मनोज कुमार गुप्ता ज्ञानपुर (भदोही)। इरादे अगर पक्के हों तो मंजिल खुद राह तलाश लेती है। डीघ ब्लॉक के धनापुर उत्तरी कंपोजिट विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं वंशिका, आराधना, सुनैना और काजल कजाकिस्तान में होने वाली अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाएंगी। 6 से 11 अप्रैल तक अल्माटी में आयोजित प्रतियोगिता में 20 देशों की 30 टीमें भाग लेंगी।
रविवार को कक्षा छह की छात्रा सुनैना (12) और कक्षा आठ की छात्रा वंशिका (12), आराधना (13) और काजल ने वर्ल्ड स्कूल टीम चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट वाराणसी से उड़ान भरी। वंशिका के पिता अरविंद कुमार सब्जी बेचते हैं तो सुनैना के पिता बनारसी नाई का काम करते हैं। काजल के पिता राजदेव और आराधना के पिता शिवलाल कालीन बुनाई का काम करते हैं। बेटियों की इस उपलब्धि पर परिजन फूले नहीं समा रहे हैं। उनका कहना है कि हमें अपनी बेटियाें पर गर्व है।
श्रीजन हब फाउंडेशन के निदेशक अमन गुप्ता ने बताया कि वर्ल्ड चेस ऑर्गनाइजेशन की ओर से चेस इन एजुकेशन थीम के तहत वंशिका, आराधना, सुनैना और काजल को वाइल्ड कार्ड से एंट्री मिली है। आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला शतरंज प्रतियोगिता में 200 खिलाड़ियों के बीच वंशिका, आराधना, सुनैना और काजल ने पहला स्थान पाया था। संस्था के मैनेजर प्रभात यादव ने बताया कि पहली बार विदेश यात्रा पर जाने वाली चारों छात्राओं के दस्तावेज उपलब्ध कराने में जिलाधिकारी शैलेश कुमार का सहयोग रहा। निदेशक अमन गुप्ता ने बताया कि ऐसा पहली बार है, जब उत्तर भारत से किसी का चयन इस प्रतियोगिता में हुआ है। डीएम ने चारों बेटियों को शुभकामनाएं दी हैं। संवाद