों की डेयरी खोलने पर 11.80 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। इसमें इस बार महिला को बराबरी का हिस्सा दिया गया है। जनपद में छह डेयरी यूनिट की स्थापना की जाएगी।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की कुल लागत 23.60 लाख रुपये हैं। इसमें से 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में लाभार्थी को 11.80 लाख रुपये मिलेगा। अनुदान की राशि दो किस्तों में जारी की जाएगी। जबकि कुल लागत की 15 प्रतिशत धनराशि लाभार्थी को खुद लगानी होगी। 35 प्रतिशत बैंक से लोन मिलेगा। योजना के तहत लाभार्थी को 10 स्वदेशी नस्ल की गायों की डेयरी शुरू करनी होगी। इसमें गिर, साहिवाल, थारपारक नस्ल की गायें होनी चाहिए। जिले में कुल छह लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना का लाभ पाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही हार्डकॉपी जमा करना अनिवार्य है। अंतिम तिथि 11 जुलाई निर्धारित की गई है। शर्त यह है कि गायों की खरीदारी प्रदेश के बाहर से करनी होगी। संबंधित गाय का टैगिंग व तीन वर्ष का बीमा जरूरी है। सीवीओ डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए आवेदन 22 जून से 11 जुलाई तक किया जा सकता है।
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चारा उगाने के लिए 0.8 हेक्टेयर जमीन की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। हरा चारा की पूर्ति समझौता अनुबंध के माध्यम से पूरा किया जा सकेगा। ऐसे में अब तीन महिला व तीन पुरुष लाभार्थी को यूनिट स्थापना के लिए स्वीकृति दी जाएगी।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की कुल लागत 23.60 लाख रुपये हैं। इसमें से 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में लाभार्थी को 11.80 लाख रुपये मिलेगा। अनुदान की राशि दो किस्तों में जारी की जाएगी। जबकि कुल लागत की 15 प्रतिशत धनराशि लाभार्थी को खुद लगानी होगी। 35 प्रतिशत बैंक से लोन मिलेगा। योजना के तहत लाभार्थी को 10 स्वदेशी नस्ल की गायों की डेयरी शुरू करनी होगी। इसमें गिर, साहिवाल, थारपारक नस्ल की गायें होनी चाहिए। जिले में कुल छह लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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योजना का लाभ पाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही हार्डकॉपी जमा करना अनिवार्य है। अंतिम तिथि 11 जुलाई निर्धारित की गई है। शर्त यह है कि गायों की खरीदारी प्रदेश के बाहर से करनी होगी। संबंधित गाय का टैगिंग व तीन वर्ष का बीमा जरूरी है। सीवीओ डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए आवेदन 22 जून से 11 जुलाई तक किया जा सकता है।
चारा उगाने के लिए 0.8 हेक्टेयर जमीन की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। हरा चारा की पूर्ति समझौता अनुबंध के माध्यम से पूरा किया जा सकेगा। ऐसे में अब तीन महिला व तीन पुरुष लाभार्थी को यूनिट स्थापना के लिए स्वीकृति दी जाएगी।