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Bijnor News: खेल विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद ने परीक्षा नीति को दी मंजूरी
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कार्यकारी परिषद की पहली बैठक शैक्षणिक विस्तार का निर्णय,खेल प्रतिभाओं को निखारने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की पहली बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार तथा उसके शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपायों को मंजूरी दी गई।
कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने खेल शिक्षा और खिलाड़ी विकास के लिए एक सशक्त शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा खेल विश्वविद्यालय की स्थापना खेल उत्कृष्टता के साथ शैक्षणिक प्रगति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। हमारा लक्ष्य ऐसा तंत्र विकसित करना है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्राप्त कर सकें। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों में विश्वविद्यालय की परीक्षा नीति को मंजूरी देना शामिल है, जिसका उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, समय पर परिणाम घोषित करना तथा मानकीकृत परीक्षा प्रणाली स्थापित करना है। परिषद ने विश्वविद्यालय के प्रारंभिक चरण में शैक्षणिक, प्रशासनिक और खेल प्रशिक्षण गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, कोच तथा अन्य कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति या संलग्नता के आधार पर नियुक्त करने की आवश्यकता और व्यवस्था को भी स्वीकृति दी।
शैक्षणिक योजना और संस्थागत विकास को सुदृढ़ करने के लिए कार्यकारी परिषद ने एक पेशेवर कंसल्टेंसी फर्म की सेवाएं लेने को भी मंजूरी दी। उत्तर प्रदेश राज्य खेल विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों को भी मंजूरी दी गई। चालू और आगामी शैक्षणिक सत्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क संरचना के ढांचे को भी स्वीकृति प्रदान की।भविष्य में खेल शिक्षा, खेल विज्ञान, कोचिंग और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना पर बात हुई। इस मौके लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई), ग्वालियर की कुलपति प्रो. कल्पना शर्मा, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर प्रो. बीसी कापरी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर प्रो. अरविंद मलिक, मेरठ के कृषि महाविद्यालय के डीन प्रो. विवेक धामा समेत आदि ने विचार रखे। यहां खेल विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील कुमार झा, भूपेश आदि रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की पहली बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार तथा उसके शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपायों को मंजूरी दी गई।
कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने खेल शिक्षा और खिलाड़ी विकास के लिए एक सशक्त शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा खेल विश्वविद्यालय की स्थापना खेल उत्कृष्टता के साथ शैक्षणिक प्रगति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। हमारा लक्ष्य ऐसा तंत्र विकसित करना है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्राप्त कर सकें। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों में विश्वविद्यालय की परीक्षा नीति को मंजूरी देना शामिल है, जिसका उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, समय पर परिणाम घोषित करना तथा मानकीकृत परीक्षा प्रणाली स्थापित करना है। परिषद ने विश्वविद्यालय के प्रारंभिक चरण में शैक्षणिक, प्रशासनिक और खेल प्रशिक्षण गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, कोच तथा अन्य कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति या संलग्नता के आधार पर नियुक्त करने की आवश्यकता और व्यवस्था को भी स्वीकृति दी।
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शैक्षणिक योजना और संस्थागत विकास को सुदृढ़ करने के लिए कार्यकारी परिषद ने एक पेशेवर कंसल्टेंसी फर्म की सेवाएं लेने को भी मंजूरी दी। उत्तर प्रदेश राज्य खेल विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों को भी मंजूरी दी गई। चालू और आगामी शैक्षणिक सत्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क संरचना के ढांचे को भी स्वीकृति प्रदान की।भविष्य में खेल शिक्षा, खेल विज्ञान, कोचिंग और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना पर बात हुई। इस मौके लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई), ग्वालियर की कुलपति प्रो. कल्पना शर्मा, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर प्रो. बीसी कापरी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर प्रो. अरविंद मलिक, मेरठ के कृषि महाविद्यालय के डीन प्रो. विवेक धामा समेत आदि ने विचार रखे। यहां खेल विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील कुमार झा, भूपेश आदि रहे।