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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Fields, farmyards, and crops in the Ganga Khadar region have been devastated by erosion.

Bijnor News: कटान की जद में आए गंगा खादर में खेत-खलिहान, फसल भी चौपट

Fri, 14 Aug 2026 01:29 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 01:29 AM IST
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Fields, farmyards, and crops in the Ganga Khadar region have been devastated by erosion.
बालावाली में बाढ़ चौकी में लगा ताला संवाद
- खेतों का कटान करते हुए कुंदनपुर टीप की आबादी की ओर बढ़ रही गंगा की धारा
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- गलखा देवी मंदिर के पास भी हो रहा कटान, मंदिर परिसर में स्थापित मूर्ति भी खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडावर/चंदक। गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का बिजनौर की धरती पर अलग-अलग असर होता है। बालावाली से बिजनौर बैराज तक गंगा की धारा कटान करती है जबकि जलीलपुर ब्लॉक के 10 से 12 गांव में बाढ़ लाती है। गंगा खादर में खेत खलिहान कटान की जद में आ चुके हैं। कुंदनपुर टीप गांव के खेतों का कटान करते हुए गंगा की धारा आबादी की तरफ बढ़ रही है। जबकि सुक्खापुर की आबादी से सटकर बह रही है।

बृहस्पतिवार को कुंदनपुर टीप के पूर्व प्रधान वीरेंद्र ने बताया कि उनकी चार बीघा जमीन में गन्ने की फसल थी। अब पिछले दिनों से हो रहे कटान कारण उनकी चार बीघा जमीन में से दो बीघा गंगा में समा चुकी है। बाकी बची दो बीघा जमीन बचने की उम्मीद नहीं लग रही है। उन्होंने बताया कि उनके अलावा गांव के कई लोगों की जमीन फसल समेत गंगा में समा चुकी है। इसके साथ ही आस पास के गांव के जमीनों पर भी कटान का खतरा मंडराया हुआ है।
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उधर गंगा की धारा कटान करते हुए कुंदनपुर टीप की आबादी की तरफ बढ़ रही है। आबादी से करीब 200 मीटर दूर ही धारा रह गई है। अगर पहाड़ पर बारिश होती रही तो कटान का सिलसिला भी चलता रहेगा। पूर्व प्रधान ने बताया कि अगर प्रशासन और सिंचाई विभाग ने तुरंत कटान रोकने के ठोस इंतजाम नहीं किए तो और भी अधिक जमीन तथा फसलें नदी में समा जाएंगी।
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- पानी की तेज रफ्तार बढ़ा रही गांव वालों की चिंता
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे खतरा और गहरा हो गया है। उधर गंगा की धारा की तेज रफ्तार भी चिंता बढ़ा रही है। लोगों ने बताया कि हर साल बाढ़ और कटान से किसानों की कमर टूट जाती है।


बालावाली में बदल गया रुख
पिछले साल बालावाली पुल के पास गंगा ने सैकड़ों बीघा जमीन का कटान कर दिया था। तेल की पाइप लाइन भी तोड़ दी थी। उधर, रेल ट्रैक पर भी खतरा मंडराते देख पूरे साल रेलवे ने कटान निरोधी काम किए। मगर अबकी बार बालावाली में धारा का रुख बदल चुका है। पिछले साल जिस जगह कटान था, अबकी बार नहीं है।

बालावाली में बाढ़ चौकी में लगा ताला संवाद

बालावाली में बाढ़ चौकी में लगा ताला संवाद

बालावाली में बाढ़ चौकी में लगा ताला संवाद

बालावाली में बाढ़ चौकी में लगा ताला संवाद

बालावाली में बाढ़ चौकी में लगा ताला संवाद

बालावाली में बाढ़ चौकी में लगा ताला संवाद

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