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Basti News: गांव में ही छिपा है बाबूलाल की मौत का राज
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बस्ती। बाबूलाल की मौत का राज उसके गांव रतनपुरा अर्जुन में ही छिपा है। जांच के लिए शुक्रवार को वॉल्टरगंज थाना के अलावा स्वॉट और सर्विलांस टीम भी लगाई गई है। पुलिस की यह टीमें इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से लेकर मैनुअल तथ्यों को संकलित करने में जुटी है। इस दौरान कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई।
परिवार के लोगों से भी पुलिस ने काफी कुछ जानकारी एकत्र की है। सूत्रों के अनुसार हत्या से जुड़े सुराग पुलिस को मिल चुके हैं। बहुत जल्द इस घटना का खुलासा भी पुलिस कर सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाबूलाल (50) की मौत सिर में गंभीर चोट लगने के कारण बताया गया है। गांव के चकमार्ग के किनारे मिले शव को देखने के बाद ही हत्या की चर्चा आम हो गई थी। क्योंकि मृतक के मुंह में गमछा ठूंसा गया था। इसके अलावा शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए थे।
अगले दिन मृतक के भाई शिवकुमार की तहरीर पर वॉल्टरगंज पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। परिजनों के अनुसार बाबूलाल का वर्ष 2004 में पत्नी से उसका तलाक हो गया था। इसके बाद वह अपने भाई शिव कुमार के साथ रहता था।
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भाई शिवकुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम उसके गले खाते समय कुछ फंस गया था। दर्द होने पर अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद राहत हुई तो उसे लेकर घर आ गए थे। वह घर के बरामदे में तख्त पर रात 12 बजे तक बाबूलाल सो रहे थे। इसके बाद वह भी घर में चले गए। सुबह वह तख्त पर नहीं थे। कुछ देर बाद गांव के चकमार्ग पर शव मिलने की सूचना मिली। जिसकी पहचान बाबूलाल के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि बताया कि बाबूलाल के मोबाइल में इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल की सुविधा नहीं थी।
परिवार के लोगों से भी पुलिस ने काफी कुछ जानकारी एकत्र की है। सूत्रों के अनुसार हत्या से जुड़े सुराग पुलिस को मिल चुके हैं। बहुत जल्द इस घटना का खुलासा भी पुलिस कर सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाबूलाल (50) की मौत सिर में गंभीर चोट लगने के कारण बताया गया है। गांव के चकमार्ग के किनारे मिले शव को देखने के बाद ही हत्या की चर्चा आम हो गई थी। क्योंकि मृतक के मुंह में गमछा ठूंसा गया था। इसके अलावा शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए थे।
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अगले दिन मृतक के भाई शिवकुमार की तहरीर पर वॉल्टरगंज पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। परिजनों के अनुसार बाबूलाल का वर्ष 2004 में पत्नी से उसका तलाक हो गया था। इसके बाद वह अपने भाई शिव कुमार के साथ रहता था।
भाई शिवकुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम उसके गले खाते समय कुछ फंस गया था। दर्द होने पर अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद राहत हुई तो उसे लेकर घर आ गए थे। वह घर के बरामदे में तख्त पर रात 12 बजे तक बाबूलाल सो रहे थे। इसके बाद वह भी घर में चले गए। सुबह वह तख्त पर नहीं थे। कुछ देर बाद गांव के चकमार्ग पर शव मिलने की सूचना मिली। जिसकी पहचान बाबूलाल के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि बताया कि बाबूलाल के मोबाइल में इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल की सुविधा नहीं थी।