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Bijnor News: बजट में कई बड़ी घोषणाएं, किसानों ने बताया नाकाफी
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बिजनौर। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार सदन में बजट 2026 पेश किया। बजट में किसानों के लिए कई योजनाएं व बजट आवंटित किया। बजट के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा करने पर जोर दिया। मत्स्य पालन, पशुपालन आदि को बढ़ावा देने की बात कही गई परंतु किसान नेताओं का कहना है कि बजट में किसानों का जिक्र है नई योजना या किसानों की फसलों के दाम को लेकर बिल या पश्चिम यूपी के किसानों के लिए सीधा लाभ पहुंचाने की घोषणा नहीं है। बजट पर किसान नेताओं की प्रक्रिया-
बजट 2026 एक बार फिर किसानों की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह विफल साबित हुआ। देश की रीढ़ कहे जाने वाले अन्नदाता की आमदनी बढ़ाने, लागत घटाने और फसल का वाजिब दाम दिलाने को लेकर बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। कर्ज, महंगाई, महंगी खाद-बीज और डीजल की मार झेल रहे किसानों को इस बजट से राहत की जगह केवल निराशा और मायूसी हाथ लगी है। - नितिन सिरोही जिलाध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक।
यह बजट किसानों की समझ से परे है। बजट में पश्चिम यूपी के गेहूं, गन्ना, दलहन आदि फसलों का जिक्र नहीं है। किसानों के उत्थान व आय की बढ़ोतरी के लिए कोई ठोस नीति नहीं दिखाई दी। किसानों को हर बार बजट में निराशा ही मिलती है। किसान आज भी अपने हक और सम्मानजनक आय के इंतजार में खड़ा है। -सुनील प्रधान, जिलाध्यक्ष भाकियू टिकैत।
बजट में कोई किसान के लिए राहत भरा बजट नहीं है। एमएसपी भी लागू नहीं किया गया और खाद की बोरी की सब्सिडी खतों में आएगी। यह भी धीरे-धीरे गैस के सिलिंडरों की तरह गायब हो जाएगी। बजट में किसानों का जिक्र किया गया परंतु किसानों के उत्थान के लिए कोई ठोस कदम नहीं दिखाई दिया। -महिपाल तोमर, राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय किसान यूनियन
किसानों को बजट से निराशा मिली है। भारत विस्तार के नाम से एक बहुभाषी एआई आधारित कृषि सहायता प्रणाली जो किसानों को आधुनिक तकनीक और कृषि संसाधनों से जोड़ने के लिए तैयार की गई है। उसे किसानों को कोई सीधा लाभ नहीं मिलेगा। उत्पादकता बढ़ाने पशुपालन के लिए ऋण देने आदि के प्रावधान किए गए हैं। इससे न किसी कृषि यंत्रों में किसानों को कोई लाभ मिलेगा न ही उसकी फसलों के लाभकारी मूल्य मिलेंगे। -दिगंबर सिंह, युवा प्रदेशाध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक।
इस केंद्रीय बजट से किसानों को सरकार से बड़ी आशाएं थी, लेकिन किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने के नाम पर फिर से छला गया है। बजट में किसानों के लिए कुछ भी खास नहीं है। फिर से किसान अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। बजट किसानों के लिए निराशाजनक है।
-चौधरी वीर सिंह सहरावत जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति
बजट में किसानों को निराशा ही मिली। किसान आस लगाए बैठा था कि इस बजट में कर्ज माफ होगा और एमएसपी गारंटी कानून लागू होने की घोषणा होगी। परंतु किसानों के हित में जमीनी स्तर पर कुछ नहीं मिला। इस बजट से किसानों को निराशा ही मिली। - चौधरी महेंद्र सिंह मंडल उपाध्यक्ष भाकियू
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बजट 2026 एक बार फिर किसानों की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह विफल साबित हुआ। देश की रीढ़ कहे जाने वाले अन्नदाता की आमदनी बढ़ाने, लागत घटाने और फसल का वाजिब दाम दिलाने को लेकर बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। कर्ज, महंगाई, महंगी खाद-बीज और डीजल की मार झेल रहे किसानों को इस बजट से राहत की जगह केवल निराशा और मायूसी हाथ लगी है। - नितिन सिरोही जिलाध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक।
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यह बजट किसानों की समझ से परे है। बजट में पश्चिम यूपी के गेहूं, गन्ना, दलहन आदि फसलों का जिक्र नहीं है। किसानों के उत्थान व आय की बढ़ोतरी के लिए कोई ठोस नीति नहीं दिखाई दी। किसानों को हर बार बजट में निराशा ही मिलती है। किसान आज भी अपने हक और सम्मानजनक आय के इंतजार में खड़ा है। -सुनील प्रधान, जिलाध्यक्ष भाकियू टिकैत।
बजट में कोई किसान के लिए राहत भरा बजट नहीं है। एमएसपी भी लागू नहीं किया गया और खाद की बोरी की सब्सिडी खतों में आएगी। यह भी धीरे-धीरे गैस के सिलिंडरों की तरह गायब हो जाएगी। बजट में किसानों का जिक्र किया गया परंतु किसानों के उत्थान के लिए कोई ठोस कदम नहीं दिखाई दिया। -महिपाल तोमर, राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय किसान यूनियन
किसानों को बजट से निराशा मिली है। भारत विस्तार के नाम से एक बहुभाषी एआई आधारित कृषि सहायता प्रणाली जो किसानों को आधुनिक तकनीक और कृषि संसाधनों से जोड़ने के लिए तैयार की गई है। उसे किसानों को कोई सीधा लाभ नहीं मिलेगा। उत्पादकता बढ़ाने पशुपालन के लिए ऋण देने आदि के प्रावधान किए गए हैं। इससे न किसी कृषि यंत्रों में किसानों को कोई लाभ मिलेगा न ही उसकी फसलों के लाभकारी मूल्य मिलेंगे। -दिगंबर सिंह, युवा प्रदेशाध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक।
इस केंद्रीय बजट से किसानों को सरकार से बड़ी आशाएं थी, लेकिन किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने के नाम पर फिर से छला गया है। बजट में किसानों के लिए कुछ भी खास नहीं है। फिर से किसान अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। बजट किसानों के लिए निराशाजनक है।
-चौधरी वीर सिंह सहरावत जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति
बजट में किसानों को निराशा ही मिली। किसान आस लगाए बैठा था कि इस बजट में कर्ज माफ होगा और एमएसपी गारंटी कानून लागू होने की घोषणा होगी। परंतु किसानों के हित में जमीनी स्तर पर कुछ नहीं मिला। इस बजट से किसानों को निराशा ही मिली। - चौधरी महेंद्र सिंह मंडल उपाध्यक्ष भाकियू
