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Basti News: जिला अस्पताल चौराहे पर रोजाना लग रहा जाम, घंटों रेंग रहे वाहन
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जिला अस्पताल चौराहा पर जाम में फंसी एंबुलेंस-संवाद
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पुरानी बस्ती। शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल जिला चिकित्सालय चौराहे पर रोजाना सुबह से ही जाम की समस्या शुरू हो जाती है। यह चौराहा शहर को गोरखपुर, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और मुख्य बाजार से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। लगातार बढ़ते यातायात और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण यहां घंटों तक वाहन रेंगते रहते हैं।
चौराहे से पूरब की ओर जाने वाला मार्ग गोरखपुर की तरफ जाता है, जबकि पश्चिम दिशा का मार्ग शहर के प्रमुख बाजारों की ओर जाता है। दक्षिण दिशा में मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय का रास्ता होने से इस मार्ग पर मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस और रोडवेज बसों का भी लगातार आवागमन रहता है। जाम लगने पर कई बार एंबुलेंस भी वाहनों की लंबी कतार में फंस जाती हैं। जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने में कठिनाई होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम की समस्या से बचने के लिए उन्हें कई बार दो से तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर दूसरे रास्तों से जाना पड़ता है। समय-समय पर नगर पालिका की ओर से जाम की समस्या कम करने के प्रयास भी किए गए। इसी क्रम में सड़क किनारे नगर पालिका की भूमि पर स्थित बिजली के खंभे को दूसरी जगह स्थानांतरित कराने के लिए करीब 1.58 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन इससे भी स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
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अधिवक्ता राजकुमार सोनकर ने बताया कि जाम के कारण उन्हें न्यायालय पहुंचने के लिए दक्षिण दरवाजा होकर करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। वहीं चौराहे के पास दुकान संचालित करने वाले राजेश कसौधन का कहना है कि जाम की वजह से ग्राहक आने से कतराते हैं, जिससे उनके व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और यातायात पुलिस से चौराहे पर प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, अतिक्रमण हटाने और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि आम लोगों के साथ-साथ मरीजों और राहगीरों को भी राहत मिल सके।
कोट
अस्पताल चौराहे पर पुलिस कर्मियों और यातायात पुलिस की डयूटी लगी है। जाम न लगे इसके लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। फिलहाल व्यवस्था देखी जाएगी ताकि जाम न लगे।
-श्याम कांत, एएसपी
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चौराहे से पूरब की ओर जाने वाला मार्ग गोरखपुर की तरफ जाता है, जबकि पश्चिम दिशा का मार्ग शहर के प्रमुख बाजारों की ओर जाता है। दक्षिण दिशा में मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय का रास्ता होने से इस मार्ग पर मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस और रोडवेज बसों का भी लगातार आवागमन रहता है। जाम लगने पर कई बार एंबुलेंस भी वाहनों की लंबी कतार में फंस जाती हैं। जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने में कठिनाई होती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम की समस्या से बचने के लिए उन्हें कई बार दो से तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर दूसरे रास्तों से जाना पड़ता है। समय-समय पर नगर पालिका की ओर से जाम की समस्या कम करने के प्रयास भी किए गए। इसी क्रम में सड़क किनारे नगर पालिका की भूमि पर स्थित बिजली के खंभे को दूसरी जगह स्थानांतरित कराने के लिए करीब 1.58 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन इससे भी स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
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अधिवक्ता राजकुमार सोनकर ने बताया कि जाम के कारण उन्हें न्यायालय पहुंचने के लिए दक्षिण दरवाजा होकर करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। वहीं चौराहे के पास दुकान संचालित करने वाले राजेश कसौधन का कहना है कि जाम की वजह से ग्राहक आने से कतराते हैं, जिससे उनके व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और यातायात पुलिस से चौराहे पर प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, अतिक्रमण हटाने और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि आम लोगों के साथ-साथ मरीजों और राहगीरों को भी राहत मिल सके।
कोट
अस्पताल चौराहे पर पुलिस कर्मियों और यातायात पुलिस की डयूटी लगी है। जाम न लगे इसके लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। फिलहाल व्यवस्था देखी जाएगी ताकि जाम न लगे।
-श्याम कांत, एएसपी