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Bhadohi News: पांच साल रोशन करने की गारंटी डेढ़ साल में ही अंधेरे का कब्जा

Thu, 02 Jul 2026 01:40 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 01:40 AM IST
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A guarantee of five years of illumination, yet darkness takes over in just a year and a half
गोपीगंज नगर में तिरंगा एलईडी पोल की अधिकांश लाइटें बंद। संवाद
गोपीगंज। नगर के सुंदरीकरण के लिए लगाई गई स्ट्रीट लाइटें डेढ़ साल के भीतर ही खराब होने लगी हैं। नगर विकास योजना के तहत करीब दो करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई 250 स्ट्रीट लाइटों में से करीब 35 फीसदी खराब हैं। इन लाइटों की गारंटी पांच वर्ष की बताई गई थी, लेकिन ये डेढ़ साल भी नहीं चल सकीं। नगर में लगी अधिकतर लाइटें अब शोपीस बनकर रह गई हैं। प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव मार्ग पर लाइटें बंद होने से अंधेरा रहता है। गोपीगंज जिले का प्रमुख व्यावसायिक नगर है। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर स्थित होने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है। यहां जनपद के अलावा अन्य जिलों से भी व्यापारी व्यापार के लिए आते हैं। नगर की सुंदरता बढ़ाने और प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से करीब डेढ़ साल पहले तिरंगा स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं।
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करीब दो करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई फैंसी एलईडी लाइटों में से कई अब बंद हो चुकी हैं। नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर लगी अधिकांश लाइटें खराब हैं। सबसे खराब स्थिति प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव धाम मार्ग की बताई गई है, जहां 50 में से 25 लाइटें बंद हैं। इसी प्रकार ज्ञानपुर-गोपीगंज मुख्य मार्ग पर करीब 15, सदर मोहाल में करीब 15 तथा अन्य वार्डों में भी आठ, 10 और 15 लाइटें बंद होने की बात कही गई है। बंद पड़ी लाइटों के कारण न केवल नगर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि रात के समय राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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एक पोल पर 80 हजार रुपये खर्च, फिर भी गुणवत्ता पर सवाल
नगर में करीब 250 तिरंगा स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, जिनकी गारंटी पांच वर्ष की थी। परियोजना पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस आधार पर प्रति पोल करीब 80 हजार रुपये खर्च हुए। इसके बावजूद बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें बंद होने से उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि खराब लाइटों की मरम्मत को लेकर न तो नगर पालिका गंभीर है और न ही कार्यदायी संस्था।
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ज्ञानपुर रोड पर पालिका के सामने लगा शो लैंप टूटकर गिर गया है। इसे आज तक नहीं बनाया गया है। इस रोड पर कई लाइटें बंद रहती हैं। - धर्मराज दुबे, गोपीगंज
बड़े शिव मार्ग पर ज्यादातर लाइटें बंद हैं। कई लाइटें तो शुरू से ही बंद पड़ी हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गुणवत्ता भी खराब रही है। - विदेंश गुप्ता, गोपीगंज
जब लाइटें लगी थीं तो बताया गया था कि इनकी पांच साल की गारंटी है। अब सदर मोहाल में कई जगहों पर लाइटें बंद हैं। नगर पालिका कर्मी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। - असफाक अहमद, गोपीगंज:
लाइटें लगने पर नगर काफी सुंदर लग रहा था, लेकिन कुछ ही महीनों बाद एक-एक कर लाइटें बुझने लगीं। इतने बड़े प्रोजेक्ट की गुणवत्ता का यह हाल है। - गुलाब रब्बानी, गोपीगंज

सभी फैंसी लाइट पोल पांच वर्ष की गारंटी के साथ लगाए गए हैं। डेढ़ साल में लाइटें बंद होने का मतलब है कि इसकी गुणवत्ता सही नहीं है। खराब लाइटों को वारंटी के तहत कार्यदायी संस्था से ही ठीक कराया जाएगा। - बीना सिंह, अधिशासी अधिकारी, गोपीगंज:
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