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Bhadohi News: निजी अस्पतालों में बोर्ड लगाकर गायब रहने वाले चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई
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ज्ञानपुर। जिले के 140 निजी अस्पतालों में नेम प्लेट बोर्ड लगाकर गायब रहने वाले चिकित्सकों पर स्वास्थ्य विभाग शिकंजा कसेगा। सीएमओ डॉ. एसके चक के निर्देश पर जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। जिले के ज्यादातर निजी अस्पताल संचालक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर का नेम प्लेट बोर्ड लगाकर मरीजों का उपचार करते हैं। जब मरीज अस्पताल के किसी कर्मचारियों से पूछते हैं जिनका नेम प्लेट बोर्ड लगा है वह डॉक्टर नहीं है क्या, जवाब मिलता है कि आज किसी कारणवश वह नहीं आ सके हैं।
मरीज सोचता है कि दूर से आए हैं, ऐसे में दूसरे ही डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे अस्पताल गोपीगंज, भदोही, औराई, सुरियावां में भरे पड़े हैं। जिले में 140 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं, कुछ अस्पताल को छोड़ दिया जाए, जहां नेम प्लेट बोर्ड लगा है, वहां नियमित या सप्ताह में डॉक्टर नहीं बैठते हैं। नियम है कि जिन डॉक्टर का बोर्ड लगा है वह बैठे, डॉक्टर ऑनकाल होते हैं, तो उसकी जानकारी स्पष्ट अक्षरों में लिखाना चाहिए। ऑपरेशन कौन करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।
ज्ञानपुर निवासी आशुतोष पाल ने बताया कि कान में दिक्कत थी, गोपीगंज एक अस्पताल में दिखाया, मौके पर ईएनटी के डाॅक्टर नहीं मिलीं, फिजिशयन ने दवा दिया। नेवादा के विनय सरोज ने बताया कि आर्थों की दिक्कतें थी, सुरियावां के एक निजी अस्पताल में दिखाया, विशेषज्ञ नहीं मिले, एमबीबीएस डॉक्टर ने दवा दी उससे राहत मिली।
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निजी अस्पताल का जांच करने के लिए तीन सदस्यी टीम गठित है। इसमें डिप्टी सीएमओ, लिपिक और सीएचसी अधीक्षक है। जो जांच करके अपनी रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। खामियां मिलने पर कार्रवाई होगी। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
मरीज सोचता है कि दूर से आए हैं, ऐसे में दूसरे ही डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे अस्पताल गोपीगंज, भदोही, औराई, सुरियावां में भरे पड़े हैं। जिले में 140 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं, कुछ अस्पताल को छोड़ दिया जाए, जहां नेम प्लेट बोर्ड लगा है, वहां नियमित या सप्ताह में डॉक्टर नहीं बैठते हैं। नियम है कि जिन डॉक्टर का बोर्ड लगा है वह बैठे, डॉक्टर ऑनकाल होते हैं, तो उसकी जानकारी स्पष्ट अक्षरों में लिखाना चाहिए। ऑपरेशन कौन करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।
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ज्ञानपुर निवासी आशुतोष पाल ने बताया कि कान में दिक्कत थी, गोपीगंज एक अस्पताल में दिखाया, मौके पर ईएनटी के डाॅक्टर नहीं मिलीं, फिजिशयन ने दवा दिया। नेवादा के विनय सरोज ने बताया कि आर्थों की दिक्कतें थी, सुरियावां के एक निजी अस्पताल में दिखाया, विशेषज्ञ नहीं मिले, एमबीबीएस डॉक्टर ने दवा दी उससे राहत मिली।
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