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Bijnor News: रामगंगा नदी के तट घड़ियाल से हो रहे गुलजार
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पारिस्थितिकी तंत्र में विशेष भूमिका निभाते हैं जलचर घड़ियाल व मगरमच्छ वाली खबर का फोटोकालागढ़
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- नदी के बाहर आने से पर्यटकों में उत्साह
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के बीच से होकर बह रही रामगंगा नदी इन दिनों घड़ियाल व मगरमच्छों से गुलजार है। नदी के तटों पर घड़ियाल नजर आने से पर्यटकों में जलचर के लिए उत्साह है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के वनों के बीच से होकर बहती रामगंगा के तटों पर इन दिनों घड़ियाल दिखाई दे रहे हैं। ढिकाला, गैरल व कालागढ़ क्षेत्र में जलीय जीव पर्यटकों व लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बदलते मौसम में पानी की सतह से यह जीव पानी से बाहर आ रहे हैं। काफी देर तक तटों पर धूप सेंकते नजर आ रहे हैं। कालागढ़ में सैडल बांध, रामगंगा बांध, अफजलगढ़ बैराज व स्टील ब्रिज क्षेत्र में जलीय जीवों से नदी गुलजार हो रही है।
-- पर्यावरण की शुद्धता का प्रतीक
घड़ियाल स्वच्छ जल में ही निवास करना अच्छा समझते हैं। यह स्वभाव से कुछ शर्मीले होते हैं। सामान्य रूप से यह कम ही दिखाई देते हैं। इनकी पहचान इनके लंबे मुंह से होती है। रामगंगा नदी इनका विशेष प्राकृतवास बनी है।
- रामगंगा नदी में 183 घड़ियाल व 197 मगरमच्छ दर्ज
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वार्डन बिंदरपाल के अनुसार रामगंगा नदी में जलीय जीवों की गणना 2024 में की गई थी। तब नदी में 183 घड़ियाल व 197 मगरमच्छ पाए गए थे। वर्तमान में इनकी संख्या बढ़ सकती है। इनका संरक्षण किया जा रहा है। गश्ती दल इन पर निगरानी रखते हैं। यहां टाइगर रिजर्व व राष्ट्रीय उद्यान के नियम लागू हैं। यह दोनों ही जीव यहां नदी में खूब अठखेलियां करते दिखाई देते हैं। इनके संरक्षण में सहयोग की आम जनता से आशा की जाती है।
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कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के वनों के बीच से होकर बहती रामगंगा के तटों पर इन दिनों घड़ियाल दिखाई दे रहे हैं। ढिकाला, गैरल व कालागढ़ क्षेत्र में जलीय जीव पर्यटकों व लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बदलते मौसम में पानी की सतह से यह जीव पानी से बाहर आ रहे हैं। काफी देर तक तटों पर धूप सेंकते नजर आ रहे हैं। कालागढ़ में सैडल बांध, रामगंगा बांध, अफजलगढ़ बैराज व स्टील ब्रिज क्षेत्र में जलीय जीवों से नदी गुलजार हो रही है।
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घड़ियाल स्वच्छ जल में ही निवास करना अच्छा समझते हैं। यह स्वभाव से कुछ शर्मीले होते हैं। सामान्य रूप से यह कम ही दिखाई देते हैं। इनकी पहचान इनके लंबे मुंह से होती है। रामगंगा नदी इनका विशेष प्राकृतवास बनी है।
- रामगंगा नदी में 183 घड़ियाल व 197 मगरमच्छ दर्ज
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वार्डन बिंदरपाल के अनुसार रामगंगा नदी में जलीय जीवों की गणना 2024 में की गई थी। तब नदी में 183 घड़ियाल व 197 मगरमच्छ पाए गए थे। वर्तमान में इनकी संख्या बढ़ सकती है। इनका संरक्षण किया जा रहा है। गश्ती दल इन पर निगरानी रखते हैं। यहां टाइगर रिजर्व व राष्ट्रीय उद्यान के नियम लागू हैं। यह दोनों ही जीव यहां नदी में खूब अठखेलियां करते दिखाई देते हैं। इनके संरक्षण में सहयोग की आम जनता से आशा की जाती है।
