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Bijnor News: क्षेत्र में 8261 लोगों को जख्मी कर चुके कुत्ते, बिल्ली और बंदर

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 01:01 AM IST
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Dogs, cats and monkeys have injured 8261 people in the area.
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कुत्तों के आतंक से बचाव को कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा सिस्टम
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पिछले साल की तुलना में 927 मामले अधिक
साल 2024-25 में 7534 लोगों को किया था जख्मी
संवाद न्यूज एजेंसी



धामपुर। क्षेत्र में कुत्ते, बिल्ली और बंदरों का आतंक है। इन्होंने 2024-25 में 7534 लोगों को हमला कर जख्मी किया था। इस साल दिसंबर तक 8261 लोगों को जख्मी कर चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में 927 अधिक हैं। लोगों का कहना है कि सिस्टम को अवगत कराने के बाद भी कुछ नहीं किया जा रहा है।
नगर के विजय कुमार, करन सिंह, गौरव कुमार, दिनेश कुमार, महेंद्र कुमार आदि ने बताया कि नगर क्षेत्र में बिल्ली, बंदर और कुत्तों का खतरा ज्यादा बढ़ गया है। इनकी आक्रामकता का पता नहीं चल पाता। लोगों को इनके स्वभाव को पहचान कर दूर रहने की आवश्यकता है। इनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़खानी करना ठीक नहीं हैं। छेड़खानी करने का प्रयास किया जाएगा तो यह और ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं। अस्पताल में रेबीज इंजेक्शनों की कोई भी कमी नहीं है।
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पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अंकित कुमार ने बताया कि साल 2024- 25 में 7534 महिला-पुरुष और बच्चों को हमला कर बंदरों, कुत्तों और बिल्लियाें ने हमला कर जख्मी किया था। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इनमें अप्रैल में 813, मई 853, जून में 914, जुलाई में 775, अगस्त में 815 सितंबर में 731, अक्टूबर में 746, नवंबर में 307, दिसंबर में 368 ,जनवरी में 395, फरवरी में 401 और मार्च में 406 लोगों का हमला कर जख्मी किया था। साल- 2025-26 में 20 दिसंबर 2025 तक 8461 लोग अब तक जख्मी हुए हैं। पिछले साल भी जून 2024 में सबसे ज्यादा 914 लोग जख्मी हुए थे, जबकि नवंबर 2025 में अन्य महीनों की तुलना में सबसे अधिक 1067 लोग जख्मी हुए हैं।
- अस्पताल में नहीं है रेबीज इंजेक्शनों का टोटा : डाॅ.अंकित कुमार
पीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डॉ. अंकित कुमार का कहना है कि सोमवार को 72 और मंगलवार को 84 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। अस्पताल में इंजेक्शनों का कोई टोटा नहीं है, जो मरीज आ रहा है। उसे रेबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
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