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Bijnor News: नदी के बहाव में दो मगरमच्छों से हाथी के बच्चे के शव को बचाने में कामयाब रहे वनकर्मी

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 12:49 AM IST
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Forest workers managed to rescue the carcass of a baby elephant from two crocodiles in the river.
नदी के बहाव में दो मगरमच्छों से हाथी के बच्चे के शव को बचाने में कामयाब रहे वनकर्मी वाली खबर के
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कालागढ़। कालागढ़ में रामगंगा नदी के पानी के तेज बहाव में बहकर आए हाथी के बच्चे के शव को दो मगरमच्छों द्वारा खाने से बचाने में वन कर्मी कामयाब रहे। गश्ती दल और अधिकारी मगरमच्छों की निगरानी करते रहे।
सोमवार को कालागढ़ में रामगंगा नदी में पानी के बहाव के साथ हाथी का एक बच्चा बहता हुआ स्टील ब्रिज के नीचे से अफजलगढ़ बैराज के तल में आकर पत्थरों में अटक गया था। इस दौरान बच्चा मर चुका था। गश्ती दलों ने बच्चे के शव को रस्सी से खींचकर नदी से निकाला था। पोस्टमार्टम कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा हल्द्वानी के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल सती ने किया।
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चिकित्सकों ने हाथी के बच्चे की उम्र तीन से चार वर्ष आंकी है। शव पर नदी में घिसटने के निशान हैं। कहीं चोट नहीं है। किसी बीमारी आदि का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने पर ही चलेगा। चिकित्सकों ने शव का बिसरा डीएनए आदि जांच के लिए बरेली की प्रयोगशाला भेजा है। घटनास्थल के आसपास किसी भी प्रकार की अवैध शिकार/संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। शव के निस्तारण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया की गई। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी राजेन्द्र चकरायत, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ नवीन अग्रवाल, निरपेन्द्र सैनी और गश्ती दल मौजूद रहे।
रोमांचकारी रही शव की निगरानी
कालागढ़ उप प्रभागीय वनाधिकारी अनामिका बुक्करवाल के अनुसार सोनानदी रेंज के कालागढ़ पश्चिमी बीट के नलकटा ब्लाॅक में कक्ष संख्या–8 में अफजलगढ़ बैराज में मगरमच्छ, विशालकाय कछुए, मछलियां आदि मौजूद हैं। हाथी के बच्चे का पीछा दो मगरमच्छ नदी में कर रहे थे। वह उसे खाना चाहते थे। गश्ती दल में मौजूद कर्मी शव को उनसे दूर करने में लगे रहे। क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है। वन्यजीव संरक्षण तथा मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए निर्देश दिए गए हैं। ऐसी घटनाएं वन्य जीवन की समृद्धि को दर्शाती हैं।
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