{"_id":"6a4d4a951572b6a2af0d4054","slug":"electricity-load-increased-overnight-bijnor-news-c-27-1-smrt1008-184438-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: रातों-रात बढ़ गया बिजली का लोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: रातों-रात बढ़ गया बिजली का लोड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। जिले के हजारों बिजली उपभोक्ताओं के मोबाइल पर पिछले दो-तीन दिनों से बिजली कनेक्शन का स्वीकृत भार (लोड) बढ़ाए जाने के संदेश पहुंच रहे हैं। बिना पूर्व सूचना आए इन संदेशों से उपभोक्ता हैरान हैं। एक किलोवाट लोड बढ़ने से उपभोक्ताओं को प्रतिमाह करीब 85 रुपये अतिरिक्त फिक्स चार्ज देना होगा। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है और उन्होंने ऊर्जा निगम से निर्णय की समीक्षा की मांग की है।
जनपद में करीब सात लाख सभी श्रेणी के विद्युत उपभोक्ता हैं। इनमें एक लाख 10 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। फिलहाल स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को ही लोड बढ़ने के मैसेज मिल रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं के यहां अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, उन्हें इसका पता अगला बिजली बिल आने पर चल सकेगा।
ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार जिन उपभोक्ताओं ने लंबे समय तक अपने स्वीकृत भार से अधिक बिजली की खपत की है, उनके कनेक्शनों का लोड मुख्यालय स्तर से बढ़ाया गया है। बिजली टैरिफ के प्रावधानों के तहत पिछले वित्तीय वर्ष की मासिक अधिकतम डिमांड के आधार पर पात्र उपभोक्ताओं का स्वीकृत भार स्वतः अपडेट किया गया है। ऐसे मामलों में ओवरलोड की स्थिति लगातार मिलने पर सरचार्ज का भी प्रावधान है। हालांकि जिला स्तर के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर से किसी भी उपभोक्ता के कनेक्शन का भार नहीं बढ़ाया गया है। यह कार्रवाई मुख्यालय से की गई है।
विज्ञापन
ये बोले उपभोक्ता
उपभोक्ता केशव सिंह और अधिवक्ता राजीव धीमान का कहना है कि पहले से ही बिजली महंगी है। अब बिना जानकारी और सहमति के लोड बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी कई उपभोक्ता अधिक बिल की शिकायत कर चुके हैं।
उपभोक्ता अमित कुमार ने कहा कि बिना पूर्व सूचना या सहमति के बिजली कनेक्शन का भार बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने ऊर्जा निगम से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की।
एक वर्ष का भार देखा गया: अजय कुमार
विद्युत अधिशासी अभियंता अजय कुमार कैम ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं की पिछले एक वर्ष से अधिकतम बिजली मांग लगातार स्वीकृत भार से अधिक रही, उनके कनेक्शन का लोड मुख्यालय स्तर से बढ़ाया गया है। इसमें जिला कार्यालय की कोई भूमिका नहीं है।
ऐसे बढ़ाया बिजली कनेक्शन का लोड
बिजली विभाग के अनुसार पिछले एक वर्ष की अधिकतम बिजली मांग (मैक्सिमम डिमांड) का विश्लेषण किया गया। जिन उपभोक्ताओं ने स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली का लगातार उपयोग किया, उनका लोड स्वतः बढ़ा दिया गया।
विज्ञापन
जनपद में करीब सात लाख सभी श्रेणी के विद्युत उपभोक्ता हैं। इनमें एक लाख 10 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। फिलहाल स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को ही लोड बढ़ने के मैसेज मिल रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं के यहां अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, उन्हें इसका पता अगला बिजली बिल आने पर चल सकेगा।
विज्ञापन
ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार जिन उपभोक्ताओं ने लंबे समय तक अपने स्वीकृत भार से अधिक बिजली की खपत की है, उनके कनेक्शनों का लोड मुख्यालय स्तर से बढ़ाया गया है। बिजली टैरिफ के प्रावधानों के तहत पिछले वित्तीय वर्ष की मासिक अधिकतम डिमांड के आधार पर पात्र उपभोक्ताओं का स्वीकृत भार स्वतः अपडेट किया गया है। ऐसे मामलों में ओवरलोड की स्थिति लगातार मिलने पर सरचार्ज का भी प्रावधान है। हालांकि जिला स्तर के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर से किसी भी उपभोक्ता के कनेक्शन का भार नहीं बढ़ाया गया है। यह कार्रवाई मुख्यालय से की गई है।
विज्ञापन
ये बोले उपभोक्ता
उपभोक्ता केशव सिंह और अधिवक्ता राजीव धीमान का कहना है कि पहले से ही बिजली महंगी है। अब बिना जानकारी और सहमति के लोड बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी कई उपभोक्ता अधिक बिल की शिकायत कर चुके हैं।
उपभोक्ता अमित कुमार ने कहा कि बिना पूर्व सूचना या सहमति के बिजली कनेक्शन का भार बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने ऊर्जा निगम से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की।
एक वर्ष का भार देखा गया: अजय कुमार
विद्युत अधिशासी अभियंता अजय कुमार कैम ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं की पिछले एक वर्ष से अधिकतम बिजली मांग लगातार स्वीकृत भार से अधिक रही, उनके कनेक्शन का लोड मुख्यालय स्तर से बढ़ाया गया है। इसमें जिला कार्यालय की कोई भूमिका नहीं है।
ऐसे बढ़ाया बिजली कनेक्शन का लोड
बिजली विभाग के अनुसार पिछले एक वर्ष की अधिकतम बिजली मांग (मैक्सिमम डिमांड) का विश्लेषण किया गया। जिन उपभोक्ताओं ने स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली का लगातार उपयोग किया, उनका लोड स्वतः बढ़ा दिया गया।