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Bhadohi News: जल जीवन मिशन में लापरवाही, कार्यदायी संस्था के खिलाफ शासन को पत्र
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उमरहा में जल जीवन मिशन की अधूरी पानी टंकी। संवाद
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ज्ञानपुर। जिले में जल जीवन मिशन परियोजना का काम करा रही कार्यदायी संस्था वेलस्पन और जीइंफ्रा की मुश्किलें बढ़ गई है। लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर अधिशासी अभियंता जल निगम राजबली ने दोनों संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। शिकायतें मिलने पर गत दिनों समीक्षा बैठक में डीएम ने नाराजगी जताई थी।
बढ़ती जनसंख्या के साथ पानी की समस्या भी बढ़ रही है।कई क्षेत्रों में आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड की मात्रा पानी में बढ़ने से लोगों में बीमारियां भी हो रही हैं। ऐसे में लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरुआत की। इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से पेयजल टंकियां स्थापित कर घर-घर पानी पहुंचाना है।
पहले चरण में साल 2021 में 82 परियोजनाएं स्वीकृत हुई थीं। तीन चरण में 399 परियोजनाओं का काम पूरा करना है। इसकी जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था वेलस्पन और जीइंफ्रा को सौंपी गई है। करीब दो से तीन साल तक काम तेजी से हुआ, लेकिन अक्टूबर 2024 के बाद से ही प्रगति धीमी है। हालत यह है कि 239 परियोजनाओं की टंकियों निर्माण कार्य अधूरा है। पिछली कई बैठकों में समय काम पूरा कराकर बस्तियों में जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब भी स्थिति ठीक नहीं है। लापरवाही को देखते हुए जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्थाओं पर कार्रवाई का निर्देश दिया। अब दोनों संस्थाओं के खिलाफ शासन को पत्र लिखा गया है। प्रभारी अधिशासी अभियंता राजबली ने बताया कि काम की प्रगति ठीक न होने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। बताया कि कुल 759 गांवों में पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है, लेकिन अब तक 452 गांवों में ही पहुंच सका है।
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बढ़ती जनसंख्या के साथ पानी की समस्या भी बढ़ रही है।कई क्षेत्रों में आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड की मात्रा पानी में बढ़ने से लोगों में बीमारियां भी हो रही हैं। ऐसे में लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरुआत की। इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से पेयजल टंकियां स्थापित कर घर-घर पानी पहुंचाना है।
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पहले चरण में साल 2021 में 82 परियोजनाएं स्वीकृत हुई थीं। तीन चरण में 399 परियोजनाओं का काम पूरा करना है। इसकी जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था वेलस्पन और जीइंफ्रा को सौंपी गई है। करीब दो से तीन साल तक काम तेजी से हुआ, लेकिन अक्टूबर 2024 के बाद से ही प्रगति धीमी है। हालत यह है कि 239 परियोजनाओं की टंकियों निर्माण कार्य अधूरा है। पिछली कई बैठकों में समय काम पूरा कराकर बस्तियों में जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब भी स्थिति ठीक नहीं है। लापरवाही को देखते हुए जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्थाओं पर कार्रवाई का निर्देश दिया। अब दोनों संस्थाओं के खिलाफ शासन को पत्र लिखा गया है। प्रभारी अधिशासी अभियंता राजबली ने बताया कि काम की प्रगति ठीक न होने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। बताया कि कुल 759 गांवों में पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है, लेकिन अब तक 452 गांवों में ही पहुंच सका है।