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Bijnor News: 6.20 से 42 लाख पार...179 साल में सात गुना हुई जिले की आबादी
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। कभी बिजनौर जिले की आबादी महज 6.20 लाख थी जो अब 42 लाख से अधिक की दहलीज पर पहुंच गया है। विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या के ऐतिहासिक आंकड़ों की पड़ताल बताती है कि 179 वर्षों में जिले की आबादी करीब सात गुना बढ़ गई। इसके साथ ही गांवों, कस्बों और शहरों का स्वरूप भी पूरी तरह बदल गया।
जिले के गजेटियर के अनुसार वर्ष 1847 में बिजनौर की पहली व्यवस्थित जनगणना में आबादी छह लाख 20 हजार 552 दर्ज की गई थी। उस समय जिले में 1976 गांव और कस्बे थे। शहरी आबादी केवल 99 हजार 275 यानी कुल आबादी का लगभग 16 प्रतिशत थी। अधिकांश गांवों की आबादी एक हजार से कम थी और जनसंख्या का दबाव भी सीमित था।
हालांकि इसके बाद जिले की जनसंख्या वृद्धि का सफर हमेशा एक जैसा नहीं रहा। 1865, 1881 और 1901 के आसपास बाढ़, अकाल, महामारी और पलायन के कारण कुछ वर्षों में आबादी घटी भी लेकिन आजादी के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी और जीवन प्रत्याशा बढ़ने के साथ जनसंख्या तेजी से बढ़ी। वर्ष 1971 तक जिले की आबादी 14.90 लाख हो गई।
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2011 की जनगणना में बिजनौर की आबादी बढ़कर 36 लाख 82 हजार 713 पहुंच गई। इनमें 19.21 लाख पुरुष और 17.61 लाख महिलाएं शामिल थीं। जिले की 74.9 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और 25.1 प्रतिशत शहरी क्षेत्र में निवास करती थी। जनसंख्या घनत्व 807 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर तथा साक्षरता दर 68.5 प्रतिशत दर्ज की गई।
वर्ष 2011 के बाद आधिकारिक जनगणना नहीं हुई है, लेकिन प्रशासनिक और जनसंख्या वृद्धि के अनुमानों के अनुसार जिले की आबादी 42 लाख से अधिक मानी जा रही है। यानी 2011 के बाद भी करीब पांच लाख से अधिक लोगों की बढ़ोतरी का अनुमान है। नई जनगणना के आंकड़े आने के बाद जिले की वास्तविक आबादी की तस्वीर स्पष्ट होगी।
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बिजनौर। कभी बिजनौर जिले की आबादी महज 6.20 लाख थी जो अब 42 लाख से अधिक की दहलीज पर पहुंच गया है। विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या के ऐतिहासिक आंकड़ों की पड़ताल बताती है कि 179 वर्षों में जिले की आबादी करीब सात गुना बढ़ गई। इसके साथ ही गांवों, कस्बों और शहरों का स्वरूप भी पूरी तरह बदल गया।
जिले के गजेटियर के अनुसार वर्ष 1847 में बिजनौर की पहली व्यवस्थित जनगणना में आबादी छह लाख 20 हजार 552 दर्ज की गई थी। उस समय जिले में 1976 गांव और कस्बे थे। शहरी आबादी केवल 99 हजार 275 यानी कुल आबादी का लगभग 16 प्रतिशत थी। अधिकांश गांवों की आबादी एक हजार से कम थी और जनसंख्या का दबाव भी सीमित था।
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हालांकि इसके बाद जिले की जनसंख्या वृद्धि का सफर हमेशा एक जैसा नहीं रहा। 1865, 1881 और 1901 के आसपास बाढ़, अकाल, महामारी और पलायन के कारण कुछ वर्षों में आबादी घटी भी लेकिन आजादी के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी और जीवन प्रत्याशा बढ़ने के साथ जनसंख्या तेजी से बढ़ी। वर्ष 1971 तक जिले की आबादी 14.90 लाख हो गई।
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2011 की जनगणना में बिजनौर की आबादी बढ़कर 36 लाख 82 हजार 713 पहुंच गई। इनमें 19.21 लाख पुरुष और 17.61 लाख महिलाएं शामिल थीं। जिले की 74.9 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और 25.1 प्रतिशत शहरी क्षेत्र में निवास करती थी। जनसंख्या घनत्व 807 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर तथा साक्षरता दर 68.5 प्रतिशत दर्ज की गई।
वर्ष 2011 के बाद आधिकारिक जनगणना नहीं हुई है, लेकिन प्रशासनिक और जनसंख्या वृद्धि के अनुमानों के अनुसार जिले की आबादी 42 लाख से अधिक मानी जा रही है। यानी 2011 के बाद भी करीब पांच लाख से अधिक लोगों की बढ़ोतरी का अनुमान है। नई जनगणना के आंकड़े आने के बाद जिले की वास्तविक आबादी की तस्वीर स्पष्ट होगी।