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Basti News: टीबी मुक्त गांवों को मिलेगी गोल्ड, सिल्वर व कांस्य कोटेड गांधी प्रतिमा
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बस्ती। जिले में टीबी मुक्त गांव को मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, हर्रैया ब्लॉक के परसौड़ा गांव को गोल्ड मेडल भी मिल सकता है। इसी के साथ 84 गांव को सिल्वर व 226 गांव को कांस्य मेडल के लिए सूचीबद्ध किया गया है। पंचायती राज विभाग के सत्यापन के बाद इन गांवों को 24 मार्च को होने वाले विश्व क्षय रोग दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। गोल्ड, सिल्वर व कांस्य कोटेड महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि सूची को डीपीआरओ को भेजा गया है। वहां से सत्यापित होकर आने के बाद इसका सत्यापन ब्लॉक स्तरीय कमेटियों से कराकर उसे फाइनल किया जाएगा। उपचार सफलता दर, ड्रग सेंस्टिवटी टेस्ट, निक्षय पोषण योजना व पोषण पोटली सहित छह इंडीकेटर पर ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इसमें 311 गांव ऐसे पाए गए हैं, जिनमें एक गांव लगातार तीसरी बार (वर्ष 2023, 24 व 25) टीबी मुक्त घोषित हुआ है।
इसके अलावा 84 गांव ऐसे हैं, जिन्हें लगातार दूसरी बार टीबी मुक्त व 226 गांव ऐसे हैं, जिन्हें लगातार तीसरी बार टीबी मुक्त घोषित किया गया है। विभाग का कहना है कि जिन गांव का चयन किया गया था, उनकी संख्या पहले 415 थी। इन्हें जांच व मरीजों की संख्या के आधार पर चयनित किया गया था। इसके बाद जब छह इंडीकेटर पर इन्हें परखा गया तो यह संख्या घटकर 311 पर आ गई है।
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सीएमओ के अधीन कमेटी करेगी सत्यापन
टीबी मुक्त हुए गांव की सूची तैयार होने के बाद अब इनका सत्यापन कराए जाने की तैयारियां हो रही हैं। सीएमओ के अधीन ब्लॉकवार कमेटी काम करेगी। ब्लॉकवार कमेटी में एक चिकित्सक, एक डीपीआरओ का प्रतिनिधि व एक एनटीईपी का सदस्य शामिल रहेगा। इस कमेटी की मुहर लगने के बाद सूची को फाइनल माना जाएगा। विभागीय जानकारों का कहना है कि जो सूची तैयार की गई है, उसमें कोई विशेष बदलाव आने की संभावना नहीं है।
कोट
टीबी मुक्त भारत के तहत गांव-गांव अभियान चल रहा है। जांच कर मरीजों को दवाएं देकर उन्हें स्वस्थ बनाया जा रहा है। गांव की सूची फाइनल हो गई हे।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि सूची को डीपीआरओ को भेजा गया है। वहां से सत्यापित होकर आने के बाद इसका सत्यापन ब्लॉक स्तरीय कमेटियों से कराकर उसे फाइनल किया जाएगा। उपचार सफलता दर, ड्रग सेंस्टिवटी टेस्ट, निक्षय पोषण योजना व पोषण पोटली सहित छह इंडीकेटर पर ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इसमें 311 गांव ऐसे पाए गए हैं, जिनमें एक गांव लगातार तीसरी बार (वर्ष 2023, 24 व 25) टीबी मुक्त घोषित हुआ है।
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इसके अलावा 84 गांव ऐसे हैं, जिन्हें लगातार दूसरी बार टीबी मुक्त व 226 गांव ऐसे हैं, जिन्हें लगातार तीसरी बार टीबी मुक्त घोषित किया गया है। विभाग का कहना है कि जिन गांव का चयन किया गया था, उनकी संख्या पहले 415 थी। इन्हें जांच व मरीजों की संख्या के आधार पर चयनित किया गया था। इसके बाद जब छह इंडीकेटर पर इन्हें परखा गया तो यह संख्या घटकर 311 पर आ गई है।
सीएमओ के अधीन कमेटी करेगी सत्यापन
टीबी मुक्त हुए गांव की सूची तैयार होने के बाद अब इनका सत्यापन कराए जाने की तैयारियां हो रही हैं। सीएमओ के अधीन ब्लॉकवार कमेटी काम करेगी। ब्लॉकवार कमेटी में एक चिकित्सक, एक डीपीआरओ का प्रतिनिधि व एक एनटीईपी का सदस्य शामिल रहेगा। इस कमेटी की मुहर लगने के बाद सूची को फाइनल माना जाएगा। विभागीय जानकारों का कहना है कि जो सूची तैयार की गई है, उसमें कोई विशेष बदलाव आने की संभावना नहीं है।
कोट
टीबी मुक्त भारत के तहत गांव-गांव अभियान चल रहा है। जांच कर मरीजों को दवाएं देकर उन्हें स्वस्थ बनाया जा रहा है। गांव की सूची फाइनल हो गई हे।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।