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भ्रष्टाचार का तारकोल : 6 महीने पहले बनीं सड़कों की गिट्टियां उखड़ीं, उगी घास

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:39 AM IST
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FIR against 15 in the case of land grabbing and vandalism
भौथर जाने वाले मार्ग पर उगी घास। संवाद
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ज्ञानपुर। सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का तारकोल इतना पतला हो गया है कि नई सड़कों में से घास उगने लगी है। जी, हां हम बात कर रहे हैं दुर्गागंज के भौथर डीह से चौहान बस्ती और वनवासी बस्ती जाने वाली सड़क की। 800 मीटर लंबी सड़क छह महीने पहले ही बनाई गई थी। इस सड़क की लेयर पतली होने के कारण गिट्टियों के बीच में से घास उग आई है। इस सड़क से हर दिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। अब इस सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
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लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) जनपद में सड़कों का निर्माण कराते हैं। सभी सड़कों की निगरानी लोक निर्माण विभाग करता है। शासन ने इस विभाग को नोडल बनाया है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति नजदीक होने के कारण शासन की ओर से इन दिनों सड़कों की मरम्मत के लिए खूब धनराशि जारी की जा रही है। शहर से गांव तक की सड़कों के चौड़ीकरण, मरम्मत और नवीनीकरण का काम चल रहा है। कुछ नई सड़कें भी बनाई जा रही हैं। सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कार्यदायी संस्था के कामों की मॉनीटरिंग नहीं होने से सड़कें समय से पहले ही खराब हो जा रही हैं।
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सीन एक : दुर्गागंज भौथर डीह से चौहान बस्ती और वनवासी बस्ती को जोड़ने वाली 800 मीटर सड़क जिला पंचायत ने बनाया है। लगभग 12 लाख की लागत से बीते साल अक्तूबर में इस सड़क का नवीनीकरण हुआ था। इस सड़क पर घास उग आई है। इस सड़क से हर दिन लगभग 700 लोगों का आवागमन होता है।
सीन दो : सुरियावां नगर में अटल चौराहा से गल्लामंडी होते हुए त्रिमुहानी तक बनी 650 मीटर सीसी रोड डेढ़ महीने में ही खराब होने लगी है। इस सड़क पर कई जगहों पर बालू और सीमेंट हट गए हैं। सिर्फ गिट्टी दिखाई दे रही है। सड़क का निर्माण 69 लाख की लागत से हुआ है। इस सड़क से हर दिन 20 से 25 हजार लोग आते-जाते हैं।

सीन तीन :
चौरी क्षेत्र के लठिया-सुहरन मार्ग की मरम्मत सात महीने पहले 22 लाख की लागत से हुई थी। इस सड़क की गिट्टियां कई स्थानों पर उखड़ गई है। यह सड़क कपसेठी और महाराजगंज होते हुए हाईवे को जोड़ता है। इस सड़क से 40 से 45 हजार लोग आवागमन करते हैं।

मरम्मत वाली सड़क की पांच साल, नई सड़क की सात साल की होती है गारंटी
पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई योगेंद्र कुमार ने बताया कि सड़कों के नवीनीकरण, मरम्मत और नई सड़कों के अलग-अलग मानक होते हैं। नई सड़क बनी है तो उसकी सात साल तक की गारंटी होती है। वहीं, नवीनीकरण या मरम्मत वाली सड़क की गारंटी पांच साल होती है। हालांकि, मरम्मत वाली सड़क की दो से तीन साल बाद फिर से एक बार मरम्मत की जाती है। इसके लिए अलग से बजट बनाया जाता है।
इस कारण समय से पहले खराब होती हैं सड़कें
- कार्यदायी संस्था की ओर से गुणवत्ता की अनदेखी
- कार्यदायी संस्था की ओर से मेटेरियल की कमी
- क्षमता से अधिक भारी वाहनों का आवागमन
- कम आवागमन के कारण सड़क पर घासों का उगना
- अधिकारियों की ओर से नियमित मॉनीटरिंग न होना

निर्माण कार्य के दौरान मानकों की अनदेखी के कारण सड़कों की गुणवत्ता खराब होती है। जो सड़के समय से पहले खराब हुई हैं। कार्यदायी संस्था को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। कार्यदायी संस्था से उसकी दोबारा मरम्मत कराई जाएगी। - संदीप सरोज, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
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