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Bijnor News: स्योहारा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सर्वेक्षण शुरू
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स्योहारा। शहर को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में स्योहारा नगर पालिका ने मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से नालों में बहने वाले दूषित पानी का उपचार कर उसे दोबारा उपयोग में लाया जाएगा, जिससे न सिर्फ प्रदूषण रुकेगा बल्कि जल संरक्षण को भी नई दिशा मिलेगी।
नगर पालिका परिषद और जल निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में सर्वेक्षण कार्य किया गया। अधिकारियों ने मौके पर परियोजना की प्रगति और उसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश भी दिए। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत मंडोरी रोड पर अस्थाई गोशाला के समीप स्थित 12 बीघा बंजर भूमि को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए संरक्षित किया गया है। इस प्लांट का निर्माण 12 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जाएगा। जल निगम के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर उसे उपयुक्त पाया, जिसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
परियोजना के तहत भविष्य में शहर के नालों से निकलने वाला प्रतिदिन लगभग 6 मिलियन लीटर (एमएलडी) गंदा पानी सीवरेज पाइप लाइन के माध्यम से प्लांट तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका शोधन किया जाएगा। उपचारित पानी का उपयोग कृषि सिंचाई और अन्य गैर-पीने योग्य कार्यों में किया जाएगा। इससे न केवल जल निकायों को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा, बल्कि भूमिगत जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
नगर पालिका के ईओ विजेन्द्र सिंह पाल ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में उच्च गुणवत्ता के साथ गंदे पानी का उपचार किया जाएगा। उपचारित जल पर्यावरण के लिए सुरक्षित होगा और निर्माण कार्यों, सफाई व्यवस्था, कृषि, बागवानी, पार्क व गार्डन की सिंचाई जैसे कार्यों में उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि नगर पालिका इस उपचारित जल को न्यूनतम टोकन दर पर प्रति टैंकर उपलब्ध कराएगी। इससे स्वच्छ जल की बचत के साथ-साथ नगर की सफाई और हरित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।व
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इस महत्वाकांक्षी परियोजना से नालों में बहने वाले दूषित पानी का उपचार कर उसे दोबारा उपयोग में लाया जाएगा, जिससे न सिर्फ प्रदूषण रुकेगा बल्कि जल संरक्षण को भी नई दिशा मिलेगी।
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नगर पालिका परिषद और जल निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में सर्वेक्षण कार्य किया गया। अधिकारियों ने मौके पर परियोजना की प्रगति और उसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश भी दिए। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत मंडोरी रोड पर अस्थाई गोशाला के समीप स्थित 12 बीघा बंजर भूमि को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए संरक्षित किया गया है। इस प्लांट का निर्माण 12 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जाएगा। जल निगम के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर उसे उपयुक्त पाया, जिसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
परियोजना के तहत भविष्य में शहर के नालों से निकलने वाला प्रतिदिन लगभग 6 मिलियन लीटर (एमएलडी) गंदा पानी सीवरेज पाइप लाइन के माध्यम से प्लांट तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका शोधन किया जाएगा। उपचारित पानी का उपयोग कृषि सिंचाई और अन्य गैर-पीने योग्य कार्यों में किया जाएगा। इससे न केवल जल निकायों को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा, बल्कि भूमिगत जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
नगर पालिका के ईओ विजेन्द्र सिंह पाल ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में उच्च गुणवत्ता के साथ गंदे पानी का उपचार किया जाएगा। उपचारित जल पर्यावरण के लिए सुरक्षित होगा और निर्माण कार्यों, सफाई व्यवस्था, कृषि, बागवानी, पार्क व गार्डन की सिंचाई जैसे कार्यों में उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि नगर पालिका इस उपचारित जल को न्यूनतम टोकन दर पर प्रति टैंकर उपलब्ध कराएगी। इससे स्वच्छ जल की बचत के साथ-साथ नगर की सफाई और हरित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।व
